करनाल/निंसिंग: एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक परिवार को अमेरिका भेजने के नाम पर 70 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। यह मामला निसिंग थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ है, जिसमें पंजाब के मानसा निवासी दो सगे भाइयों और पलवल के एक एजेंट पर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
परिवार की उम्मीदें और धोखाधड़ी का जाल
यह घटना करनाल जिले के निसिंग की दर्शन कॉलोनी में रहने वाली चरणजीत कौर के साथ घटी। चरणजीत कौर और उनके पति जगजीत सिंह अमेरिका में सेटल होने की योजना बना रहे थे। भारत में अपनी बूटीक चलाने वाली चरणजीत कौर ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्हें अमेरिका में सेटलमेंट के लिए एक एजेंट की जरूरत थी। इसी दौरान उन्हें पंजाब के मानसा निवासी दो भाई – गुरमुख सिंह और सुरमुख सिंह, और पलवल के अमरीक सिंह का नाम सामने आया। ये सभी विदेश भेजने के काम में माहिर थे।
चरणजीत कौर ने अगस्त 2023 में इन तीनों एजेंटों से संपर्क किया और उनसे विदेश जाने की योजना बनाई। एजेंटों ने उन्हें विश्वास दिलाया कि वे परिवार सहित उन्हें अमेरिका भेज सकते हैं, साथ ही अमेरिका की पीआर (Permanent Residency) भी दिलवाएंगे। यह सुनकर चरणजीत और उनके पति जगजीत सिंह ने इन एजेंटों से संपर्क किया और सौदा तय कर लिया।
सौदे की शर्तें और एडवांस भुगतान
सोच समझ कर किए गए इस सौदे में कुल 80 लाख रुपये तय किए गए थे। एजेंटों ने बताया कि 80 प्रतिशत राशि एडवांस के रूप में दी जाएगी, और बाकी रकम अमेरिका की पीआर मिलने के बाद दी जाएगी। इस प्रकार, चरणजीत कौर और उनके पति ने अगस्त 2023 से लेकर अब तक कई किस्तों में कुल 70 लाख रुपये आरोपियों को दे दिए।
इस सौदे में तीनों एजेंटों ने अपनी ओर से सभी कागजात तैयार कर परिवार को अमेरिका भेजने का भरोसा दिलाया। चरणजीत कौर और उनके पति ने इन एजेंटों पर पूरा विश्वास किया था और उन्होंने बिना किसी शक के रकम का भुगतान कर दिया।
रकम लेने के बाद एजेंटों ने शुरू किया धोखा
लेकिन, जैसे-जैसे समय बीतता गया, एजेंटों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। न तो परिवार को अमेरिका भेजा गया और न ही उनकी पीआर की प्रक्रिया में कोई प्रगति हुई। शुरुआत में एजेंटों ने उनसे लगातार संपर्क किया और कभी झूठे वादे किए, लेकिन अब जब शिकायतकर्ता ने इनसे संपर्क किया तो उन्होंने कोई ठोस जवाब नहीं दिया।
सभी किस्तों में 70 लाख रुपये देने के बावजूद न तो चरणजीत कौर और उनके परिवार को विदेश भेजा गया और न ही अमेरिका की पीआर दिलवाइ गई। इसके बावजूद, इन आरोपियों ने बार-बार झूठे आश्वासन देना जारी रखा।
जान से मारने की धमकी
जब चरणजीत कौर और उनके पति ने इन एजेंटों से बार-बार संपर्क किया और पैसे वापस करने की बात की, तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी देनी शुरू कर दी। यह स्थिति उनके लिए अत्यधिक तनावपूर्ण हो गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने उन्हें डराया और धमकी दी कि अगर वे फिर से उनसे संपर्क करेंगे तो न केवल उनकी जिंदगी खतरे में होगी, बल्कि उनके परिवार को भी गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
यह भी पढ़ें : भा.ज.पा. ने निकाय चुनाव के लिए पैनल नहीं बनाया, सभी दावेदारों के नाम प्रदेश नेतृत्व को भेजे गए
पहले से हैं धोखाधड़ी के आरोप
इस मामले में चौंकाने वाली बात यह भी है कि आरोपियों के खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हो चुके हैं। कहा जा रहा है कि यह पहली बार नहीं है, जब इन एजेंटों ने इस तरह का धोखाधड़ी का काम किया हो। कुछ जानकारी के मुताबिक, इन आरोपियों द्वारा जाली कागजात के आधार पर भेजे गए कुछ बच्चे अमेरिका से डिपोर्ट होकर वापस भारत आ चुके हैं। ऐसे में यह मामला और भी गंभीर हो जाता है, क्योंकि आरोपियों के पास पहले से ही धोखाधड़ी का रिकॉर्ड है, फिर भी वे इस प्रकार की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
पुलिस ने मामला दर्ज किया, जांच जारी
इस धोखाधड़ी के बाद, जब चरणजीत कौर और उनके पति ने इस मामले की शिकायत पुलिस में की, तो निसिंग थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर गुरमुख सिंह, सुरमुख सिंह और अमरीक सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया। पुलिस ने कहा कि वे जल्द ही इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करेंगे और मामले की गहन जांच की जाएगी।
पुलिस ने बताया कि उन्हें इस मामले में सभी तथ्यों की जांच करने और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, पुलिस ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी तरह के अवैध और धोखाधड़ी के कामों में शामिल होने से बचें।
विदेश भेजने के नाम पर बढ़ती धोखाधड़ी की घटनाएं
यह मामला महज एक उदाहरण है, लेकिन इस तरह की घटनाओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। पिछले कुछ वर्षों में विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़े हैं। कई एजेंटों द्वारा अपने प्रलोभनों के जाल में फंसा कर लोगों से लाखों रुपये ऐंठे जा रहे हैं। इन एजेंटों का तरीका भी काफी चालाक होता है, वे लोगों को विदेश भेजने का सुनहरा सपना दिखाते हैं, लेकिन अंत में वे उनके साथ धोखा करते हैं।
इस प्रकार के मामलों में कानून और पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस प्रकार के धोखाधड़ी से बचाया जा सके। यह भी जरूरी है कि लोग विदेश भेजने के नाम पर किसी भी एजेंट के साथ जल्दी विश्वास न करें और उन्हें पर्याप्त जानकारी और सत्यापन के बाद ही पैसे दें।
क्या है विदेश भेजने का सही तरीका?
विदेश भेजने के लिए हमेशा अधिकृत एजेंट या संस्थानों से ही संपर्क करना चाहिए। किसी भी एजेंट या कंपनी के खिलाफ शिकायत करने से पहले उसकी वैधता और रेटिंग की जांच करना आवश्यक है। इसके अलावा, अगर किसी एजेंट से कोई संदेह हो, तो बेहतर होगा कि किसी विश्वसनीय मित्र या परिवार से राय ली जाए।
निष्कर्ष
यह मामला न केवल करनाल बल्कि पूरे हरियाणा और भारत में ऐसे धोखाधड़ी के मामलों को लेकर चेतावनी है। विदेश भेजने का सपना सभी के मन में होता है, लेकिन इस सपने को साकार करने के लिए किसी भी व्यक्ति को सही एजेंटों का चयन करना चाहिए और हर कदम पर सतर्क रहना चाहिए। यह धोखाधड़ी केवल वित्तीय नुकसान ही नहीं, बल्कि परिवारों को मानसिक और भावनात्मक संकट भी देती है।
अंत में, पुलिस प्रशासन से उम्मीद है कि इस मामले की पूरी जांच की जाएगी और आरोपियों को सजा दिलवाने की पूरी कोशिश की जाएगी।
