स्वच्छता अभियान: कैथल में जिला स्तरीय बैठक में उपेक्षा पर फटकार, 5 महत्वपूर्ण निर्देश जारी

स्वच्छता अभियान: कैथल में जिला स्तरीय बैठक में उपेक्षा पर फटकार, 5 महत्वपूर्ण निर्देश जारी
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“सफाई कर्मचारियों का ही नहीं, जन भागीदारी से बनेगा स्वच्छ भारत”
स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा के कार्यकारी उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र ने वीरवार को नगर परिषद कैथल में जिला स्तरीय स्वच्छता अभियान को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक ली। उन्होंने न केवल सफाई अभियान में हो रही देरी पर नाराजगी जाहिर की, बल्कि स्वच्छता अभियान को जन आंदोलन का रूप देने के लिए ठोस निर्देश भी दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि सफाई अभियान केवल कर्मचारियों का काम नहीं, बल्कि इसमें समाज की भागीदारी भी अहम है।

बैठक में टास्क फोर्स के सदस्यों की अनुपस्थिति पर नाराजगी

बैठक के दौरान सुभाष चंद्र ने टास्क फोर्स कमेटी के सदस्यों की अनुपस्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि कमेटी के सदस्य बैठक में क्यों नहीं पहुंचे। इसके जवाब में कर्मचारियों ने बताया कि कुछ सदस्य संस्कार में गए थे, कुछ शहर से बाहर थे और कुछ ने बैठक में शामिल होने से मना कर दिया। बैठक में टास्क फोर्स कमेटी के केवल एक सदस्य शक्ति सौदा ही पहुंचे, जिससे सुभाष चंद्र ने नाराजगी जताई।

अधिकारियों से ब्रांड एंबेसडर और आईसीई एक्सपर्ट के बारे में सवाल

सुभाष चंद्र ने जब अधिकारियों से पूछा कि स्वच्छता अभियान के ब्रांड एंबेसडर और आईसीई (इनफॉर्मेशन, एजुकेशन, कम्युनिकेशन) एक्सपर्ट कौन हैं, तो अधिकांश अधिकारी अनजान दिखे। नगर परिषद के ईओ ने बताया कि फिलहाल किसी को ब्रांड एंबेसडर नहीं बनाया गया। तभी एक महिला खड़ी होकर बोली, “मैं आईसीई एक्सपर्ट हूं,” जिससे पूरा माहौल हल्का हो गया और बैठक में ठहाके लगने लगे।

सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति पर कड़ी फटकार

उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र ने जिले में ठप पड़े सार्वजनिक शौचालयों पर नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों से सवाल किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी शौचालयों को जल्द से जल्द क्रियाशील बनाया जाए। अधिकारियों ने एक महीने का समय मांगा और भरोसा दिलाया कि तय समय में सभी शौचालय और शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाएगी।

गोसंवर्धन प्रोजेक्ट और प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की समीक्षा

सुभाष चंद्र ने माघो माजरी में ठप पड़े गोसंवर्धन प्रोजेक्ट पर अधिकारियों से जवाब तलब किया। यह प्रोजेक्ट अगस्त में मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन के कुछ महीने बाद ही बंद हो गया। अधिकारियों ने समस्या का कारण ट्रैक्टर की अनुपलब्धता बताया, जिस पर सुभाष चंद्र ने इसे जल्द से जल्द शुरू करने के आदेश दिए।

कैथल के कुछ गांव बने मिसाल

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जांबा और नैना गांवों जैसे 10 से 15 गांव पूरी तरह से स्वच्छ और चकाचक हैं। उपाध्यक्ष ने इन गांवों को उदाहरण मानकर अन्य क्षेत्रों को सुधारने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी की हर महीने बैठक होनी चाहिए, जिसमें सरकारी और गैर-सरकारी संगठन शामिल हों।

फौजी कर्मवीर बने स्वच्छता अभियान के ब्रांड एंबेसडर

सुभाष चंद्र ने शहर के स्वच्छता अभियान को गति देने के लिए गायक फौजी कर्मवीर को ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया। उन्होंने कहा कि यह कदम लोगों को प्रेरित करेगा और अभियान में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करेगा।

स्वच्छता अभियान को आंदोलन का रूप देने का लक्ष्य

उपाध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि सफाई अभियान को औपचारिकता तक सीमित नहीं रखना चाहिए। इसे एक जन आंदोलन बनाना जरूरी है। सफाई के प्रति समाज की मानसिकता में बदलाव लाना हमारी बड़ी जिम्मेदारी है।

जनभागीदारी से आएगा बदलाव

सुभाष चंद्र ने बैठक में कहा कि अगर हमें आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ और सुखद जीवन देना है, तो सफाई को अपनी प्राथमिकता बनाना होगा। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी ईमानदारी और निष्ठा से काम करने के निर्देश दिए।

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भविष्य की योजना और संकल्प

  1. हर महीने नियमित टास्क फोर्स की बैठक।
  2. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग बैठकें।
  3. ब्रांड एंबेसडर और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी।
  4. एक महीने के भीतर सभी सार्वजनिक शौचालयों को चकाचक करने का वादा।
  5. गोसंवर्धन प्रोजेक्ट और अन्य योजनाओं को जल्द से जल्द शुरू करने का निर्देश।

निष्कर्ष: जन जागरूकता ही स्वच्छ भारत की कुंजी

बैठक में सुभाष चंद्र ने सफाई अभियान को सिर्फ सरकारी पहल नहीं, बल्कि समाज का दायित्व बताया। उन्होंने सभी अधिकारियों को समाज के सभी वर्गों को जोड़ने और उन्हें स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी सौंपी। इस बैठक से यह स्पष्ट हुआ कि जन भागीदारी के बिना स्वच्छता का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल है।

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