बुंदेलखंड में भीषण गर्मी का प्रकोप: संकट के निशान, अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या

बुंदेलखंड में भीषण गर्मी का प्रकोप: संकट के निशान, अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या
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उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में इन दिनों गर्मी का तापमान अत्यधिक बढ़ गया है, जिसके कारण लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। न केवल लोग, बल्कि पशु-पक्षी भी इस गर्मी से परेशान हैं। लू के तापमान ने सड़कों पर चलने को भी मुश्किल बना दिया है, जिससे लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। इस भारी हीट वेव के परिणामस्वरूप बुंदेलखंड में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है। प्रशासन ने मृतकों की मौत के कारण की जांच की शुरुआत की है, जबकि अस्पतालों में मरीजों की संख्या में भी वृद्धि देखने को मिल रही है।

अस्पतालों में स्थिति:

सरकारी अस्पतालों में बेड की कमी के कारण कई मरीजों को स्ट्रेचर पर ही इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि हीट वेव के अलावा डायरिया और बुखार के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। जिला प्रशासन ने लोगों से घर पर ही रहने की अपील की है, क्योंकि बांदा जिले में तापमान 47-48 डिग्री सेल्सियस के पार हो चुका है।

मृत्यु का कारण:

बुंदेलखंड में भीषण गर्मी से होने वाली मौतों की कारणों की जांच की जा रही है। स्थानीय अधिकारियों ने मीडिया को सूचित किया है कि पहले दिन दो मौतों की रिपोर्ट मिली, जिनमें से एक का ब्रेन हेमोरेज और दूसरे की हार्ट अटैक के कारण हुई थी। इसके बाद अगले दिन तीन मौतें हुईं, जिनमें लू लगने के आधार पर मौत की पुष्टि नहीं हुई है।

डॉक्टरों की सलाह:

जिले के अस्पतालों में मरीजों की संख्या में इजाफा होने के साथ-साथ, हीट स्ट्रोक के मरीजों की भी आतंकजनक वृद्धि हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि बुजुर्ग और बच्चों में तादात ज्यादा है। वे लोगों से पानी की अधिक संख्या में पिने और हेल्दी भोजन का सेवन करने की सलाह दे रहे हैं।

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