सेक्टर-13 करनाल में दिनदहाड़े चोरी: डॉक्टर दंपती के घर से चांदी का कंगन और कीमती सामान ले गए चोर

सेक्टर-13 करनाल में दिनदहाड़े चोरी: डॉक्टर दंपती के घर से चांदी का कंगन और कीमती सामान ले गए चोर
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करनाल। करनाल सेक्टर 13 चोरी की वारदात ने शहरवासियों को एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सोचने को मजबूर कर दिया है। शहर के पॉश इलाके सेक्टर-13 में स्थित डॉक्टर दंपती के घर पर मंगलवार की शाम उस वक्त हड़कंप मच गया जब तीन संदिग्ध चोर घर में घुसकर चांदी का कंगन, चांदी का हाथी और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए। गनीमत रही कि इसी दौरान डॉक्टर की पत्नी रितू घर पहुंच गईं, जिसकी वजह से चोर भाग निकले।

घटना मंगलवार शाम करीब 3:45 बजे की है, और पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो चुकी है। जैसे ही सूचना पुलिस को मिली, सिविल लाइन थाना प्रभारी श्रीभगवान मौके पर पहुंचे और एफएसएल (Forensic Science Lab) की टीम को बुलाकर सबूत जुटाए गए।

डॉक्टर दंपती का शांत दोपहर, और अचानक आई अफरा-तफरी

पीड़ित डॉक्टर साहिल रहेजा, जो कि जुंडला गांव में क्लिनिक चलाते हैं, ने बताया कि वे हर रोज़ की तरह अपने क्लिनिक में थे। इसी बीच उनकी पत्नी डॉ. रितू दोपहर में काम से वापस सेक्टर-13 लौटीं और जैसे ही उन्होंने कार लॉक की आवाज सुनाई दी, उन्हें कुछ अजीब सा आभास हुआ।

जैसे ही उन्होंने गाड़ी पार्क की और दरवाजे की ओर बढ़ीं, तीन संदिग्ध युवक मकान से निकलते हुए दिखाई दिए, जो तेजी से भाग निकले। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि जब डॉ. रितू ने तुरंत सीसीटीवी कैमरा देखा, तो सारा घटनाक्रम स्पष्ट रूप से सामने आ गया।

सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम

सीसीटीवी में यह साफ देखा जा सकता है कि तीनों चोर पहले सेक्टर-13 घर के आसपास घूमते हैं, और फिर मौका देखकर अंदर घुसते हैं। फुटेज में दिखता है कि कैसे उन्होंने पहले मकान का मुख्य दरवाज़ा तोड़ा, फिर अलमारी से कीमती सामान चुराया।

“चोरों ने चांदी के कंगन, चांदी का हाथी और कुछ अन्य कीमती घरेलू सामान चुराया है। इसके अलावा उन्होंने पहली मंजिल पर घुसने की कोशिश भी की,” – डॉ. रितू।

फुटेज में यह भी साफ नज़र आया कि चोरों के पास लोहे की रॉड और पेंचकस थे, जिनसे वे दरवाजे तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। जब अचानक महिला डॉक्टर की कार आई, तो वो घबरा गए और जल्दी में पेंचकस दरवाजे में ही फंसा छोड़कर भाग गए।

पुलिस और फोरेंसिक टीम जुटी जांच में

घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना प्रभारी श्रीभगवान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एफएसएल की टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की और उंगलियों के निशान, पेंचकस के सैंपल और अन्य सबूत इकट्ठा किए।

“सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। संदिग्धों की पहचान जल्द की जाएगी। चोरी का केस दर्ज कर लिया गया है,” – श्रीभगवान, थाना प्रभारी

पॉश एरिया में दिनदहाड़े चोरी, सवालों के घेरे में सुरक्षा

सेक्टर-13 जैसे पॉश इलाके में दिनदहाड़े चोरी की घटना ने इलाके के लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ा दी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि इतनी सुरक्षित मानी जाने वाली कॉलोनी में अगर दिन में चोरी हो सकती है, तो फिर रात का क्या हाल होगा?

स्थानीय निवासी और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य राजीव तलवार का कहना है कि गेट पर चौकीदार होते हुए भी तीन संदिग्ध युवक कैसे भीतर घुस गए, यह सोचने का विषय है।

“यह घटना हमें चेतावनी देती है कि सिर्फ सीसीटीवी कैमरे पर्याप्त नहीं हैं, सुरक्षा गार्ड्स को भी सतर्कता बरतनी होगी।”

पुलिस के सामने अब कई सवाल

  1. क्या चोरों ने पहले से रेकी की थी?
  2. क्या उन्हें पता था कि घर में कौन-से समय पर कोई नहीं होता?
  3. क्या यह कोई संगठित गैंग की करतूत है?

इस घटना को देखते हुए पुलिस ने आसपास की कॉलोनियों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि ये चोर किस वाहन से आए और भागे।

कैसे बचा जा सकता है ऐसी घटनाओं से?

विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ सावधानियाँ इस प्रकार हैं:

  • घर की सुरक्षा प्रणाली में स्मार्ट अलार्म सिस्टम जोड़ना
  • दो स्तर पर लॉकिंग व्यवस्था रखना
  • स्थानीय चौकीदारों को संदिग्ध गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित करना
  • पड़ोसियों से आपसी तालमेल रखना
  • यदि संभव हो तो घर में मैनुअल अलार्म या सुरक्षा उपकरण लगाना

क्या कहता है साइकोलॉजिकल प्रोफाइल?

क्राइम प्रोफाइलिंग करने वाले एक मनोवैज्ञानिक के अनुसार, चोरों का दो बार घर के पास आना और फिर वारदात को अंजाम देना यह दर्शाता है कि यह पूर्व नियोजित चोरी थी। ऐसे में पुलिस को साइबर और मोबाइल ट्रैकिंग का भी सहारा लेना चाहिए।

निष्कर्ष

करनाल सेक्टर 13 में डॉक्टर दंपती के घर पर हुई यह चोरी केवल एक घटना नहीं है, यह हमारे समाज में सुरक्षा व्यवस्था की एक बड़ी चुनौती को उजागर करती है। एक तरफ लोग दिन-रात मेहनत कर संपत्ति जुटाते हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ असामाजिक तत्व उस मेहनत को मिनटों में लूट लेते हैं। पुलिस की जिम्मेदारी बनती है कि वह जल्द से जल्द आरोपियों की पहचान करे और उन्हें कानून के कठघरे में लाए।

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