गधौली कलां गांव का मामला: अवैध वसूली के आरोपों के बीच मंत्री ने रखी अपनी बात
यमुनानगर के गधौली कलां गांव का एक मोड़ बुधवार को कष्ट निवारण समिति की बैठक में तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बना। यहां के एक फरियादी ने गांव के सरपंच और टोल प्लाजा अधिकारियों की मिलीभगत के जरिए अवैध वसूली के आरोप लगाए, जिससे बैठक में काफी गहमागहमी हो गई। इस मामले में गधौली का नाम बार-बार प्रमुखता से सामने आया।
फरियादी के आरोप और मंत्री का गुस्सा
गांव के शिकायतकर्ता कुलदीप ने मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के सामने आरोप लगाया कि गांव के मोड़ पर नाका लगाकर अवैध वसूली हो रही है। फरियादी ने कहा कि इस अवैध गतिविधि को रोकने में पुलिस और सरकार पूरी तरह असफल रही है। यह बयान सुनते ही मंत्री बेदी का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने फरियादी को कड़ी नसीहत देते हुए कहा, “हमारी सरकार पर ऐसा आरोप लगाना सही नहीं है।”
सरकार की उपलब्धियों का विवरण
मंत्री ने फरियादी को सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार जनता के हित में कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने गांव की स्थिति का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी क्षेत्र में जनसमस्याओं का हल उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने फरियादी को अपने शब्द वापस लेने की सलाह दी और भरोसा दिलाया कि गधौली सहित सभी गांवों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
शिकायत पर प्रशासनिक जांच और रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को समझते हुए, मंत्री बेदी ने एसडीएम सोनू राम से गांव में हुई समस्या पर रिपोर्ट पेश करने को कहा। एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि शिकायत पर निरीक्षण किया गया और नाका वहां मौजूद मिला। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नाका भारी वाहनों को गांव की पुलिया को नुकसान पहुंचाने से रोकने के लिए लगाया गया है। गधौली गांव में इस संबंध में जनता के दो समूहों के बीच विवाद की स्थिति सामने आई है।
सीसीटीवी फुटेज से हुई पुष्टि
एसडीएम ने बताया कि जिस स्थान पर नाका लगाया गया है, वहां सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। फुटेज की जांच करने पर कोई अवैध वसूली का सबूत नहीं मिला। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि गधौली गांव में दो गुट हैं – एक नाके का समर्थन करता है, जबकि दूसरा इसका विरोध कर रहा है। इस जांच में गधौली का नाम बार-बार आना इसके महत्व को दर्शाता है।
वैकल्पिक समाधान की योजना
मंत्री बेदी ने बैठक के दौरान पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को निर्देश दिए कि गधौली गांव की पुलिया के पास से भारी वाहनों को गुजरने से रोकने के लिए नए पुल के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि नया पुल बनने के बाद यह नाका हटा दिया जाएगा, जिससे विवाद का समाधान हो सकेगा। इस संदर्भ में गधौली की योजना को विशेष ध्यान में रखा गया है।
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टोल प्लाजा का प्रभाव और गांव की समस्या
अंबाला-जगाधरी हाईवे पर गधौली गांव के पास एक टोल प्लाजा स्थित है। भारी वाहन टोल से बचने के लिए गधौली गांव के रास्तों से होकर गुजरते हैं। इस वजह से गधौली गांव की पुलिया को नुकसान पहुंचता है। इसी समस्या को रोकने के लिए मोड़ पर नाका लगाया गया है। हालांकि, इस निर्णय को लेकर गधौली गांव के अंदर मतभेद सामने आए हैं। गधौली के नागरिकों ने अपनी अलग-अलग राय रखी, जिसमें नाके की प्रासंगिकता और इसके प्रभाव पर चर्चा की गई।
19 शिकायतों में से 14 का निपटारा
कष्ट निवारण समिति की बैठक में कुल 19 शिकायतें सामने आईं। इनमें से 14 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि 5 को अगली बैठक तक लंबित रखा गया। गधौली गांव से जुड़ा यह मामला सबसे अधिक चर्चा में रहा। गधौली के मामले ने बैठक का केंद्र बिंदु बनकर अन्य मुद्दों पर विचार को पीछे छोड़ दिया।
मंत्री का संदेश: विकास और समाधान
मंत्री बेदी ने बैठक के अंत में कहा कि उनकी सरकार जनता की भलाई के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने गांव के उदाहरण से यह स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने सभी पक्षों से शांति और सहमति बनाए रखने की अपील की। उनका कहना था कि गधौली गांव सहित प्रदेश की हर समस्या का हल किया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में ऐसा कोई कदम उठाया जाएगा जिससे गांव के सभी गुट संतुष्ट हो सकें।

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