विदेश यात्रा का धोखा: कैसे अवैध एजेंट लूट रहे हैं लोगों की मेहनत की कमाई

विदेश यात्रा का धोखा: कैसे अवैध एजेंट लूट रहे हैं लोगों की मेहनत की कमाई
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अनधिकृत एजेंटों की धोखाधड़ी का नया अध्याय

करनाल। विदेश में बेहतर जीवन और सुनहरे भविष्य की चाह में लोगों को अनधिकृत एजेंटों की धोखाधड़ी का शिकार बनना पड़ रहा है। यह समस्या न केवल व्यक्तिगत रूप से पीड़ितों को आर्थिक नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि समाज में जागरूकता की कमी और अवैध गतिविधियों पर अंकुश न होने के कारण व्यापक प्रभाव डाल रही है। हाल ही में करनाल में दो नए मामले सामने आए हैं, जिनमें पीड़ितों से लाखों रुपये ठग लिए गए।

मामला 1: फर्जी वीजा और लगातार मांग बढ़ाने की साजिश

डाबरथला गांव के रोहताश कुमार की शिकायत रोहताश कुमार, डाबरथला गांव के निवासी, ने पुलिस को अपनी शिकायत में बताया कि उनकी मुलाकात अगस्त 2023 में बडौता गांव निवासी राकेश, सौंथा कैथल निवासी कुलदीप, कुरुक्षेत्र निवासी मनोज और महूल गांधी से हुई। इन लोगों ने वादा किया कि वे रोहताश के छोटे बेटे अभिषेक और उनकी पत्नी को ऑस्ट्रेलिया का वीजा दिलाएंगे।

शुरुआत में, आरोपियों ने ऑस्ट्रेलिया पहुंचने से पहले बैंकॉक जाने की योजना बनाई और इसके लिए पीड़ित परिवार के मुंबई से बैंकॉक तक के टिकट भी बुक कराए। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें बताया कि अर्मेनिया जाने की आवश्यकता पड़ेगी और इसके लिए 45 लाख रुपये की मांग की। जब रोहताश ने इतनी भारी राशि देने से इंकार किया, तो आरोपियों ने उन्हें समझाया कि ऑस्ट्रेलिया का वीजा हासिल करने के लिए दो से तीन देशों का चक्कर लगाना पड़ेगा।

नतीजतन, पीड़ित ने अपने बेटे को इन एजेंटों के बताए देश भेज दिया, लेकिन उन्हें ऑस्ट्रेलिया नहीं भेजा गया। इसके बजाय, आरोपी उनसे 17 लाख रुपये वसूल चुके थे। यह मामला अब बुटाना थाना पुलिस के पास है, जो इसकी गहन जांच कर रही है।

मामला 2: काम के वादे और धमकी में बदला विश्वास

गुमटो गांव के राजेश की आपबीती इसी तरह का एक और मामला गुमटो गांव के राजेश के साथ सामने आया। उनकी शिकायत के अनुसार, इंद्री निवासी मनमीत सिंह ने उनके बेटे आशीष को ऑस्ट्रेलिया में वर्क परमिट दिलाने का झांसा दिया।

मनमीत सिंह ने वादा किया कि उनका बेटा विदेश जाकर लाखों रुपये कमाएगा, और इस प्रलोभन में आकर राजेश ने 1606900 रुपये दे दिए। हालांकि, आरोपी ने न केवल आशीष को ऑस्ट्रेलिया भेजने में असफलता दिखाई, बल्कि अब रुपये लौटाने से भी इनकार कर रहा है। जब राजेश ने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में इंद्री थाना पुलिस कार्रवाई कर रही है।

विदेश जाने के सपने के नाम पर क्यों हो रही है धोखाधड़ी?

  • लोगों का अज्ञान और लालच: अधिकांश लोग अनधिकृत एजेंटों के चकाचौंध वाले विज्ञापनों के झांसे में आ जाते हैं।
  • सरकार की चेतावनी की अनदेखी: जिला प्रशासन और पुलिस समय-समय पर सावधान रहने की सलाह देते हैं, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं।
  • अनधिकृत एजेंटों का फैलता जाल: ये एजेंट अपनी पहचान छुपाने के लिए बार-बार जगह और नाम बदलते रहते हैं, जिससे उन्हें पकड़ पाना मुश्किल होता है।

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जिला प्रशासन का रुख: अधिकृत एजेंटों से ही करें संपर्क

करनाल के उपायुक्त उत्तम सिंह ने आम जनता से अपील की है कि वे विदेश जाने के लिए सरकार द्वारा अधिकृत एजेंटों और एजेंसियों से ही संपर्क करें। उपायुक्त ने कहा, “अक्सर देखने में आता है कि धोखाधड़ी करने वाले एजेंट पंजीकृत नहीं होते हैं। ऐसे में आमजन को सतर्क रहना बेहद जरूरी है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि विदेश जाने से पहले अच्छी तरह से जांच-पड़ताल करें और https://emigrate.gov.in/ पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी का लाभ उठाएं।Flash

बचाव के लिए जरूरी कदम

  1. पंजीकृत एजेंट की पहचान करें: सरकार द्वारा जारी अधिकृत ट्रैवल एजेंटों की सूची से संपर्क करें।
  2. लिखित अनुबंध करें: किसी भी वादे पर भरोसा करने से पहले लिखित समझौता करें।
  3. झूठे वादों से बचें: अगर एजेंट पहले से वीजा देने से पहले पैसे मांग रहा है, तो सावधान हो जाएं।
  4. स्थानीय पुलिस को सूचित करें: अगर किसी पर शक हो, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।

सरकार की पहल: कैसे मदद मिल सकती है?

सरकार ने नकली एजेंटों को पकड़ने और धोखाधड़ी रोकने के लिए कई उपाय किए हैं। इसके लिए प्रमुख पोर्टल https://emigrate.gov.in/ का शुभारंभ किया गया है, जहां विदेश जाने की प्रक्रियाओं और अधिकृत एजेंटों की सूची मिल सकती है।

कानूनी कार्रवाई का महत्व

इन मामलों में पुलिस की कार्रवाई एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित करता है, बल्कि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के लिए भी एक चेतावनी है। बुटाना थाना और इंद्री थाना पुलिस ने धोखाधड़ी के इन मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

क्या हमने सीखा?

इन मामलों से यह स्पष्ट है कि विदेश जाने का सपना देखते समय लोगों को जागरूक और सतर्क रहना चाहिए। एक सही और वैध एजेंसी के माध्यम से ही इस तरह की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।

नोट: अपने सपनों को साकार करने के लिए शॉर्टकट रास्तों का सहारा न लें। मेहनत की कमाई बचाएं और जिम्मेदारी से अपने निर्णय लें।

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