प्रवर्तन निदेशालय की चार्जशीट में आम आदमी पार्टी की भूमिका
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी चार्जशीट में दिल्ली शराब घोटाले में आम आदमी पार्टी (AAP) को भी शामिल बताया है। चार्जशीट में AAP को आरोपी नंबर 38 के रूप में नामित किया गया है। इस मामले में पार्टी के शीर्ष नेताओं को 12 जुलाई को तलब किया गया है। ईडी के अनुसार, इस घोटाले में कुल 100 करोड़ रुपये की रिश्वत ली गई, जिसमें से 45 करोड़ रुपये गोवा विधानसभा चुनाव के लिए AAP को प्रत्यक्ष तौर पर दिए गए थे।
केजरीवाल की भूमिका और ईडी का आरोपपत्र
ईडी की चार्जशीट में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की भूमिका को भी उजागर किया गया है। चार्जशीट में कहा गया है कि केजरीवाल ने जांच को गुमराह करने की कोशिश की है और अपराध की आय को हैंडल करने वाले विनोद चौहान और चरणप्रीत सिंह के साथ उनके डायरेक्ट मैसेज कोर्ट में पेश किए गए हैं।
हवाला के जरिए पैसे ट्रांसफर और चरणप्रीत की भूमिका
ईडी ने खुलासा किया है कि हवाला के जरिए गोवा चुनाव के लिए 45 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। इस राशि को मैनेज करने में चरणप्रीत सिंह की अहम भूमिका रही। चरणप्रीत के बैंक खाते का विवरण खंगाला गया है, जिसमें पाया गया कि उन्हें AAP से सीधे 1 लाख रुपये से ज्यादा प्राप्त हुए थे। चरणप्रीत सिंह चैरियट प्रोडक्शंस मीडिया का कर्मचारी था और 2020 से फ्रीलांस के तौर पर AAP के गोवा चुनावी अभियान का हिस्सा बना था।
प्रोसीड ऑफ क्राइम और हवाला मनी ट्रांसफर
ईडी ने अपनी चार्जशीट में प्रोसीड ऑफ क्राइम का जिक्र किया है, जिसमें बताया गया कि आरोपी विनोद चौहान के मोबाइल से हवाला नोट नंबर के काफी स्क्रीन शॉट बरामद हुए हैं। ये स्क्रीन शॉट दर्शाते हैं कि कैसे विनोद चौहान अपराध से अर्जित आय को दिल्ली से गोवा हवाला के जरिये ट्रांसफर कर रहा था। हवाला से गोवा पहुंचे पैसे को चरणप्रीत सिंह मैनेज कर रहा था।
ईडी का मनी ट्रेल का दावा
ईडी का कहना है कि ये मनी ट्रेल सीधे तौर पर साबित करता है कि कैसे साउथ ग्रुप से बतौर रिश्वत अपराध से अर्जित पैसा आम आदमी पार्टी ने गोवा इलेक्शन में इस्तेमाल किया था। हवाला मनी ट्रांसफर से जुड़े विनोद चौहान और अभिषेक के बीच व्हाट्सएप चैट भी मौजूद है।
45 करोड़ प्राप्त करने में चरणप्रीत की भूमिका
ईडी का कहना है कि गोवा चुनाव में हवाला के जरिए 45 करोड़ रुपये प्राप्त करने में चरणप्रीत सिंह की अहम भूमिका रही है। चरणप्रीत के बैंक खाते का विवरण खंगाला गया है। उसे AAP से सीधे 1 लाख रुपए से ज्यादा प्राप्त हुए थे। चरणप्रीत सिंह चैरियट प्रोडक्शंस मीडिया का कर्मचारी था और 2020 से फ्रीलांस के तौर पर AAP के गोवा चुनावी अभियान (मार्च 2022 तक) का हिस्सा बना था।
केजरीवाल ने गुमराह करने की कोशिश की
चार्जशीट में कहा गया है कि अरविंद केजरीवाल और सी अरविंद (मनीष सिसोदिया के तत्कालीन सचिव) के बीच विरोधाभासी बयान से यह साबित होता है कि कैसे अरविंद केजरीवाल ने जांच को गुमराह करने की कोशिश की है। एजेंसी ने यह भी कहा कि इस मामले में बड़ी संख्या में सबूत भी नष्ट किए गए हैं। यह बड़ी साजिश का संकेत देते हैं।
