सरकारी स्कूलों के बच्चों के सपनों को उड़ान देने वाली Mission Buniyad परीक्षा… जहाँ रट्टा नहीं, समझ काम आई… जहाँ 8वीं कक्षा के छात्र IIT, मेडिकल और NTSE का सपना लेकर बैठे… करनाल से एक बड़ी शैक्षणिक खबर।
Mission Buniyad Exam 2025 के तहत पहले चरण की प्रतियोगी परीक्षा शुक्रवार को करनाल जिले में सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। यह परीक्षा न केवल एक चयन प्रक्रिया थी, बल्कि हजारों सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए भविष्य की दिशा तय करने वाला अवसर भी साबित हुई। शिक्षा विभाग की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत 13 परीक्षा केंद्रों पर कुल 3460 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 4112 पंजीकृत छात्रों में से 652 अनुपस्थित रहे।

सुबह से ही परीक्षा केंद्रों पर अनुशासन और व्यवस्था का माहौल देखने को मिला। निर्धारित समय से एक घंटा पहले, यानी सुबह 11:30 बजे, विद्यार्थियों को एडमिट कार्ड और आधार कार्ड की सघन जांच के बाद परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया। परीक्षा दोपहर 12:30 बजे से 2:30 बजे तक चली। पूरे दो घंटे विद्यार्थियों ने शांत और नियंत्रित वातावरण में अपनी योग्यता का प्रदर्शन किया।
मिशन बुनियाद: सिर्फ परीक्षा नहीं, भविष्य की बुनियाद
Mission Buniyad Exam 2025 हरियाणा शिक्षा विभाग की एक दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले मेधावी विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रारंभिक स्तर पर ही मार्गदर्शन देना है। इस योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को IIT, मेडिकल, NTSE, ओलंपियाड और छात्रवृत्ति परीक्षाओं की तैयारी के लिए नि:शुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जाती है।
नोडल अधिकारी एवं विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. दीपक वर्मा के अनुसार, “मिशन बुनियाद का मकसद उन बच्चों को आगे लाना है जिनमें प्रतिभा तो है, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण वे पीछे रह जाते हैं। यह योजना समान अवसर देने की दिशा में एक ठोस कदम है।”
आंकड़ों में परीक्षा की तस्वीर
- कुल पंजीकरण: 4112 छात्र
- परीक्षा में उपस्थित: 3460 छात्र
- अनुपस्थित: 652 छात्र
- परीक्षा केंद्र: 13
- विषय: गणित (कक्षा 8 के सिलेबस पर आधारित)
- प्रश्नों की संख्या: 50
- परिणाम की तिथि: 20 जनवरी
डेटशीट बदली, फिर भी उत्साह कम नहीं
पहले चरण की परीक्षा पहले 24 दिसंबर को प्रस्तावित थी, लेकिन सेट परीक्षाओं के चलते शिक्षा विभाग ने तारीख में बदलाव करते हुए 26 दिसंबर को परीक्षा आयोजित की। इसके बावजूद विद्यार्थियों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। 18 दिसंबर को एडमिट कार्ड जारी होते ही बच्चों ने अंतिम तैयारी तेज कर दी थी।
रट्टा नहीं, समझ ने दिलाई बढ़त
परीक्षा देने आए विद्यार्थियों की प्रतिक्रियाओं से साफ है कि पेपर का स्तर संतुलित और समझ पर आधारित था।
मेहमूदपुर से आई राधिका ने बताया,
“पेपर पूरा आठवीं के सिलेबस से था, लेकिन रट्टा लगाने से काम नहीं चला। सवाल ऐसे थे जिनमें सोच और समझ जरूरी थी। अगर पास हो गई तो दूसरे चरण के लिए और मेहनत करूंगी।”
नगला गांव से आई राधिका ने कहा,
“यह मेरी पहली प्रतियोगी परीक्षा थी। सभी 50 प्रश्न हल किए। सवाल हमारे स्तर के थे, बस ध्यान लगाकर करना पड़ा। इस योजना से हमें सही दिशा मिल रही है।”
फार्मूलों की परीक्षा
पूर्वी ने अनुभव साझा करते हुए कहा,
“पेपर मिला-जुला था। किताबों के साथ-साथ फार्मूलों का अच्छा उपयोग करना पड़ा। गणना में समय लगा, लेकिन अगर नि:शुल्क कोचिंग मिली तो डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करूंगी।”
शांत माहौल ने बढ़ाया आत्मविश्वास
आनंद विहार से आई अंशिका के अनुसार,
“परीक्षा का माहौल बहुत शांत था। पूरा समय मिला, जिससे बिना घबराए पेपर कर पाई। अगर छात्रवृत्ति मिली तो बड़े लक्ष्य हासिल कर सकूंगी।”
संतुलित और निष्पक्ष पेपर
भीम नगर की अनुराधा ने कहा,
“पेपर संतुलित और समझ पर आधारित था। इससे सभी को बराबर मौका मिला। मुझे पूरा भरोसा है कि मैं पहले चरण में सफल रहूंगी।”
दूसरे चरण के बाद होगा अंतिम चयन
जिला शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा ने जानकारी दी कि पहले चरण में सफल विद्यार्थियों को दूसरे चरण की परीक्षा देनी होगी। दूसरे चरण में चयनित छात्रों को ही Mission Buniyad के तहत अंतिम रूप से चुना जाएगा।
चयनित विद्यार्थियों को:
- ऑनलाइन माध्यम से विशेषज्ञ संस्थानों की कोचिंग
- अध्ययन सामग्री
- वर्दी
- यातायात सुविधा
जैसी सुविधाएं शिक्षा विभाग की ओर से दी जाएंगी।
⏳ अब परिणाम का इंतजार
परीक्षा के बाद अब विद्यार्थियों और अभिभावकों की नजरें 20 जनवरी को घोषित होने वाले परिणाम पर टिकी हैं। यह परिणाम तय करेगा कि कौन से छात्र दूसरे चरण में प्रवेश करेंगे और किसे अपने सपनों को और निखारने का अवसर मिलेगा।
