कॉमर्शियल गैस बंद होते ही करनाल में मचा हड़कंप… पाइप से गैस लेने वाले उपभोक्ता भी अब सिलिंडर बुक कराने लगे। क्या बढ़ने वाली है गैस की किल्लत? पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
करनाल में करनाल गैस संकट की चर्चा इन दिनों हर गली-मोहल्ले में सुनाई दे रही है। कॉमर्शियल LPG गैस सिलिंडर की आपूर्ति बंद होने के बाद अब घरेलू गैस सिलिंडर लेने के लिए एजेंसियों पर अचानक भीड़ बढ़ गई है। स्थिति यह है कि जिन घरों में पहले से पाइपलाइन के माध्यम से पीएनजी गैस पहुंच रही थी, वे उपभोक्ता भी अपने पुराने LPG कनेक्शन को सक्रिय कर सिलिंडर बुक कराने लगे हैं।
शहर की अलग-अलग गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही उपभोक्ताओं की कतारें दिखाई दे रही हैं। गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि पिछले दो दिनों में बुकिंग का आंकड़ा सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक बढ़ गया है।
दरअसल, कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति पर रोक लगने के बाद लोगों के मन में यह आशंका पैदा हो गई है कि कहीं घरेलू गैस या पीएनजी आपूर्ति पर भी असर न पड़ जाए। इसी आशंका के चलते कई परिवार एहतियात के तौर पर अपने घरों में LPG सिलेंडर रखना चाह रहे हैं।
पीएनजी कनेक्शन होने के बावजूद सिलिंडर की बुकिंग
करनाल में पिछले कुछ वर्षों में पाइपलाइन के माध्यम से गैस आपूर्ति यानी पीएनजी कनेक्शन तेजी से बढ़े हैं। बड़ी संख्या में परिवारों ने एलपीजी सिलिंडर से हटकर पीएनजी को अपनाया था, क्योंकि यह अधिक सुविधाजनक और लगातार उपलब्ध रहने वाली सेवा मानी जाती है।
लेकिन जैसे ही कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति बंद होने की खबर सामने आई, वैसे ही कई पीएनजी उपभोक्ताओं को भी आशंका होने लगी कि यदि किसी कारणवश पाइपलाइन से गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई तो उनके घरों में खाना बनाना मुश्किल हो सकता है।
इसी डर के कारण लंबे समय से निष्क्रिय पड़े एलपीजी कनेक्शन को दोबारा सक्रिय कराया जा रहा है। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्होंने एहतियात के तौर पर एक अतिरिक्त सिलिंडर घर में रखने का फैसला किया है ताकि किसी भी संभावित समस्या से बचा जा सके।
गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि पहले जहां रोजाना सीमित संख्या में बुकिंग होती थी, वहीं अब अचानक मांग बढ़ने से सामान्य आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।
शहर के कई इलाकों में पीएनजी की पहुंच
करनाल में पाइपलाइन गैस सेवा का विस्तार पिछले पांच वर्षों में तेजी से हुआ है। शहर के सभी 18 सेक्टरों के साथ-साथ लाइनपार क्षेत्र में भी कई कॉलोनियों तक पीएनजी नेटवर्क पहुंच चुका है।
रामनगर, प्रेम नगर, प्रेम कॉलोनी, शिव कॉलोनी, कर्ण विहार, दयाल सिंह कॉलोनी, नर्सी विलेज पार्ट-1 और पार्ट-2 तथा मॉडल टाउन सहित लगभग 20 से अधिक कॉलोनियों में पाइपलाइन के माध्यम से घरेलू गैस की आपूर्ति हो रही है।
गैस कंपनी के अनुसार जिले में करीब 70 हजार से अधिक घरेलू और वाणिज्यिक पीएनजी कनेक्शन सक्रिय हैं। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे परिवार भी शामिल हैं जिन्होंने पिछले दो वर्षों में एलपीजी सिलिंडर से पूरी तरह दूरी बना ली थी।
लेकिन अब अचानक बढ़ी अनिश्चितता के कारण वही परिवार फिर से एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग करा रहे हैं।
दो दिनों में बढ़ी बुकिंग
गैस एजेंसियों के अनुसार पिछले दो दिनों में बुकिंग का आंकड़ा काफी तेजी से बढ़ा है। कई उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्होंने पिछले 25 से 30 दिनों से सिलिंडर नहीं लिया था, लेकिन अब अचानक बुकिंग कर रहे हैं।
एजेंसी संचालकों का कहना है कि सोमवार को जैसे ही कॉमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति बंद होने की सूचना सामने आई, उसी समय से उपभोक्ताओं ने अपने पुराने एलपीजी कनेक्शन सक्रिय कराने शुरू कर दिए।
