बायजूज(Byjus) के संकट के दौरान Prosus द्वारा आयोजित आम सभा में शेयरधारकों ने सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया, जिसमें CEO बायजू रविंद्रन और उनकी फैमिली को बाहर निकालने का प्रस्ताव भी शामिल है।
देश के सबसे बड़े एडटेक स्टार्टअप बायजूस (Byju’s) का संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। नकदी संकट से जूझती कंपनी में मचा घमासान, अब CEO बायजू रविंद्रन (Byju Raveendran) को कंपनी से बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी है। जानिए क्या है इसका कारण।
जानिए फैसले के पीछे की सच्चाई!
Byju’s में संकट के दौरान शुक्रवार को कंपनी के शेयरहोल्डर्स ने मिस-मैनेजमेंट और फेलियर्स के मामले में एक EGM बुलाई। इस EGM में Prosus, General Atlantic और Peak XV जैसे बड़े शेयरहोल्डर्स ने कंपनी के फाउंडर बायजू रवींद्रन और उनके परिवार के सदस्यों को बाहर निकालने के प्रस्ताव पर अपनी मंजूरी दे दी।
Byjus के संस्थापक बायजू रवींद्रन और उनके परिवार के खिलाफ वोट डाले गए!
9pm News channel की रिपोर्ट के अनुसार, Prosus के प्रवक्ता ने बताया कि आज की असाधारण आम बैठक में, शेयरधारकों ने सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूर कर दिया। इसमें BYJU’s के विभिन्न मुद्दों के समाधान के लिए फाउंडर बायजू रवींद्रन को सीईओ पद से हटाने सहित सभी प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। प्रमुख निवेशकों ने इस EGM को बुलाया था, और उन्होंने कंपनी के निदेशक मंडल को बदलने के साथ ही बैजू रवींद्रन की पत्नी और सह-संस्थापक दिव्या गोकुलनाथ तथा उनके भाई ऋजु रवींद्रन को बोर्ड से हटाने के प्रस्ताव को भी मंजूर किया।
NCLT में भी मुकदमा दायर! बायजू’स पर मुसीबतों का पहाड़ टूटा!
इस ईजीएम में बायजू रविंद्रन और उनके परिवार का कोई सदस्य शामिल नहीं हुआ। इन्वेस्टर प्रोसस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि शेयरहोल्डर्स और बड़े इन्वेस्टर्स के रूप में हम बैठक की वैधता और लिए गए फैसलों पर अपनी स्थिति को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त हैं। इसे अब उचित प्रक्रिया के अनुसार कर्नाटक उच्च न्यायालय में पेश किया जाएगा। एडटेक फर्म बायजू के 4 निवेशकों ने पहले ही एनसीएलटी में मिस-मैनेजमेंट के संबंध में मुकदमा दायर किया है और उसमें रवींद्रन को निदेशक मंडल से हटाने की मांग की गई है।
2011 में रखी नींव, 2024 में उठ रहे सवाल!
Byju’s EGM में कंपनी के 60% से अधिक शेयरहोल्डर्स ने कंपनी के फाउंडर और सीईओ बायजू रवींद्रन के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों को कंपनी के बोर्ड से हटाने के प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया। इसके साथ ही, निवेशक फर्म प्रोसस ने कंपनी का मूल्यांकन 22 अरब डॉलर से घटाकर 5.1 अरब डॉलर कर दिया है। बायजूस की स्थापना 2011 में बायजू रवींद्रन और उनकी पत्नी दिव्या गोकुलनाथ ने की थी, और उसके बाद से ही बायजूस एक लर्निंग ऐप के तौर पर मशहूर हो गई।
रवींद्रन ने खुद इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है, और 2006 में छात्रों को गणित की कोचिंग देना शुरू किया। साल 2015 में Byju’s लर्निंग ऐप लॉन्च किया, जिसने अगले 4 साल में यूनिकॉर्न का दर्जा प्राप्त किया। इसका सबसे बड़ा उछाल कोरोना काल में आया, जब स्कूल और कोचिंग संस्थान बंद होने के कारण लोगों के लिए इसकी जरुरत बढ़ी।