हवाला कारोबारियों के संपर्क में थे विनोद चौहान
आजतक ने चार्जशीट की पड़ताल की तो देखा कि गोवा चुनाव के लिए 45 करोड़ रुपये भेजने के लिए कैसे हवाला के जरिए ट्रांसफर किए गए। आजतक द्वारा एक्सेस की गई व्हाट्सऐप चैट से पता चला है कि कैसे अरविंद केजरीवाल के करीबी विनोद चौहान सीधे हवाला कारोबारियों से बातचीत कर रहे थे। केजरीवाल और आरोपी विनोद चौहान के बीच डायरेक्ट मैसेज के सबूत मिले हैं। ईडी की जांच में विनोद चौहान पर गोवा चुनाव के लिए हवाला के जरिए 25 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने का भी आरोप लगा है। विनोद को इसी साल मई में जांच एजेंसी ने गिरफ्तार किया है।
विनोद चौहान के केजरीवाल से करीबी रिश्ते
व्हाट्सऐप चैट से ये भी साफ है कि विनोद चौहान के अरविंद केजरीवाल के साथ अच्छे रिश्ते थे। चैट से पता चला है कि कैसे विनोद चौहान डीजेबी की पोस्टिंग, सीएम के साथ मीटिंग फिक्सिंग और रेगुलर दोस्ताना मैसेज कर रहे थे। चैट में विनोद चौहान को हवाला कारोबारियों से सीधे बातचीत करते पाया गया है। ईडी ने कोर्ट में यह भी दावा किया कि विनोद चौहान को पता था कि ये पैसा दिल्ली शराब घोटाले से अपराध की आय है। उन्होंने गोवा चुनावों के लिए हवाला के जरिए ये पैसा पहुंचाया था।
विनोद चौहान ने हवाला के जरिए पैसे भेजे
ईडी की चार्जशीट के अनुसार, विनोद चौहान के फोन से कुछ ऐसी तस्वीरें मिली हैं, जो दावों को और पुख्ता करती हैं। फोटोज के अनुसार बैंक नोट के सीरियल नंबर, आईटी डेटा में जब्त किए गए नोट के सीरियल नंबर से मेल खाते हैं। ये सबूत दिल्ली से गोवा तक रिश्वत ट्रांसफर करने में चौहान की भूमिका को साबित करते हैं। एक अन्य आरोपी अशोक कौशिक ने भी अपने बयानों में पुष्टि की कि उसने अभिषेक बोइनपल्ली (साउथ ग्रुप का सदस्य) के निर्देश पर विनोद चौहान को दो बैग दिए थे।
चार्जशीट को कोर्ट ने लिया संज्ञान
फिलहाल, ईडी की चार्जशीट को कोर्ट ने संज्ञान लिया है। गुरुवार को सुनवाई करेगी। ये सातवीं पूरक चार्जशीट है। इसमें ईडी ने केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को आरोप बनाया है। चार्जशीट में कुल 38 आरोपी हैं। इसमें 37वें नंबर पर अरविंद केजरीवाल हैं। इसके ठीक बाद 38वें नंबर पर आम आदमी पार्टी का नाम बतौर आरोपी दर्ज है। चार्जशीट के मुताबिक केजरीवाल इस पूरे मामले के किंगपिन यानी धुरी हैं और साजिशकर्ता हैं। गोवा चुनाव में रिश्वत से मिले पैसे का इस्तेमाल हुआ और केजरीवाल को इसकी पूरी जानकारी थी। क्योंकि वो इसमें शामिल थे। चार्जशीट में कहा गया है कि के कविता के पीए ने विनोद चौहान के जरिए 25.5 करोड़ रुपए गोवा चुनाव के लिए हवाला के जरिए आम आदमी पार्टी को पहुंचाए थे।
तिहाड़ जेल में बंद हैं अरविंद केजरीवाल
