वारित्रा फाउंडेशन 10 हजार ग्रामीण बच्चों के लिए कर रहा है निशुल्क आँखों की जांच के कैंप का आयोजन।

वारित्रा फाउंडेशन 10 हजार ग्रामीण बच्चों के लिए कर रहा है निशुल्क आँखों की जांच के कैंप का आयोजन।
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विजिग स्प्रिंग इंडिया संस्था के साथ मिलकर वारित्रा लगा रहा है कैंप।
विधायक हरविंद्र कल्याण ने केरवाली गांव में आयोजित कैंप में की शिरकत।


संजय शर्मा, घरौंडा:वारित्रा फाउंडेशन की ओर से गांव कैरवाली के सरकारी स्कूल में बच्चों की आँखों के चेकउप के लिए कैंप आयोजित किया गया।कार्यक्रम में विधायक हरविंदर कल्याण ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। हरविंद्र कल्याण ने कहा वारित्रा फाउंडेशन जिला करनाल के गावों के 10 हजार बच्चों के लिए वीजन स्प्रिंग इंडिया संस्था के साथ मिलकर निशुल्क आई कैम्प लगा रहा है । कैम्प के जरिए 7 साल से 18 साल तक के बच्चों का आँखों का जांच होगा और जिन बच्चों की दृष्टि कम पाई जाएगी उन बच्चों को मुफ़्त में चश्मा प्रदान किया जाएगा।


शनिवार को गांव कैरवाली के सरकारी स्कूल में आयोजित कैंप का विधायक हरविंदर कल्याण व वारित्रा फाउंडेशन की संस्थापक व डायरेक्टर एषणा कल्याण सहित अन्य गणमान्य लोगों ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया। विधायक कल्याण ने कहा कि वारित्रा फाउंडेशन पिछले पांच सालों से करनाल के गावों के सरकारी विद्यालयों के साथ काम कर रहा है,ताकि हर बच्चे को गुणवत्ता-पूर्ण शिक्षा मुहैया कराई जा सके।वीजन स्प्रिंग इंडिया संस्था देश के अलग-अलग हिस्सों में काम कर रहा है और निशुल्क आँखों के कैम्प के जरिए बच्चों की दृष्टि सही रखने की तरफ काम करता है ताकि बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने में परेशानी न हो।


वारित्रा फाउंडेशन की संस्थापक एवं डायरेक्टर एषणा कल्याण का कहना है कि शिक्षा बच्चों को सक्षम बनाती है, हमारे समाज में बहुत से कारणों से सभी बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए सही संसाधन उपलब्ध नहीं हो पाते। वारित्रा संस्था के जरिए हमारी कोशिश है कि समाज के वंचित परिवार के बच्चों को भी गुणवत्ता-पूर्ण शिक्षा मिले ।


वारित्रा फाउंडेशन के डायरेक्टर बलजीत यादव का कहना है कि हमारे समाज में बच्चों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य को महत्व नहीं दिया जाता । नजर कमजोर होने का पता लगना एक कमजोरी के रूप में देखा जाता है । जो बच्चे चश्मा लगाते है बहुत से ताने मारे जाते है जिसकी वजह से बच्चे चश्मे लगाने से डरते है । मैं सभी माता-पिता से गुजारिश करना चाहूँगा कि अगर आपके बच्चे का नजर कमजोर है तो कृपया चश्मा जरूर लगाएं । इससे बच्चों का चश्मा का नंबर स्थिर रखने में मदद मिलती है।उन्होंने कहा कि शिक्षा बच्चों को सक्षम बनाती है, हमारे समाज में बहुत से कारणों से सभी बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए सही संसाधन उपलब्ध नहीं हो पाते।

वारित्रा संस्था के जरिए हमारी कोशिश है कि समाज के वंचित परिवार के बच्चों को भी गुणवत्ता-पूर्ण शिक्षा मिले।इस अवसर पर रमनीत शर्मा प्रधानाचार्य, सतपाल सरपंच, संजू पूर्व सरपंच, श्रीराम,सुरेश शर्मा,निशांत राणा पूर्व सरपंच सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

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