अमृतधारा माई हॉस्पिटल के हृदय सर्जरी विभाग की उल्लेखनीय सफलता: एक माह में 17 जटिल सर्जरी
करनाल, 26 दिसंबर :
सर्दियों के मौसम में हृदय और मस्तिष्क संबंधित रोगों का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन जीवनशैली में मामूली बदलाव और समय पर चिकित्सा जांच से इन गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है। यह सुझाव करनाल स्थित अमृतधारा माई हॉस्पिटल के हृदय सर्जरी विभाग के मुख्य कार्डिएक सर्जन, डॉ. संतोष गुप्ता ने दिया। डॉ. गुप्ता ने पत्रकार वार्ता में बताया कि सर्दियों में ब्रेन हैमरेज और कार्डियक अरेस्ट की घटनाएं बढ़ती हैं, लेकिन सावधानी बरतकर इनका जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है।
एक माह में 17 जटिल हृदय सर्जरी: डॉ. गुप्ता का अनुकरणीय रिकॉर्ड
डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि उन्होंने पिछले एक माह में 17 जटिल हृदय सर्जरी सफलतापूर्वक की हैं। इन सर्जरी में हृदय की बाईपास सर्जरी, वाल्व रिप्लेसमेंट और हृदय में छेद की सर्जरी जैसी जटिल प्रक्रियाएं शामिल थीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी स्थिति स्थिर है।
उन्हीं सर्जरी का ज़िक्र करते हुए अस्पताल की यूनिट हेड, श्रीमती मीनू मल्होत्रा ने कहा, “डॉ. संतोष गुप्ता ने अपने चिकित्सा अनुभव और अत्याधुनिक पद्धतियों का उपयोग कर मरीजों की जान बचाई। उनके काम ने अस्पताल और मरीज दोनों का विश्वास और सम्मान बढ़ाया है।”
हृदय रोग: जल्द पहचान और इलाज है सफलता की कुंजी
डॉ. गुप्ता के अनुसार, “हृदय रोगों में बीमारी की पहचान जितनी जल्दी हो, मरीज का इलाज और रिकवरी उतनी ही तेजी से संभव है।” उन्होंने इस बात पर बल दिया कि समय-समय पर नियमित चिकित्सा जांच और हृदय रोग के लक्षणों को नजरअंदाज न करना अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
अमृतधारा माई हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर, डॉ. शमित गुप्ता ने जानकारी दी कि अस्पताल में हृदय रोगियों के लिए अलग से सीटीवीएस (कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी) आईसीयू उपलब्ध है। “यह विशेष सुविधा सर्जरी के बाद मरीजों के बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करती है,” उन्होंने बताया।
स्थानीय स्तर पर विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा
डॉ. शुचिन बजाज, उजाला सिग्नस ग्रुप के फाउंडर डायरेक्टर, ने कहा, “पहले हृदय संबंधी जटिल ऑपरेशनों के लिए करनाल और आसपास के मरीजों को दिल्ली या चंडीगढ़ जाना पड़ता था। अब यह सुविधा करनाल में ही उपलब्ध है, जिससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि मरीजों के स्वास्थ्य की देखरेख बेहतर तरीके से संभव होती है।”
अस्पताल की बढ़ती उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए डॉ. बजाज ने यह भी बताया कि अमृतधारा माई हॉस्पिटल हर क्षेत्र में सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मरीजों की सफलता की कहानियां: एक प्रेरणा
इस अवसर पर सर्जरी से उभरे मरीजों ने अपने अनुभव साझा किए। सोनिया, संजय, बलजीत, सुभाष, गीता, राकेश, सुनीता, मेवा रानी, प्रेम सिंह, विजय और अमर सिंह जैसे मरीजों ने ऑपरेशन के बाद अपने बेहतर स्वास्थ्य का श्रेय डॉ. गुप्ता और उनकी टीम को दिया।
सोनिया ने बताया, “मैं लंबे समय से हृदय की समस्या से परेशान थी। लेकिन डॉ. गुप्ता ने मेरी सर्जरी न केवल सफलतापूर्वक की, बल्कि मुझे दोबारा स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीने का मौका दिया।” वहीं, बलजीत ने अस्पताल की सुविधाओं और देखभाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां की सेवाएं किसी बड़े महानगर के अस्पताल से कम नहीं हैं।
सर्दियों में हृदय को स्वस्थ रखने के टिप्स
डॉ. संतोष गुप्ता ने सर्दियों में हृदय को स्वस्थ रखने के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए:
- संवेदनशील स्वास्थ्य का ध्यान: सर्दियों में शरीर के तापमान को स्थिर रखना बहुत जरूरी है। ठंड में अत्यधिक मेहनत से बचें और गर्म कपड़े पहनें।
- आहार में बदलाव: स्वस्थ और संतुलित आहार लें। फैट और अधिक कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों से बचें। फल, सब्जियां और फाइबर युक्त आहार हृदय के लिए बेहतर होते हैं।
- नियमित व्यायाम: शरीर को सक्रिय रखें। हल्के-फुल्के व्यायाम जैसे योग और वॉक को दिनचर्या में शामिल करें।
- धूम्रपान और शराब से दूरी: यह दोनों आदतें हृदय रोग का मुख्य कारण बनती हैं।
- नींद का ध्यान रखें: अच्छी नींद हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करती है। कम से कम 7-8 घंटे की नींद लें।
- मेडिकल चेकअप: समय-समय पर ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच करवाएं। इससे हृदय रोगों के खतरे को पहले ही पहचाना जा सकता है।
अमृतधारा माई हॉस्पिटल का योगदान
अमृतधारा माई हॉस्पिटल ने यह साबित किया है कि गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं हैं। करनाल और आसपास के क्षेत्रों में इसकी सेवाओं से न केवल मरीजों का भरोसा बढ़ा है, बल्कि उनके स्वास्थ्य में भी व्यापक सुधार हुआ है।
श्रीमती मीनू मल्होत्रा ने कहा, “हम अस्पताल की टीम के हर सदस्य का आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने इस उपलब्धि को संभव बनाया। डॉ. गुप्ता जैसे विशेषज्ञ हमारे अस्पताल की संपत्ति हैं।”
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अंतिम विचार: जागरूकता ही बचाव है
सर्दियों में हृदय रोगों के जोखिम से बचने के लिए जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलावों के साथ नियमित चिकित्सा परामर्श और जांच आवश्यक है। डॉ. संतोष गुप्ता जैसे अनुभवी सर्जन और अमृतधारा माई हॉस्पिटल जैसी चिकित्सा संस्थाएं इस दिशा में बड़ी भूमिका निभा रही हैं।
सुधार और प्रयास के जरिए, हर व्यक्ति एक स्वस्थ और दीर्घायु जीवन जी सकता है। जीवनशैली में बदलाव लाकर हृदय को सुरक्षित रखना हमारे अपने हाथों में है।
