कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक बड़ा दावा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) उनके घर पर छापेमारी की योजना बना रहा है। उन्होंने यह आरोप लोकसभा में दिए गए अपने ‘चक्रव्यूह’ भाषण के बाद लगाया है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि उन्हें ईडी के ‘अंदरूनी लोगों’ से इस बारे में जानकारी मिली है।
‘चक्रव्यूह’ भाषण के बाद ईडी की तैयारी
29 जुलाई को लोकसभा में केंद्रीय बजट 2024 पर चर्चा करते हुए, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर तीखा हमला किया था। उन्होंने दावा किया कि देश के किसान, मजदूर, और युवा डरे हुए हैं। उनके अनुसार, एक नया ‘चक्रव्यूह’ बनाया गया है जो देश के लोगों को फंसा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर चक्रव्यूह की संरचना को अपनाने का आरोप लगाया, जिसमें “पद्मव्यूह” की विशेषता होती है।
राहुल गांधी का कहना है कि उनके इस भाषण के बाद से ईडी की रेड की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से इस बात की जानकारी दी और लिखा, “जाहिर है, 2 इन 1 को मेरा चक्रव्यूह भाषण पसंद नहीं आया। ईडी के ‘अंदरूनी लोगों’ ने मुझे बताया कि छापेमारी की योजना बनाई जा रही है। बांह फैलाकर ईडी का इंतजार कर रहा हूं, चाय और बिस्कुट मेरी तरफ से।”
संसद में राहुल गांधी का ‘चक्रव्यूह’ भाषण
राहुल गांधी ने अपने ‘चक्रव्यूह’ भाषण में महाभारत के चक्रव्यूह का उल्लेख किया और कहा कि यह एक प्रकार की संरचना है जिसमें डर और हिंसा होती है। उन्होंने महाभारत के अभिमन्यु की कहानी का उदाहरण देते हुए कहा कि उसे छह लोगों ने मिलकर मारा था। राहुल ने कहा, “एक नया चक्रव्यूह तैयार हुआ है, वो भी लोटस की शेप में है, जिसको आजकल पीएम मोदी छाती पर लगाकर घूमते हैं। अभिमन्यु को 6 लोगों ने मारा था, जिनके नाम द्रोण, कर्ण, कृपाचार्य, कृतवर्मा, अश्वस्थामा और शकुनी थे। आज भी चक्रव्यूह के बीच में 6 लोग हैं। चक्रव्यूह के बिल्कुल सेंटर में, 6 लोग कंट्रोल करते हैं, जैसे उस टाइम 6 लोग कंट्रोल करते थे, वैसे आज भी 6 लोग कंट्रोल कर रहे हैं।”
लोकसभा अध्यक्ष का हस्तक्षेप
राहुल गांधी के इस बयान पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हस्तक्षेप किया और उन्हें याद दिलाया कि जो शख्स इस सदन का सदस्य नहीं है, उसका नाम न लिया जाए। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि अगर अध्यक्ष चाहते हैं कि वह अजित डोभाल, अडानी और अंबानी का नाम न लें तो वह नहीं लेंगे।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश की जनता को मोदी सरकार ने चक्रव्यूह में फंसा दिया है, जिसमें किसान और युवा सबसे ज्यादा पीड़ित हैं। उन्होंने कहा, “अन्नदाता, जिनको आप इस चक्रव्यूह से निकलने नहीं देते हो, उन्हें आपने कुछ नहीं दिया। उन्होंने एक चीज मांगी थी…एमएसपी। आपने उनको बॉर्डर पर बंद कर दिया। आजतक रोड बंद है, कोई उनसे बात करने को तैयार नहीं, वो यहां मुझसे मिलने आए तो आप उनको अंदर नहीं आने दे रहे।”
अनुराग ठाकुर का पलटवार
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी के ‘चक्रव्यूह’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने चक्रव्यूह का विषय उठाकर अच्छा किया, क्योंकि इस देश ने कांग्रेस पार्टी के कई चक्रव्यूह देखे हैं। अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर 7 चक्रव्यूह गिनते हुए हमला किया और कहा कि पहला चक्रव्यूह तो कांग्रेस ही थी, जिसने देश को बांटा।
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा में भाजपा नेता अनुराग ठाकुर के भाषण की सराहना की। प्रधानमंत्री ने अनुराग ठाकुर के विपक्षी नेता राहुल गांधी के भाषण के जवाब को “तथ्यों और हास्य का एक बेहतरीन मिश्रण” बताया।
राहुल गांधी का ‘चक्रव्यूह’ और जाति जनगणना
राहुल गांधी ने ‘चक्रव्यूह’ को तोड़ने के लिए जाति जनगणना की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जाति जनगणना को पारित करना एक महत्वपूर्ण कदम होगा जिससे चक्रव्यूह को तोड़ा जा सकेगा। उन्होंने दावा किया कि I.N.D.I.A इस सदन में गारंटीकृत कानूनी एमएसपी पारित करेगा और इसी सदन में जाति जनगणना पास करके दिखाएगा। उन्होंने कहा, “जो ‘चक्रव्यूह’ बनाया है, इससे करोड़ों लोगों को नुकसान हुआ है। हम इस चक्रव्यूह को तोड़ेंगे। इसे तोड़ने का सबसे बड़ा तरीका जाति जनगणना है, जिससे आप सब डरते हैं।”
राहुल गांधी की रणनीति और विपक्ष की एकता
राहुल गांधी का ‘चक्रव्यूह’ भाषण विपक्ष की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें मोदी सरकार के खिलाफ एकता प्रदर्शित करना है। उन्होंने विपक्ष के नेताओं को एकजुट करने का प्रयास किया है और अपने भाषण के माध्यम से मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया है।
राहुल गांधी का कहना है कि उनकी पार्टी और विपक्षी दल मिलकर इस चक्रव्यूह को तोड़ेंगे और जनता के लिए काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष का एकजुट होना जरूरी है ताकि देश के लोगों की आवाज़ को सुना जा सके।
निष्कर्ष
राहुल गांधी के ‘चक्रव्यूह’ भाषण ने संसद में हलचल मचा दी है। उनके इस आरोप के बाद कि ईडी उनके घर पर छापेमारी की योजना बना रही है, राजनीतिक माहौल और भी गरमा गया है। विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। राहुल गांधी के इस बयान से साफ है कि वह मोदी सरकार को सीधे तौर पर चुनौती दे रहे हैं और आगामी चुनावों में अपनी पार्टी की स्थिति को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
राहुल गांधी के इस भाषण के बाद भारतीय राजनीति में एक नई बहस शुरू हो गई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा किस दिशा में जाता है और क्या सच में ईडी राहुल गांधी के घर पर छापेमारी करती है या नहीं। विपक्ष की एकता और राहुल गांधी की रणनीति इस राजनीतिक लड़ाई को किस मोड़ पर ले जाती है, यह देखना भी महत्वपूर्ण होगा।
