महाराष्ट्र: ‘एक आम मजदूर का मुख्यमंत्री बनने को लेकर शिंदे का आरोप’, उद्धव पर आपत्तिजनक टिप्पणी

महाराष्ट्र: 'एक आम मजदूर का मुख्यमंत्री बनने को लेकर शिंदे का आरोप', उद्धव पर आपत्तिजनक टिप्पणी
Spread the love

एकनाथ शिंदे ने आपत्ति जताई है कि इसे मेरी गरिमा का हमला माना जा रहा है. यह सभी किसानों के लिए एक अपमान है, और गरीबों की माताओं और बहनों के लिए भी एक अपमान है. जो समाज मैं से हूं, उसका भी अपमान है.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे के बीच तनाव बढ़ रहा है. ठाकरे के कुछ बयानों के जवाब में, शिंदे ने एक कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि अगर कोई साधारण आमजन सीएम बन जाए, तो वह इसे सहन नहीं करेंगे। यह बयान सियासी घमासान की संभावना को और बढ़ा देता है.

शिंदे का आरोप: उद्धव ठाकरे ने अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया

सीएम एकनाथ शिंदे ने बुलढाणा में आयोजित चुनावी रैली में एक आपत्तिजनक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है, ‘कल उद्धव ठाकरे ने मुझे अपमानित करने वाले शब्दों का इस्तेमाल किया. यदि किसान का बेटा, एक साधारण मजदूर मुख्यमंत्री बन जाता है, तो यह उन्हें पसंद नहीं होता। वे इस तथ्य को स्वीकारने में सक्षम नहीं हैं.

वोट देने की अपील की

उन्होंने विश्वास जताया, “मेरा अपमान ही नहीं, बल्कि समूचे किसान समुदाय का अपमान है. यह गरीबों की माताओं-बहनों का अपमान है, और उन सभी लोगों का अपमान है जो इस समाज के हितों के लिए लड़ते हैं.” उन्होंने आगे बढ़ते हुए कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि लोग 2024 के लोकसभा चुनाव में मेरी पार्टी को जीत का मौका देंगे। मैं उनसे अपील करता हूं कि वे 26 अप्रैल को अपने मतपत्र का इस्तेमाल करें और इस न्यायपूर्ण मुकाबले में हमें साथी बनें.”

जनता मोदी के प्रधानमंत्री बनने के लिए उत्साहित

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नांदेड़ में विजय संकल्प सभा को संबोधित करते हुए देशवासियों की उम्मीदों को साझा किया। उन्होंने व्यक्त किया कि लोग मोदी जी को एक बार फिर से प्रधानमंत्री बनाने के लिए बहुत उत्सुक हैं. उन्होंने कहा, “जब हम किसी उम्मीदवार को वोट देते हैं, तो हम वास्तव में मोदी जी को ही वोट देते हैं। देशवासियों की जनता मोदी जी को पुनः प्रधानमंत्री बनाने के लिए उत्सुक है.

उनहोने कहा कि जिस तरह सूरज धरती पर चमक रहा है, उसी तरह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश भी चमक रहा है। यह उनके समर्थन में गर्व की बात है। उन्होंने राम मंदिर के निर्माण के साथ-साथ रामराज्य की बात की है, जो देश के लिए एक उदाहरण साबित हो सकता है। वहीं, कांग्रेस पार्टी के प्रति उनका रुख कठोर रहा है, जहां एक तरफ उनकी दृष्टि राष्ट्र के उन्नति की ओर है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस अपने आंतरिक मुद्दों में उलझी हुई है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *