लॉर्ड्स, लंदन – भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच का दूसरा दिन उस वक्त सुर्खियों में आ गया, जब मैदान पर गेंद की शेप (गेंद का आकार) को लेकर विवाद छिड़ गया। यह IND vs ENG लॉर्ड्स टेस्ट बॉल विवाद इतना बढ़ गया कि भारतीय कप्तान शुभमन गिल और तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज अंपायरों से खुलकर बहस करते नजर आए।
दूसरे दिन, जब इंग्लैंड की पहली पारी का 91वां ओवर चल रहा था, तभी भारतीय खिलाड़ियों ने ड्यूक्स गेंद की शेप को लेकर नाखुशी जाहिर की। विशेष रूप से, यह गेंद महज 10 ओवर पुरानी थी और भारत ने 80वें ओवर में ही नई गेंद ली थी। ऐसे में इतनी जल्दी गेंद का खराब हो जाना भारतीय खिलाड़ियों के लिए हैरानी का विषय बन गया।
लॉर्ड्स टेस्ट बॉल विवाद – रिंग टेस्ट में फेल हुई गेंद
अंपायरों ने गेंद की स्थिति को जांचने के लिए पारंपरिक रिंग टेस्ट किया, जिसमें गेंद को एक विशेष धातु के रिंग से निकाला जाता है। यदि गेंद उस रिंग से नहीं निकलती है तो इसका मतलब है कि वह डिफॉर्म यानी विकृत हो चुकी है। यही हुआ – गेंद रिंग से नहीं निकली और पुष्टि हो गई कि वह खराब हो गई है।
इसके बाद अंपायरों ने नई गेंद मंगवाई, लेकिन वहां भी विवाद कम नहीं हुआ।
“ये गेंद ठीक नहीं है!” – अंपायर से भिड़े शुभमन गिल
जब अंपायरों ने दूसरी गेंद टीम इंडिया को दी, तब कप्तान शुभमन गिल अंपायरों से काफी नाराज दिखे। उन्होंने न केवल नई गेंद पर आपत्ति जताई, बल्कि स्टंप माइक पर गुस्से में बातचीत करते भी सुने गए। अंपायरों से बातचीत के दौरान उनका रुख स्पष्ट रूप से आक्रोशपूर्ण था।
मोहम्मद सिराज भी भड़के
तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की आवाज भी स्टंप माइक पर कैद हुई। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा – “ये 10 ओवर पुरानी गेंद है? सच में?” सिराज का इशारा इस ओर था कि नई ली गई गेंद की हालत 10 ओवर में इतनी खराब कैसे हो सकती है, जो कि एक अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैच के स्तर पर बेहद असामान्य स्थिति है।
भारतीय खिलाड़ियों के लगातार आग्रह के बाद अंततः 99वें ओवर में गेंद फिर से बदली गई।
क्या ड्यूक्स गेंदों की क्वालिटी गिर रही है?
गौरतलब है कि ड्यूक्स गेंदों की गुणवत्ता को लेकर बीते कुछ वर्षों में कई खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं। इंग्लैंड में यह गेंद परंपरागत रूप से इस्तेमाल होती है, लेकिन बार-बार इसकी शेप खराब होने की घटनाएं अब चिंता का विषय बन गई हैं।
2018 में इंग्लिश गेंदबाज जेम्स एंडरसन और भारत के भुवनेश्वर कुमार भी इस पर चिंता जता चुके हैं।
मैच की प्रमुख घटनाएं – रूट का शतक और बुमराह की वापसी
इस विवाद के बीच, मैच के दूसरे दिन का मुख्य आकर्षण इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जो रूट का शानदार शतक रहा। यह उनके टेस्ट करियर का 37वां शतक था, जिससे उन्होंने टीम को एक मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
लेकिन भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह ने एक बार फिर जो रूट को क्लीन बोल्ड कर दिया। यह ग्यारहवीं बार है जब रूट बुमराह का शिकार बने हैं।
बुमराह बनाम रूट: एक दिलचस्प आंकड़ा
| आँकड़ा | विवरण |
|---|---|
| रन | 311 |
| गेंदें | 612 |
| आउट | 11 बार |
| औसत | 28.27 |
इस आंकड़े से साफ है कि जसप्रीत बुमराह इंग्लैंड के इस दिग्गज बल्लेबाज पर खासे भारी पड़े हैं। उनके सामने रूट अब तक टेस्ट में सहज नहीं दिखे हैं।
श्रृंखला की स्थिति: 1-1 की बराबरी
यह टेस्ट मैच पांच मैचों की श्रृंखला का तीसरा मुकाबला है। इससे पहले दो मैचों में दोनों टीमें एक-एक जीत के साथ बराबरी पर हैं:
- पहला टेस्ट (लीड्स) – इंग्लैंड ने 5 विकेट से जीत दर्ज की
- दूसरा टेस्ट (बर्मिंघम) – भारत ने शानदार वापसी करते हुए 336 रनों से जीत हासिल की
तीसरे टेस्ट के इस मध्य चरण में चल रहे विवाद और खिलाड़ियों की तीव्र प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि इस सीरीज में दोनों टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा कितनी तीव्र है।
क्रिकेट एक्सपर्ट्स की राय
पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने ट्वीट करते हुए कहा:
“अगर 10 ओवर में ड्यूक्स गेंद विकृत हो जाती है, तो इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड को गुणवत्ता सुधारने की सख्त जरूरत है।”
माइकल वॉन ने भी BBC पर कहा:
“गेंद से जुड़ा विवाद खेल की स्पिरिट को प्रभावित कर सकता है। दोनों टीमों को संयम रखना होगा।”
संपादकीय टिप्पणी – संजय शर्मा द्वारा
“टेस्ट क्रिकेट की गरिमा और उसकी तकनीकी सटीकता ही इस खेल की असली पहचान है। अगर इतनी शुरुआती अवस्था में गेंद की शेप गड़बड़ हो जाए, तो यह केवल खेल की गुणवत्ता नहीं बल्कि उसकी निष्पक्षता पर भी प्रश्नचिन्ह लगा देता है। शुभमन गिल और मोहम्मद सिराज की प्रतिक्रिया तात्कालिक नहीं, बल्कि इस मुद्दे की गंभीरता को दर्शाने वाली है। खेल के नियामकों को इस पर ठोस कार्यवाही करनी चाहिए।”
निष्कर्ष
IND vs ENG लॉर्ड्स टेस्ट बॉल विवाद ने एक बार फिर से क्रिकेट जगत में गेंद की गुणवत्ता को लेकर बहस छेड़ दी है। शुभमन गिल और मोहम्मद सिराज जैसे खिलाड़ी जब अंपायरों से सीधे सवाल करते हैं, तो यह सिर्फ गुस्सा नहीं बल्कि खेल की निष्पक्षता के लिए आवाज़ है।
तीसरे दिन का खेल इस लॉर्ड्स टेस्ट बॉल विवाद के बाद और भी दिलचस्प हो गया है। देखना यह होगा कि क्या आगे भी गेंद से जुड़ी ऐसी घटनाएं सामने आती हैं या इस पर नियंत्रण पाया जाएगा।