दिल्ली शराब घोटाले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जांच एजेंसी ईडी ने 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया था। केजरीवाल इस समय तिहाड़ जेल में बंद हैं। ईडी शराब घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है। केजरीवाल पर सीबीआई ने भी शिकंजा कसा है। तीन महीने पहले यानी मई में ईडी ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में करीब 200 पेजों का आरोपपत्र दाखिल किया था। ईडी ने अब तक इस मामले में आठ आरोपपत्र दाखिल किए हैं। मामले में अरविंद केजरीवाल, राज्यसभा सांसद संजय सिंह, बीआरएस नेता के कविता और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत कुल 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। संजय सिंह को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रिहा कर दिया गया है।
ईडी का मनी ट्रेल का खुलासा और केजरीवाल की भूमिका
ईडी की चार्जशीट में बताया गया है कि शराब घोटाले में कुल 100 करोड़ रुपये की रिश्वत ली गई, जिसमें से 45 करोड़ रुपये गोवा विधानसभा चुनाव के लिए AAP को प्रत्यक्ष तौर पर दिए गए थे। इस पैसे को हवाला के जरिए गोवा ट्रांसफर किया गया और चुनाव प्रचार में इस्तेमाल किया गया। विनोद चौहान और चरणप्रीत सिंह ने इस पैसे को मैनेज किया। विनोद चौहान के मोबाइल से हवाला नोट नंबर के काफी स्क्रीन शॉट बरामद हुए हैं, जो इनकम टैक्स ने भी पहले बरामद किए थे।
प्रवर्तन निदेशालय के दावे और चार्जशीट के तथ्य
ईडी की चार्जशीट में प्रोसीड ऑफ क्राइम का भी जिक्र किया गया है, जिसमें बताया गया कि आरोपी विनोद चौहान के मोबाइल से हवाला नोट नंबर के काफी स्क्रीन शॉट बरामद हुए हैं। ये स्क्रीन शॉट दर्शाते हैं कि कैसे विनोद चौहान प्रोसीड ऑफ क्राइम यानी अपराध से अर्जित आय को दिल्ली से गोवा हवाला के जरिये ट्रांसफर कर रहा था। हवाला से गोवा पहुंचे पैसे को वहां मौजूद चरणप्रीत सिंह मैनेज कर रहा था। हवाला के जरिये गोवा भेजे गए पैसे को लेकर विनोद चौहान और अभिषेक बोइनपल्ली के बीच जो बातचीत हुई उसके सबूत भी ईडी के पास मौजूद हैं।
चार्जशीट में ईडी का मनी ट्रेल का दावा और साक्ष्य
ईडी का कहना है कि ये मनी ट्रेल सीधे तौर पर साबित करता है कि कैसे साउथ ग्रुप से बतौर रिश्वत अपराध से अर्जित पैसा आम आदमी पार्टी ने गोवा इलेक्शन में इस्तेमाल किया था। ईडी का कहना है कि हवाला मनी ट्रांसफर से जुड़े विनोद चौहान और अभिषेक के बीच व्हाट्सएप चैट भी मौजूद है। ईडी ने टोकन मनी का स्क्रीनशॉट भी मुहैया कराया है।
चरणप्रीत की भूमिका और विनोद चौहान का केजरीवाल से संपर्क
ईडी का कहना है कि गोवा चुनाव में हवाला के जरिए 45 करोड़ रुपये प्राप्त करने में चरणप्रीत सिंह की अहम भूमिका रही है। चरणप्रीत के बैंक खाते का विवरण खंगाला गया है। उसे AAP से सीधे 1 लाख रुपए से ज्यादा प्राप्त हुए थे। चरणप्रीत सिंह चैरियट प्रोडक्शंस मीडिया का कर्मचारी था और 2020 से फ्रीलांस के तौर पर AAP के गोवा चुनावी अभियान (मार्च 2022 तक) का हिस्सा बना था। व्हाट्सएप चैट से ये भी साफ है कि विनोद चौहान के अरविंद केजरीवाल के साथ अच्छे रिश्ते थे। चैट से पता चला है कि कैसे विनोद चौहान डीजेबी की पोस्टिंग, सीएम के साथ मीटिंग फिक्सिंग और रेगुलर दोस्ताना मैसेज कर रहे थे। चैट में विनोद चौहान को हवाला कारोबारियों से सीधे बातचीत करते पाया गया है।
