बकायेदारों पर नगर निगम की सख्ती: सीलिंग अभियान जारी
यमुनानगर नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स बकाया रखने वाले संपत्ति मालिकों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए शुक्रवार देर शाम छह संपत्तियों को सील कर दिया। इनमें एक गैस एजेंसी का कार्यालय भी शामिल है। नगर निगम के अनुसार, इन संपत्तियों पर कुल 41,09,556 रुपये का टैक्स बकाया था। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि समय पर टैक्स जमा नहीं किया गया, तो आगे भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
टैक्स न चुकाने पर डेढ़ माह में दूसरी बड़ी कार्रवाई
नगर निगम इससे पहले भी टैक्स वसूली के लिए सख्ती दिखा चुका है। लगभग डेढ़ माह पहले 26 संपत्तियों को सील किया गया था। बावजूद इसके कई बकायेदारों ने अब तक अपने बकाया टैक्स का भुगतान नहीं किया था। नगर निगम ने पहले ही 1 लाख रुपये से अधिक टैक्स बकाया रखने वाले संपत्ति मालिकों को नोटिस जारी कर चेतावनी दी थी कि यदि वे समय पर टैक्स जमा नहीं करते हैं तो उनकी संपत्तियां सील कर दी जाएंगी।
नगर निगम आयुक्त आयुष सिन्हा के निर्देशानुसार, उन संपत्ति मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जिन्होंने अब तक अपना बकाया नहीं चुकाया। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए यमुनानगर और जगाधरी जोन में विशेष टीमें गठित की गईं, जिन्होंने शुक्रवार को संपत्तियां सील कर दीं।
सील की गई संपत्तियों की सूची
नगर निगम की ओर से जिन संपत्तियों को सील किया गया, वे निम्नलिखित हैं:
- सरस्वती गैस एजेंसी कार्यालय (शिवपुरी, यमुनानगर जोन) – मालिक वीरेंद्र सिंह का टैक्स बकाया।
- शिवम गर्ग की मिक्स यूज प्रॉपर्टी (बूड़िया गेट, जगाधरी जोन)
- कमल कुमार की मिक्स यूज प्रॉपर्टी (सत्संग विहार पार्ट 1, जगाधरी जोन)
- संजय कुमार की व्यावसायिक संपत्ति (मटका चौक, जगाधरी-पांवटा मार्ग)
- मीनू की व्यावसायिक संपत्ति (मटका चौक, जगाधरी-पांवटा मार्ग)
- नागेश की विशेष श्रेणी संपत्ति (नाभ गांव, जगाधरी जोन)
नगर निगम की कड़ी चेतावनी: नियमों का पालन करें अन्यथा कार्रवाई तय
नगर निगम ने सभी बकायेदारों को स्पष्ट संदेश दिया है कि कोई भी रियायत नहीं दी जाएगी। सील की गई संपत्तियों पर चेतावनी नोटिस भी चिपकाए गए हैं, जिनमें लिखा गया है कि यदि किसी ने सील तोड़ी या उसमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ की तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बकायेदारों को 31 मार्च तक अंतिम अवसर
नगर निगम आयुक्त आयुष सिन्हा ने कहा कि 31 मार्च तक बकायेदारों को अपना टैक्स चुकाने का अंतिम अवसर दिया जा रहा है। यदि निर्धारित तिथि तक टैक्स का भुगतान नहीं किया गया, तो 18 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज के साथ राशि वसूली जाएगी। इसके अलावा, नगर निगम कार्यालय शनिवार, रविवार और सोमवार (31 मार्च) को भी खुले रहेंगे ताकि लोग अपना बकाया आसानी से चुका सकें।
टैक्स वसूली से शहर के विकास को बढ़ावा
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, प्रॉपर्टी टैक्स शहर के विकास कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस राशि का उपयोग सड़क निर्माण, सीवरेज, जल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट, सफाई व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए किया जाता है। यदि बकायेदार समय पर टैक्स जमा नहीं करते हैं, तो शहर की बुनियादी सेवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
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क्या कहते हैं अधिकारी?
नगर निगम के जेडटीओ अजय वालिया ने कहा, “हमने सभी बकायेदारों को पहले ही नोटिस जारी कर दिए थे। कुछ लोगों ने टैक्स भर दिया, लेकिन कई अभी भी बकाया दबाए बैठे थे। इसलिए उनकी संपत्तियां सील कर दी गई हैं। यदि आगे भी कोई टैक्स जमा नहीं करता है, तो उनके खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
आगे की संभावित कार्रवाई
- बकायेदारों की संपत्तियों की नीलामी की जा सकती है यदि वे 31 मार्च तक टैक्स नहीं चुकाते।
- निगम की सर्वेक्षण टीम लगातार नई बकायेदार संपत्तियों की पहचान कर रही है ताकि भविष्य में भी टैक्स वसूली सुनिश्चित की जा सके।
- बड़ी व्यावसायिक संपत्तियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, क्योंकि उनका बकाया आमतौर पर अधिक होता है।
निष्कर्ष: 31 मार्च है अंतिम मौका
यमुनानगर नगर निगम की यह सख्त कार्रवाई दर्शाती है कि अब टैक्स वसूली को लेकर कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संपत्ति मालिकों को अंतिम चेतावनी दी जा चुकी है कि वे 31 मार्च तक टैक्स चुका दें, अन्यथा उनकी संपत्तियां सील हो सकती हैं या उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि कितने बकायेदार समय पर टैक्स जमा करते हैं और कितनों को आगे भी ऐसी सख्ती का सामना करना पड़ेगा।
