कुंडली-सिंघु बॉर्डर से हटी सभी बाधाएं, हाईवे पर सामान्य हुआ यातायात
तीन दिनों तक चले निरंतर अभियान के बाद आखिरकार कुंडली-सिंघु बॉर्डर से सभी अवरोधकों को पूरी तरह से हटा दिया गया है। अब दिल्ली-पानीपत हाईवे पूरी तरह से सुचारू हो गया है और वाहन चालकों को भारी राहत मिली है। सीमेंट की दीवारों और लोहे के बैरिकेड्स को हटाने का कार्य प्रशासन द्वारा लगातार तीन दिनों तक चलाया गया। इस प्रक्रिया में बुलडोजर, ट्रक और मैन्युअल श्रमिकों का उपयोग किया गया ताकि मलबे को पूरी तरह हटाया जा सके।
रातभर चला बुलडोजर, हाईवे को खोलने में जुटा प्रशासन
दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियों की टीम ने रातभर ऑपरेशन चलाकर हाईवे पर मौजूद सभी रुकावटों को हटाया। पहले बड़े अवरोधकों जैसे कि सीमेंट की दीवारों को गिराया गया, फिर लोहे के बैरिकेड्स और अन्य अस्थायी निर्माणों को हटाया गया। बुलडोजर और भारी मशीनों की मदद से मलबे को हाईवे से हटाने की प्रक्रिया को तेज किया गया। अब यह हाईवे पूरी तरह से सामान्य कर दिया गया है, जिससे लाखों लोगों को राहत मिलेगी।
दिल्ली-पानीपत लेन पूरी तरह से खुली, हाईवे पर जारी सफाई अभियान
सिंघु बॉर्डर के फ्लाईओवर से सीमेंट की दीवारें हटाने के बाद सफाई अभियान जारी है। हाईवे पर जमी धूल और मलबे को हटाने के लिए प्रशासन ने विशेष टीमें लगाई हैं। दिल्ली-पानीपत लेन को पूरी तरह से चालू कर दिया गया है, जबकि पानीपत-दिल्ली लेन पर भी सफाई का कार्य अंतिम चरण में है। प्रशासन ने साफ किया है कि रात तक पूरा मलबा हटा दिया जाएगा, जिससे दोनों लेनों पर यातायात सुचारू हो सके।
13 फरवरी को क्यों बंद हुआ था कुंडली-सिंघु बॉर्डर?
13 फरवरी, 2024 को किसानों के दिल्ली कूच के ऐलान के बाद प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से कुंडली-सिंघु बॉर्डर को पूरी तरह से सील कर दिया था। यहां तक कि हाईवे को भी अवरोधकों से घेर दिया गया था और कई स्थानों पर सीमेंट की दीवारें तक बना दी गई थीं। हालांकि, बाद में कुछ हिस्सों को खोल दिया गया था, लेकिन इससे भी जाम और अव्यवस्था की स्थिति बनी रही। अब जबकि बॉर्डर पूरी तरह खुल गया है, तो यह समस्या समाप्त हो जाएगी।
बॉर्डर बंद होने से यातायात पर पड़ा असर, लोग हुए परेशान
बॉर्डर बंद होने के बाद दिल्ली-पानीपत हाईवे पर भारी ट्रैफिक दबाव बना रहा। खासकर सुबह और शाम के समय इस मार्ग पर लंबा जाम लग जाता था, जिससे नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और उद्योगपतियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वैकल्पिक मार्गों पर भी भीड़ बढ़ने से हालात और खराब हो गए थे। अब जब हाईवे पूरी तरह खुल गया है, तो इन समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है।
शंभू बॉर्डर खुलने के बाद कुंडली-सिंघु बॉर्डर खोलने की प्रक्रिया तेज हुई
बुधवार रात को अंबाला के पास शंभू बॉर्डर को खोलने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, जिसके बाद वीरवार शाम चार बजे दिल्ली प्रशासन ने कुंडली-सिंघु बॉर्डर को भी खोलने की कार्रवाई तेज कर दी थी। इस क्रम में शुक्रवार और शनिवार को लगातार हाईवे पर सफाई और मलबा हटाने का कार्य जारी रहा। अब हाईवे पर यातायात सामान्य हो गया है।
स्वागत द्वार लगे, बॉर्डर पर यातायात फिर से सामान्य
दिल्ली-पानीपत हाईवे पर अब स्वागत द्वार लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को यह संकेत मिले कि हाईवे पूरी तरह से सुचारू हो गया है। पानीपत-दिल्ली लेन पर भी स्वागत द्वार लगाने की प्रक्रिया जारी है। हालांकि, फ्लाईओवर के ऊपर से बंद किए जाने के कारण कुछ संपर्क मार्गों पर वाहनों को धीरे-धीरे चलना पड़ रहा है, लेकिन जल्द ही यह समस्या भी समाप्त हो जाएगी।
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रात तक हाईवे पूरी तरह होगा क्लियर, प्रशासन अलर्ट पर
हाईवे से मलबे और कंक्रीट के टुकड़ों को पूरी तरह हटाने के लिए प्रशासन अलर्ट मोड में है। ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम की टीमें हाईवे को क्लियर करने में जुटी हैं। दिल्ली से पानीपत की ओर जाने वाली लेन को पूरी तरह चालू कर दिया गया है, जबकि पानीपत से दिल्ली की ओर जाने वाली लेन पर भी अंतिम चरण का सफाई कार्य चल रहा है।
लोगों को राहत, यातायात फिर से सामान्य होने की उम्मीद
हाईवे को खोलने की इस तीन दिवसीय कार्रवाई के बाद अब दिल्ली-पानीपत मार्ग पर यात्रा करने वालों को भारी राहत मिली है। जो लोग रोज़ाना इस हाईवे का उपयोग करते हैं, वे अब जाम की समस्या से बच पाएंगे। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही हाईवे को पूरी तरह से सामान्य बना दिया जाएगा और आगे कोई बाधा उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी।

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