कुछ उपभोक्ताओं ने एसएमएस या कॉल के माध्यम से बुकिंग कराई, जबकि कई लोग सीधे गैस एजेंसी पहुंचकर सिलिंडर की उपलब्धता के बारे में जानकारी लेते नजर आए।
हालांकि एजेंसियों का कहना है कि फिलहाल घरेलू गैस की आपूर्ति सामान्य है और किसी प्रकार की कमी नहीं है, लेकिन मांग बढ़ने से वितरण व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव जरूर आया है।
LPG फेडरेशन का बयान
गैस एजेंसियों के प्रतिनिधियों का कहना है कि उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है।
LPG फेडरेशन के सदस्य सुभाष गर्ग के अनुसार जिन उपभोक्ताओं के पास डीएसी (डिलीवरी अथॉराइजेशन कोड) आया है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सिलिंडर उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि गैस की कमी नहीं है, लेकिन अचानक बुकिंग बढ़ने के कारण एजेंसियों को अतिरिक्त दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
उनका कहना है कि उपभोक्ताओं को घबराकर अनावश्यक बुकिंग नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इससे वितरण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
पीएनजी आपूर्ति बंद नहीं होगी: गैस कंपनी
पीएनजी आपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं की चिंता के बीच गैस कंपनी ने स्थिति स्पष्ट की है।
इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के वरिष्ठ प्रबंधक शिवम गुप्ता के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं, परिवहन क्षेत्र और छोटे प्रतिष्ठानों को गैस आपूर्ति देना प्राथमिकता में है और इसे बंद नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में घरेलू पीएनजी आपूर्ति सामान्य रूप से जारी रहेगी और उपभोक्ताओं को पर्याप्त गैस उपलब्ध कराई जाएगी।
हालांकि सरकार द्वारा गैस आपूर्ति में आंशिक कटौती की अधिसूचना जारी की गई है। इसके अनुसार पिछले छह माह की औसत आपूर्ति के आधार पर उर्वरक संयंत्रों को लगभग 70 प्रतिशत गैस दी जाएगी, जबकि बड़े उद्योगों और शहरी क्षेत्र के औद्योगिक एवं वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को करीब 80 प्रतिशत गैस उपलब्ध कराई जाएगी।
इसका मतलब है कि औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्र में 20 से 30 प्रतिशत तक कटौती संभव है, लेकिन घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता दी जाएगी।
लकड़ी और कोयले की दुकानों पर भी नजर
गैस आपूर्ति को लेकर चर्चाओं के बीच पारंपरिक ईंधन यानी लकड़ी और कोयले की दुकानों पर भी लोगों की नजर बनी हुई है।
अर्जुन गेट और सदर बाजार क्षेत्र में लकड़ी और कोयले की टाल चलाने वाले दुकानदार हरीश का कहना है कि फिलहाल उनके पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
उन्होंने बताया कि लकड़ी 11 रुपये प्रति किलो और कोयला करीब 50 रुपये प्रति किलो की दर से बेचा जा रहा है।
हालांकि अभी तक इनकी मांग सामान्य बनी हुई है। आमतौर पर शादी-विवाह के सीजन में तंदूर के लिए लकड़ी और कोयले की मांग बढ़ जाती है और इस समय भी वही स्थिति है।
उपभोक्ताओं में असमंजस
शहर के कई इलाकों में लोगों के बीच इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है कि आने वाले दिनों में गैस की स्थिति क्या होगी।
कुछ लोग मानते हैं कि यह केवल अस्थायी स्थिति है और जल्द ही व्यवस्था सामान्य हो जाएगी, जबकि कुछ उपभोक्ता इसे संभावित संकट की शुरुआत मानकर पहले से तैयारी कर रहे हैं।
गृहिणियों का कहना है कि घर का चूल्हा किसी भी स्थिति में बंद नहीं होना चाहिए, इसलिए वे अतिरिक्त व्यवस्था करना बेहतर समझ रही हैं।
प्रशासन और एजेंसियों की अपील
गैस एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकता के अनुसार ही सिलिंडर बुक करें।
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल घरेलू गैस और पीएनजी आपूर्ति दोनों सामान्य हैं। यदि उपभोक्ता घबराहट में अतिरिक्त बुकिंग करेंगे तो इससे वितरण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
इसलिए जरूरी है कि लोग संयम बनाए रखें और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
