नूंह हिंसा के आरोपी बिट्टू बजरंगी ने ठोकी चुनावी ताल, फरीदाबाद NIT सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर भरा पर्चा

नूंह हिंसा के आरोपी बिट्टू बजरंगी ने ठोकी चुनावी ताल, फरीदाबाद NIT सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर भरा पर्चा
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हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 के माहौल में अब एक नया चेहरा भी अपनी किस्मत आजमाने मैदान में उतर आया है। नूंह हिंसा के आरोपी बिट्टू बजरंगी, जो गौ-रक्षक और हिंदूवादी नेता के तौर पर जाने जाते हैं, ने फरीदाबाद की NIT (नेशनल इंडस्ट्रियल टाउन) विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। बिट्टू बजरंगी के इस कदम ने हरियाणा की सियासत में एक नया मोड़ ला दिया है, क्योंकि उनकी उम्मीदवारी से चुनावी समीकरणों में अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

नामांकन के बाद बिट्टू बजरंगी का पहला बयान

बिट्टू बजरंगी ने अपने समर्थकों के साथ फरीदाबाद के सेक्टर 12 स्थित मिनी सचिवालय पहुंचकर चुनावी नामांकन भरा। नामांकन दाखिल करने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, “मेरे पास नेताओं जैसा पैसा नहीं है, लेकिन मेरे पास जनता का समर्थन है।” उन्होंने यह भी दावा किया कि वह आने वाले समय में गौकशी और ‘लव जिहाद’ के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।

बिट्टू बजरंगी ने यह भी कहा, “नेताओं ने एनआईटी की जनता को ठगा है, और अब जनता बदलाव चाहती है। जनता ने मुझे अपना उम्मीदवार बनाकर मैदान में उतारा है। मैं एनआईटी के लोगों के लिए संघर्ष करता रहूंगा, चाहे इसके लिए मुझे कितने भी केसों का सामना करना पड़े।”

“राजनीति को धंधा बना दिया है नेताओं ने”: बजरंगी का हमला

बिट्टू बजरंगी ने सरकार पर भी तीखा हमला बोला और कहा, “नेताओं ने राजनीति को धंधा बना दिया है। अबकी बार खेला होगा, बदलाव होगा। मेरे विधायक बनने के बाद 2-4 केस और लगेंगे, लेकिन मैं पीछे नहीं हटूंगा।” उन्होंने अपने बयान में यह भी जोड़ा कि गाय के कल्याण के लिए करोड़ों रुपये आते हैं, लेकिन वो कहां जाते हैं, इस पर कोई जवाब नहीं देता।

उन्होंने आरोप लगाया कि अगर वह सच बोलेंगे तो उनके खिलाफ एक और केस दर्ज कर दिया जाएगा। बजरंगी का कहना था कि अब समय आ गया है कि जनता इस राजनीतिक खेल को समझे और सही चुनाव करे।

गौकशी और ‘लव जिहाद’ के खिलाफ जारी रहेगा अभियान

बिट्टू बजरंगी ने गौकशी के मुद्दे पर कहा कि वह अपने अभियान को आगे भी जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, “अगर गौकशी होगी, तो मैं अपनी आवाज उठाता रहूंगा। अगर बहन-बेटी के साथ ‘लव जिहाद’ होगा, तो मैं उसके खिलाफ भी लड़ता रहूंगा।” बजरंगी ने यह भी कहा कि वह केवल जनता की भलाई के लिए काम कर रहे हैं और उन्हें अपने संघर्ष का कोई खेद नहीं है।

नूंह हिंसा के आरोप और बजरंगी की छवि

बिट्टू बजरंगी पर नूंह हिंसा के दौरान कानून-व्यवस्था भंग करने के आरोप हैं। वे पहले से ही कई विवादों में घिरे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपनी राजनीतिक एंट्री का साहसिक फैसला लिया है। उनका कहना है कि “अभी तो 2-4 और केस होंगे,” जो उनके आत्मविश्वास और संघर्ष के लिए तत्परता को दर्शाता है। उनके इस बयान से उनके समर्थकों में भी उत्साह देखा जा सकता है।

हरियाणा चुनाव की तैयारियों पर क्या बोले बजरंगी?

हरियाणा विधानसभा चुनाव की तैयारियों के संदर्भ में बजरंगी ने कहा, “जनता दुखी है और बदलाव चाहती है। नेताओं ने एनआईटी की जनता को ठगा है।” उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास नेताओं जैसा पैसा नहीं है, लेकिन उनके पास जनता का समर्थन है, जो किसी भी चुनावी जंग को जीतने के लिए सबसे महत्वपूर्ण हथियार है।

“राजनीति में होगा बड़ा खेला”: बजरंगी का दावा

बिट्टू बजरंगी ने दावा किया कि इस बार राजनीति में बड़ा खेला होगा। उन्होंने कहा, “जनता ने ठाना है, अबकी बार बदलाव होगा। नेताओं के पास पैसा है, लेकिन मेरे पास जनता का समर्थन है। मैं विधायक बनने के बाद भी अपने संघर्ष को जारी रखूंगा, चाहे इसके लिए मुझे कितने भी केसों का सामना क्यों न करना पड़े।”

चुनावी ताल ठोकने वाले नए चेहरे, चुनाव में क्या बदलेगा?

बिट्टू बजरंगी के चुनावी मैदान में उतरने से हरियाणा विधानसभा चुनाव के समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। उनके समर्थकों की बड़ी तादाद और उनकी छवि को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि एनआईटी सीट पर चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो सकता है। बिट्टू बजरंगी के मैदान में उतरने से निर्दलीय उम्मीदवारों की भी अहमियत बढ़ गई है।

फरीदाबाद NIT सीट: क्या होगा बजरंगी के चुनावी सफर का परिणाम?

फरीदाबाद NIT विधानसभा सीट पर बजरंगी के चुनावी मैदान में उतरने से चुनावी मुकाबला और भी कड़ा हो गया है। अब देखना यह होगा कि क्या बजरंगी अपने समर्थकों के बल पर इस चुनावी अखाड़े में जीत हासिल कर पाते हैं या नहीं।

हरियाणा विधानसभा चुनाव: तारीखें और तैयारी

हरियाणा विधानसभा के 90 सीटों के लिए मतदान 5 अक्टूबर को होगा और 8 अक्टूबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि नूंह हिंसा के आरोपी बिट्टू बजरंगी का चुनावी सफर कैसा रहेगा और क्या वे जनता का विश्वास जीत पाएंगे।

निष्कर्ष: बदलाव की उम्मीद या पुराने समीकरण का जारी रहना?

बिट्टू बजरंगी के चुनावी मैदान में उतरने से हरियाणा के फरीदाबाद NIT विधानसभा क्षेत्र में एक नया राजनीतिक समीकरण तैयार हो रहा है। यह बदलाव के संकेत देता है, लेकिन इसके साथ ही यह भी सवाल खड़ा करता है कि क्या जनता सच में बदलाव के लिए तैयार है या पारंपरिक राजनीतिक दलों का वर्चस्व अभी भी बरकरार रहेगा।

हरियाणा के इस विधानसभा चुनाव में बिट्टू बजरंगी की उम्मीदवारी एक नया मोड़ ला सकती है, लेकिन इसके लिए हमें चुनावी नतीजों का इंतजार करना होगा।

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