उदयपुर हिंसा: छात्र देवराज का अंतिम संस्कार कड़ी सुरक्षा में संपन्न, पूरे शहर में तनावपूर्ण शांति

उदयपुर हिंसा: छात्र देवराज का अंतिम संस्कार कड़ी सुरक्षा में संपन्न, पूरे शहर में तनावपूर्ण शांति
Spread the love

उदयपुर की सड़कों पर इस समय सन्नाटा पसरा हुआ है। छात्र देवराज की मौत के बाद पूरे शहर में गुस्से और शोक का माहौल है। सोमवार को इलाज के दौरान घायल छात्र देवराज की मौत हो गई, जिसके बाद मंगलवार को कड़ी सुरक्षा में उसका अंतिम संस्कार किया गया। शहर में किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए व्यापक पुलिस बल तैनात किया गया। साथ ही जिले में स्कूल और कॉलेज भी बंद कर दिए गए हैं।

अंतिम संस्कार के दौरान कड़ी सुरक्षा, ड्रोन से निगरानी

देवराज का अंतिम संस्कार मंगलवार सुबह हुआ। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए। चौराहों और घरों की छतों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। पुलिस और प्रशासन ने ड्रोन के जरिए पूरे जुलूस के मार्ग पर कड़ी निगरानी रखी। देवराज के घर से श्मशान घाट तक जाने वाले मार्ग पर कोई अप्रिय घटना न हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया।

सांसद मन्ना लाल रावत ने जताया शोक, की कठोर कार्रवाई की मांग

उदयपुर सांसद डॉ. मन्ना लाल रावत ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “यह घटना पूरे समाज के लिए बहुत दुखद है। मेवाड़ हमेशा से एकजुट रहा है, लेकिन ऐसी घटनाएं हमारे सामाजिक ढांचे को हिला देती हैं। लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। अगर इस घटना के पीछे कोई संगठित तंत्र है, तो उसकी पूरी जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”

परिजनों ने शव लेने से किया इनकार, मांगी न्याय की गारंटी

सोमवार को देवराज के परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया था। उनकी मांग थी कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जाए और इसके अलावा उन्होंने आर्थिक सहायता और नौकरी की भी मांग रखी। इसके बाद प्रशासन और समाज के नेताओं के बीच बातचीत हुई और परिजनों को 51 लाख रुपए की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने और एसटी-एससी एक्ट के तहत मामला दर्ज करने का आश्वासन मिला। इसके बाद ही परिजनों ने शव को स्वीकार किया।

इंटरनेट बंद और स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी, शहर में धारा 144 लागू

शहर में तनाव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने मंगलवार रात 10 बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद रखने का आदेश दिया। साथ ही शहर में धारा 144 भी लागू कर दी गई है, ताकि किसी भी प्रकार की सामूहिक गतिविधि पर रोक लगाई जा सके। मंगलवार को शहर के सभी स्कूल-कॉलेज भी बंद रहे, हालांकि निर्धारित परीक्षाओं को यथावत रखा गया।

आरोपी छात्र के किराए के मकान पर चला बुलडोजर

इस घटना के बाद प्रशासन ने आरोपी छात्र के किराए के मकान पर बुलडोजर चलाकर उसे तोड़ दिया। इस कार्रवाई ने शहर में एक नया विवाद खड़ा कर दिया। विपक्षी नेताओं ने इस कदम की आलोचना करते हुए राज्य सरकार पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि जिस घर को तोड़ा गया, वह आरोपी छात्र का नहीं था, बल्कि वह परिवार किराए पर रह रहा था। इस कार्रवाई को लेकर राजनीति भी गरमा गई है।

हमले की पृष्ठभूमि: साथ पढ़ने वाले छात्र ने ही किया हमला

देवराज पर हमला करने वाला छात्र कोई बाहरी व्यक्ति नहीं था, बल्कि वह उसी स्कूल का छात्र था और देवराज के साथ ही पढ़ता था। पिछले सप्ताह दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपी छात्र ने देवराज पर चाकू से हमला कर दिया। घायल देवराज को उदयपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सोमवार को उसकी मौत हो गई। मौत से पहले उसकी बहनों ने उसे राखी बांधी थी, जो एक भावुक क्षण था।

शहर में फैला आक्रोश: हिंसा और तोड़फोड़

चाकूबाजी की घटना के बाद उदयपुर में भारी तनाव फैल गया। घटना की सूचना मिलते ही लोग सड़कों पर उतर आए और कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए। लोगों ने गुस्से में वाहनों को आग लगा दी और कई वाहनों में तोड़फोड़ भी की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में करने की कोशिश की, लेकिन तब तक हिंसा फैल चुकी थी।

मृतक की अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़, न्याय की मांग

देवराज की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। जुलूस के दौरान लोगों में गम और गुस्सा दोनों साफ दिखाई दिया। हर कोई परिवार के लिए न्याय की मांग कर रहा था। समाज के लोग एकजुट होकर इस दुखद घटना के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।

प्रशासन और समाज के बीच शांति स्थापित करने के प्रयास

घटना के बाद समाज और प्रशासन के बीच शांति बनाए रखने के लिए कई बैठकें हुईं। मोची समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंती भाई, परिजनों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद अंतिम संस्कार के समय और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर सहमति बनी। प्रशासन ने भी आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और मामले की जांच में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

निष्कर्ष:

उदयपुर की यह घटना पूरे समाज को हिला देने वाली है। एक साधारण विवाद कैसे एक बड़ी त्रासदी में बदल सकता है, यह इस घटना से स्पष्ट है। अब प्रशासन और समाज के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे एकजुट होकर इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने दें। समाज में शांति और सौहार्द्र बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है, ताकि इस तरह की हिंसा का अंत हो सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *