“सहकारिता की शक्ति: 208 समूहों को 4.16 करोड़ का लोन, नारी सशक्तीकरण और बुजुर्गों को मिली नई उम्मीद”

"सहकारिता की शक्ति: 208 समूहों को 4.16 करोड़ का लोन, नारी सशक्तीकरण और बुजुर्गों को मिली नई उम्मीद"
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सहकार से समृद्धि: गोहाना में जिला स्तरीय सहकारिता जागरूकता अभियान का शुभारंभ

प्रेरक शुरुआत: सहकारिता के प्रति जागरूकता
गोहाना में आयोजित जिला स्तरीय सहकारिता जागरूकता अभियान ने प्रदेश में सहकार से समृद्धि के सपने को नई ऊंचाई दी। दीप प्रज्वलन के साथ इस कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसमें सहकारिता के महत्व और इसके दूरगामी लाभों पर चर्चा की गई। उद्घाटन सत्र में उपस्थित जनसमूह को सहकारी मॉडल की ताकत और इसकी उपयोगिता के बारे में बताया गया। युवाओं और महिलाओं को इस मॉडल के जरिए सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

नई योजनाओं का शुभारंभ: बुजुर्गों और महिलाओं के लिए विशेष सौगात
कार्यक्रम के दौरान सोनीपत सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने तीन विशेष योजनाओं का शुभारंभ किया, जो बुजुर्गों और महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई हैं।

  1. म्हारे बुजुर्ग-म्हारी धरोहर योजना: यह योजना बुजुर्ग नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इसमें बुजुर्गों के अधिकारों और उनके सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी गई है।
  2. वीरांगना लक्ष्मीबाई बचत योजना: महिलाओं के वित्तीय सशक्तीकरण के लिए लॉन्च की गई इस योजना का उद्देश्य उनकी बचत की आदत को प्रोत्साहित करना है। यह योजना न केवल उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाएगी, बल्कि उनके जीवन स्तर को भी उन्नत करेगी।
  3. नारी शक्ति उत्थान योजना: महिलाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्रित इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें अपने परिवार और समुदाय में एक मजबूत आर्थिक भूमिका निभाने में सक्षम बनाना है।

प्रधानमंत्री का संदेश: हर घर तक सहकारिता का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता को देशभर में लोकप्रिय बनाने का संकल्प लिया गया है। इस अभियान का उद्देश्य सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रत्येक घर तक आर्थिक समृद्धि का लाभ पहुंचाना है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सहकारी समितियों को लाभ में लाने और उनके दायरे को बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS) को आधुनिक तकनीकों और नवीन व्यवस्थाओं से सुसज्जित किया जा रहा है, जिससे किसान और ग्रामीण समुदाय आर्थिक उन्नति कर सकें।

युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में है। सहकारिता विभाग की योजनाएं रोजगार के पारंपरिक मॉडल को बदलने की दिशा में कार्यरत हैं। स्वरोजगार के प्रोत्साहन और कौशल विकास से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रदेश के युवा न केवल रोजगार पाए बल्कि रोजगार के अवसर प्रदान करने वाले बनें। महिलाओं को सशक्त करने के लिए स्वरोजगार और सामूहिक उद्यम की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

स्वयं सहायता समूहों को वितरित किए गए लोन: एक बड़ी उपलब्धि
सहकारिता विभाग द्वारा राज्य सहकारी बैंक और जिला सहकारी बैंक की संयुक्त योजना के तहत 208 स्वयं सहायता समूहों को 4 करोड़ 16 लाख रुपये का ऋण वितरित किया गया। इस राशि से ये समूह छोटे और मध्यम स्तर के उद्यम स्थापित कर सकेंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिशीलता आएगी।

स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता देने का यह कदम महिलाओं और किसानों को वित्तीय संकट से उबारने में सहायक होगा। साथ ही, ग्रामीण स्तर पर रोजगार सृजन और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। उनके समर्पण और प्रयासों को सराहते हुए कहा गया कि उनकी मेहनत से ही सहकारिता आंदोलन प्रदेश में नए आयाम स्थापित कर रहा है। यह सम्मान अन्य कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

सहकारिता: हर वर्ग के लिए लाभकारी मॉडल
सहकारिता का मॉडल सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की क्षमता रखता है। यह मॉडल न केवल वित्तीय समृद्धि लाने में सहायक है, बल्कि सामाजिक विकास और सामुदायिक सहयोग को भी बढ़ावा देता है।

सहकारी संस्थाओं के माध्यम से युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। किसान, महिलाएं और युवा मिलकर एक नई सहकारी संरचना तैयार कर रहे हैं, जिसमें हर वर्ग की जरूरतों का ध्यान रखा जा रहा है।

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कार्यक्रम का समापन: सहकारिता के नए अध्याय की ओर
इस भव्य आयोजन का समापन प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को और अधिक सशक्त बनाने के संकल्प के साथ हुआ। कार्यक्रम के अंत में सहकारिता के महत्व को समझने और इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की गई। उपस्थित लोगों ने सहकारिता के माध्यम से प्रदेश की प्रगति में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का वचन दिया।

“सहकारिता की शक्ति: समृद्ध प्रदेश की ओर एक सशक्त कदम”

यह कार्यक्रम प्रदेश में सहकारिता के महत्व को समझने और इसे जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुआ है। सहकार से समृद्धि का यह मॉडल प्रदेश को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत करने के प्रयास में मील का पत्थर साबित होगा।

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