हवाला के जरिए पैसे भेजने की प्रक्रिया और सबूत
ईडी की चार्जशीट के अनुसार, विनोद चौहान के फोन से कुछ ऐसी तस्वीरें मिली हैं, जो दावों को और पुख्ता करती हैं। फोटोज के अनुसार बैंक नोट के सीरियल नंबर, आईटी डेटा में जब्त किए गए नोट के सीरियल नंबर से मेल खाते हैं। ये सबूत दिल्ली से गोवा तक रिश्वत ट्रांसफर करने में चौहान की भूमिका को साबित करते हैं। एक अन्य आरोपी अशोक कौशिक ने भी अपने बयानों में पुष्टि की कि उसने अभिषेक बोइनपल्ली (साउथ ग्रुप का सदस्य) के निर्देश पर विनोद चौहान को दो बैग दिए थे।
ईडी का आरोपपत्र और कोर्ट की प्रक्रिया
फिलहाल, ईडी की चार्जशीट को कोर्ट ने संज्ञान लिया है। गुरुवार को सुनवाई करेगी। ये सातवीं पूरक चार्जशीट है। इसमें ईडी ने केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को आरोप बनाया है। चार्जशीट में कुल 38 आरोपी हैं। इसमें 37वें नंबर पर अरविंद केजरीवाल हैं। इसके ठीक बाद 38वें नंबर पर आम आदमी पार्टी का नाम बतौर आरोपी दर्ज है। चार्जशीट के मुताबिक केजरीवाल इस पूरे मामले के किंगपिन यानी धुरी हैं और साजिशकर्ता हैं। गोवा चुनाव में रिश्वत से मिले पैसे का इस्तेमाल हुआ और केजरीवाल को इसकी पूरी जानकारी थी। क्योंकि वो इसमें शामिल थे। चार्जशीट में कहा गया है कि के कविता के पीए ने विनोद चौहान के जरिए 25.5 करोड़ रुपए गोवा चुनाव के लिए हवाला के जरिए आम आदमी पार्टी को पहुंचाए थे।
तिहाड़ जेल में बंद अरविंद केजरीवाल और अन्य आरोपियों की स्थिति
दिल्ली शराब घोटाले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जांच एजेंसी ईडी ने 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया था। केजरीवाल इस समय तिहाड़ जेल में बंद हैं। ईडी शराब घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है। केजरीवाल पर सीबीआई ने भी शिकंजा कसा है। तीन महीने पहले यानी मई में ईडी ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में करीब 200 पेजों का आरोपपत्र दाखिल किया था। ईडी ने अब तक इस मामले में आठ आरोपपत्र दाखिल किए हैं। मामले में अरविंद केजरीवाल, राज्यसभा सांसद संजय सिंह, बीआरएस नेता के कविता और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत कुल 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। संजय सिंह को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रिहा कर दिया गया है।
इस प्रकार, ईडी की चार्जशीट में दिल्ली शराब घोटाले में आम आदमी पार्टी की भूमिका को उजागर किया गया है और गोवा चुनाव में हवाला के जरिए पैसे ट्रांसफर करने का खुलासा किया गया है। कोर्ट में इस मामले की सुनवाई जारी है और आने वाले समय में और भी नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
