“मुर्शिदाबाद: रामनवमी यात्रा में पथराव, नंदीग्राम: बीजेपी दफ्तर जलाने का आरोप, चुनाव से पहले बंगाल में उफानपरस्त माहौल”

"मुर्शिदाबाद: रामनवमी यात्रा में पथराव, नंदीग्राम: बीजेपी दफ्तर जलाने का आरोप, चुनाव से पहले बंगाल में उफानपरस्त माहौल"
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बंगाल पुलिस बता रही है कि यह झड़प शक्तिपुर क्षेत्र में हुई। इस क्षेत्र में धारा 144 लागू की गई है. तनाव की अवस्था के संदर्भ में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। यहाँ तक कि रात में भी किसी नई झड़प की कोई घटना नहीं हुई। इस समय, स्थिति को अभी नियंत्रित किया गया है.

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बुधवार को रामनवमी शोभायात्रा के दौरान हंगामा मच गया. समय के दौरान, एक झड़प के दौरान सात लोग चोटिल हो गए, जिन्हें मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है। उन्हें गंभीर नहीं, बल्कि मामूली चोटें आई हैं. इस दौरान क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी है और अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है.

पूर्वी मेदिनीपुर में हिंसक घटना, चार लोग घायल

रामनवमी के उत्सव के दौरान मुर्शिदाबाद के साथ ही पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर में भी झड़प हुई। यहां रामनवमी शोभायात्रा के दौरान हुई झड़प में चार लोग घायल हो गए, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बीजेपी का आरोप है कि शोभायात्रा पर पथराव किया गया. पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े.

बीजेपी का आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने पार्टी के पांचकार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है. इस दौरान भाजपा की उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल ने स्थिति को संभालने के लिए मौके पर आई और पार्टी के कार्यकर्ताओं को रिहाई की मांग की. बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पॉल की नेतृत्व में कार्रवाई की, जिसमें वे टायर जलाए और बेल्डा-कांठी राजमार्ग को बंद करके रात भर प्रदर्शन किया. नंदीग्राम में भी, बीजेपी के दफ्तर को आग लगाने का भी आरोप है.

बंगाल बीजेपी का आरोप है कि रैली पर पथराव किया गया और दुकानों में तोड़फोड़ की गई.

वहीं, नंदीग्राम में बीजेपी कार्यालय को आग लगाने का भी आरोप है। बंगाल में विपक्षी नेता सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि प्रशासन की मंजूरी के बाद शांतिपूर्ण ढंग से रामनवमी की शोभायात्रा निकाली जा रही थी. लेकिन मुर्शिदाबाद के शक्तिपुर में राम नवमी के अवसर पर आयोजित शोभायात्रा में कुछ शरारती तत्वों ने पथराव किया. लेकिन इस बार आश्चर्य है कि ममता सरकार की पुलिस भी इन उपद्रवी तत्वों के साथ मिल गई है और रामभक्तों पर आंसू गैस की गोलियां चलाने लगी हैं. इस कदम का चयन इसलिए किया गया था ताकि इस शोभायात्रा को रोका जा सके.

ममता ने दी भड़काऊ दंगे की चेतावनी

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रामनवमी के पश्चात मुर्शिदाबाद में हिंसा की चेतावनी दी थी, और इसके कुछ दिनों बाद यह घटना हुई है. उन्होंने बताया कि रामनवमी के अवसर पर राज्य में दंगों को उत्तेजित करने की योजना बनाई जा रही है. ममता बनर्जी ने एक चुनावी जनसभा में आरोप लगाया था कि वे आज हिंसा में शामिल होंगे. दंगा होने की संभावना है और वे दंगा करके और मतदान को अपने लाभ के लिए उपयोग करके विजय प्राप्त करेंगे. पिछले साल बंगाल में रामनवमी के उत्सव के दौरान भी हिंसा का सामना हुआ था, जिससे भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच व्यापक टकराव पैदा हुआ था.

ममता ने कहा था कि आज भी, सिर्फ बीजेपी के निर्देश पर मुर्शिदाबाद के DIG को बदल दिया गया. उन्होंने कहा कि यह न्याय के साथ खिलवाड़ है और सरकार का अत्याचार है. उन्होंने इसे राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया और कहा कि इससे लोकतंत्र में कमी आएगी.यदि एक भी दंगा होता है, तो उसकी जिम्मेदारी ईसीआई को होगी क्योंकि वे यहां कानून व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं.

रामनवमी जुलूस के दौरान क्या हुआ था?

मुर्शिदाबाद के शक्तिपुर इलाके में 17 अप्रैल को रामनवमी के अवसर पर शोभायात्रा का आयोजन किया जा रहा था. एक घटनाक्रम के दौरान, लोगों ने अपने घरों की छतों से पथराव करके एक जुलूस पर हमला किया. इस हंगामे में हलचल इतनी बढ़ गई कि पुलिस ने भीड़ को संयम में लाने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस की गोलियां चलाईं. इस घटना के दौरान एक धमाका भी हुआ था, जिसमें एक महिला को घायल हो गई थी.



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