विनेश फोगाट के राजनीति में आने पर महावीर फोगाट की नाराजगी: “अगर वह खेलमंत्री बनती हैं…”

विनेश फोगाट के राजनीति में आने पर महावीर फोगाट की नाराजगी: "अगर वह खेलमंत्री बनती हैं…"
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पहलवान विनेश फोगाट ने हाल ही में कांग्रेस में शामिल होकर राजनीति में अपनी नई पारी की शुरुआत की है। इसके साथ ही उन्हें जुलाना विधानसभा सीट से कांग्रेस का उम्मीदवार भी बनाया गया है। इस फैसले ने खेल जगत और राजनीति में हलचल मचा दी है। लेकिन, इस फैसले से उनके ताऊ महावीर फोगाट खासे नाराज हैं। महावीर फोगाट, जो खुद एक प्रसिद्ध पहलवान और द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित कोच हैं, विनेश के राजनीति में आने के फैसले को लेकर असंतुष्ट नजर आए।

“2028 में गोल्ड जीतने के बाद आती तो मेडलिस्ट कहलातीं”

महावीर फोगाट का मानना है कि विनेश फोगाट को राजनीति में कदम रखने से पहले अपनी खेल यात्रा को पूरा करना चाहिए था। उन्होंने कहा, “विनेश को अभी राजनीति में नहीं आना चाहिए था। उन्हें 2028 ओलंपिक में हिस्सा लेना चाहिए था, यह उनके लिए महत्वपूर्ण होता। अगर वह 2028 में गोल्ड जीतने के बाद राजनीति में आतीं, तो वह मेडलिस्ट कहलातीं।” महावीर फोगाट ने सवाल उठाया कि राजनीति में आकर विनेश फोगाट खिलाड़ियों का कितना भला कर पाएंगी, इस पर उन्हें संदेह है।

खेलमंत्री बनने पर क्या कहा महावीर फोगाट ने?

जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस की सरकार बनने पर अगर विनेश फोगाट खेलमंत्री बनती हैं, तो इस पर महावीर फोगाट का जवाब था, “अगर वह खेलमंत्री बनती हैं और खिलाड़ियों का कुछ भला करती हैं, तो यह अच्छी बात है।” महावीर का बयान साफ दर्शाता है कि वे विनेश के फैसले को लेकर चिंतित हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद भी है कि अगर विनेश किसी महत्वपूर्ण पद पर आती हैं, तो वह खिलाड़ियों के लिए कुछ सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।

“पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा की साजिश”

महावीर फोगाट ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विनेश फोगाट को राजनीति में लाने के पीछे इन दोनों नेताओं की साजिश है। महावीर फोगाट का मानना है कि विनेश को राजनीति में लाकर उनकी खेल यात्रा को रोकने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा, “यह साजिश की तरह लगता है, जहां खेल को छोड़कर विनेश को राजनीति में धकेला जा रहा है।”

जुलाना से चुनावी मैदान में उतरीं विनेश

विनेश फोगाट ने कांग्रेस का हाथ थामने के बाद हरियाणा के जुलाना विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने अपने पति के पैतृक गांव बक्ता खेड़ा से अपना चुनावी प्रचार अभियान शुरू किया। विनेश के इस कदम ने न केवल उनके समर्थकों में उत्साह बढ़ाया है, बल्कि उनकी राजनीतिक यात्रा को भी एक नया आयाम दिया है।

उन्होंने इस दौरान एक जोरदार रोड शो भी किया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। अपने संबोधन में उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब पहलवानों को सड़कों पर घसीटा गया, तब बीजेपी को छोड़कर सभी दल हमारे साथ खड़े थे। विनेश ने कहा, “मैं कांग्रेस पार्टी का शुक्रिया अदा करती हूं, कठिन समय आपको बताता है कि आपके साथ कौन है।”

“खिलाड़ियों के लिए नई पारी शुरू कर रही हूं”

विनेश फोगाट ने अपनी राजनीति में एंट्री के पीछे की वजह को भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, “मैं एक नई पारी शुरू कर रही हूं, मैं चाहती हूं कि खिलाड़ियों को वह सब न सहना पड़े, जिससे हमें गुजरना पड़ा। हम डरेंगे नहीं और पीछे नहीं हटेंगे। हमारा कोर्ट केस चल रहा है, हम उसमें भी जीतेंगे।”

खिलाड़ियों के समर्थन में क्यों उतरीं विनेश?

विनेश फोगाट का यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वह खिलाड़ियों के लिए काम करना चाहती हैं। उनका मानना है कि राजनीति में आकर वह उस समर्थन को हासिल कर सकती हैं, जो खिलाड़ियों के लिए एक बेहतर भविष्य सुनिश्चित करेगा।

“बीजेपी बृजभूषण शरण सिंह का समर्थन कर रही थी”

विनेश फोगाट ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि जब पहलवानों को सड़कों पर घसीटा गया, तब बीजेपी ने बृजभूषण शरण सिंह का समर्थन किया। इसके विपरीत, कांग्रेस पार्टी ने उस दौरान पहलवानों का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने कठिन समय में हमें समर्थन दिया। इसलिए मैंने कांग्रेस का दामन थामा।”

क्या कहती है विनेश की राजनीतिक यात्रा?

विनेश फोगाट की राजनीति में एंट्री से हरियाणा की सियासत में एक नया मोड़ आ गया है। उनकी उम्मीदवारी से जुलाना विधानसभा सीट पर मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या विनेश अपनी खेल की प्रतिष्ठा को राजनीति में भी बनाए रख पाएंगी या नहीं।

निष्कर्ष: राजनीति में विनेश का भविष्य

महावीर फोगाट की नाराजगी और विनेश फोगाट के आत्मविश्वास के बीच, राजनीति में उनकी यात्रा कैसी रहेगी, यह देखना बाकी है। क्या वह खेलमंत्री बनकर खिलाड़ियों के लिए कुछ कर पाएंगी, या महावीर फोगाट की आशंकाएं सही साबित होंगी, यह समय ही बताएगा। लेकिन इतना तय है कि विनेश फोगाट का राजनीति में आना हरियाणा की सियासत में एक नई चर्चा का विषय बन गया है।

नोट: विनेश फोगाट के इस निर्णय के बाद, हरियाणा के राजनीतिक और खेल जगत में कई सवाल खड़े हो गए हैं। क्या यह निर्णय विनेश के करियर के लिए सही साबित होगा या नहीं, यह आने वाला समय ही बताएगा।

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