लोकसभा चुनावों के बाद हुए उपचुनाव में कई दिग्गज और नए उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होना है। इनमें हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर भी शामिल हैं। बिहार, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में हिंसा की कुछ घटनाओं को छोड़कर, मतदान शांतिपूर्ण रहा।
मतदान प्रतिशत: विक्रवंडी में सबसे अधिक, बद्रीनाथ में सबसे कम
बुधवार को सात राज्यों के 13 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव हुए। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक हुआ। चुनाव आयोग के वोटर टर्नआउट ऐप के अनुसार, तमिलनाडु की विक्रवंडी विधानसभा सीट पर 82.48 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि उत्तराखंड की बद्रीनाथ सीट पर केवल 49.80 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
उत्तराखंड: मंगलौर में झड़प, बद्रीनाथ में शांतिपूर्ण मतदान
उत्तराखंड के मंगलौर निर्वाचन क्षेत्र में एक मतदान केंद्र पर प्रतिद्वंद्वी दलों के समर्थकों के बीच झड़प में चार लोग घायल हो गए। रुड़की सिविल लाइन कोतवाली प्रभारी आर के सकलानी ने बताया कि मंगलौर के लिब्बरहेड़ी में बूथ संख्या 53-54 पर झड़प की सूचना मिली है। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि बूथ पर गोलीबारी हुई, लेकिन पुलिस ने इन रिपोर्टों का खंडन किया।
कांग्रेस उम्मीदवार पर हमला: वीडियो वायरल
झड़प के कथित वीडियो में कांग्रेस उम्मीदवार और पूर्व विधायक काजी निजामुद्दीन खून से सने कपड़ों में एक व्यक्ति को अस्पताल ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने भाजपा पर नफरत के बीज बोकर लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाया। एक अन्य वीडियो में उन्हें अस्पताल में घायल पार्टी कार्यकर्ता को गले लगाते हुए दिखाया गया।
बिहार: रूपौली में शांतिपूर्ण मतदान के बीच पुलिस पर हमला
बिहार की रूपौली विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव हुए। पूर्णिया में भीड़ द्वारा पुलिस दल पर हमला किए जाने पर दो अधिकारी घायल हो गए। उपमंडल पुलिस अधिकारी (सदर) पुष्कर कुमार ने कहा कि झड़प के कारण मतदान कुछ समय के लिए बाधित रहा और एक उपनिरीक्षक और एक कांस्टेबल घायल हो गए। राज्य चुनाव कार्यालय के अनुसार, रूपौली सीट पर हुए उपचुनाव में 57.25 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
पश्चिम बंगाल: हिंसा और आरोप-प्रत्यारोप
पश्चिम बंगाल में बगदाह और रानाघाट दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों में हिंसा की खबर है। भाजपा ने टीएमसी कार्यकर्ताओं पर अपने बूथ एजेंटों पर हमला करने और अपने उम्मीदवारों को कुछ मतदान केंद्रों पर जाने से रोकने का आरोप लगाया। रानाघाट दक्षिण और बगदाह से भाजपा उम्मीदवार मनोज कुमार विश्वास और बिनय कुमार विश्वास ने दावा किया कि उन्हें कुछ बूथों पर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
भाजपा और टीएमसी के बीच संघर्ष
भाजपा के मानिकतला उम्मीदवार कल्याण चौबे को विरोध का सामना करना पड़ा और कथित तौर पर टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा “वापस जाओ” के नारे लगाए गए, क्योंकि उन्होंने निर्वाचन क्षेत्र में एक बूथ में प्रवेश करने की कोशिश की थी। टीएमसी ने आरोपों से इनकार किया और उन्हें “निराधार” करार दिया। भाजपा ने इन घटनाओं के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है।
हिमाचल प्रदेश: नालागढ़ में सबसे अधिक मतदान
हिमाचल प्रदेश में नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 78.82 प्रतिशत मतदान हुआ, उसके बाद हमीरपुर में 65.78 और देहरा में 63.89 प्रतिशत मतदान हुआ। 27 फरवरी को हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में मतदान करने वाले तीन निर्दलीय विधायकों होशियार सिंह (देहरा), आशीष शर्मा (हमीरपुर) और केएल ठाकुर (नालागढ़) के 22 मार्च को सदन से इस्तीफा देने के बाद ये सीटें खाली हो गई थीं।
पंजाब: जालंधर में पौधों के साथ मतदान
पंजाब में, जालंधर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में 51.30 प्रतिशत मतदान हुआ। कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को पौधे उपहार में दिए गए। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने इस सीट से पूर्व मंत्री और पूर्व भाजपा विधायक भगत चुन्नी लाल के बेटे मोहिंदर भगत को मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने जालंधर में पूर्व वरिष्ठ उप महापौर और पांच बार नगर निगम पार्षद रह चुकी सुरिंदर कौर पर दांव लगाया है। भाजपा ने अंगुराल को मैदान में उतारा है, जिन्होंने मार्च में आप छोड़कर पाला बदल लिया था। उन्होंने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आप के टिकट पर यह सीट जीती है।
मध्य प्रदेश: अमरवाड़ा में ऊंचा मतदान प्रतिशत
मध्य प्रदेश की अमरवाड़ा (एसटी) विधानसभा सीट के लिए भी मतदान हुआ और मतदान प्रतिशत 78.71 रहा। तीन बार के कांग्रेस विधायक कमलेश शाह के मार्च में भाजपा में शामिल होने के बाद उपचुनाव की जरूरत पड़ी।
तमिलनाडु: विक्रवंडी में सबसे अधिक मतदान
तमिलनाडु में विक्रवंडी विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर बड़ी संख्या में मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए कतार में खड़े थे। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 82.48 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। डीएमके विधायक एन पुघाझेंधी के निधन के कारण उपचुनाव कराना जरूरी हो गया था। विक्रवंडी में त्रिकोणीय मुकाबला है, जिसमें सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के उम्मीदवार अन्नियुर शिवा (उर्फ शिवशनमुगम ए) का मुकाबला पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के सी अंबुमणि और नाम तमिलर काची के के अबिनया से है।
मतदान प्रक्रिया और भविष्य की चुनौतियाँ
इन उपचुनावों के परिणाम न केवल स्थानीय राजनीतिक संतुलन को प्रभावित करेंगे, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों और 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत देंगे। चुनाव आयोग ने विभिन्न मतदान केंद्रों पर कड़ी निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित की, ताकि मतदाता स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव में हिस्सा ले सकें।
निष्कर्ष
सात राज्यों के 13 विधानसभा क्षेत्रों में हुए इन उपचुनावों ने विभिन्न राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकते हैं। तमिलनाडु के विक्रवंडी से लेकर उत्तराखंड के बद्रीनाथ तक, इन उपचुनावों ने मतदाताओं की भागीदारी और राजनीतिक जागरूकता को दर्शाया। हालांकि, हिंसा और झड़पों की घटनाओं ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं, जिनका समाधान करना आगामी चुनावों के लिए आवश्यक है।
