एनडीए के सहयोगी दलों के नेताओं को मिले मंत्रालय: जानिए क्या करते हैं ये विभाग

एनडीए के सहयोगी दलों के नेताओं को मिले मंत्रालय: जानिए क्या करते हैं ये विभाग
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एनडीए की नई सरकार गठित होने के बाद मंत्रालयों और विभागों का बंटवारा भी हो गया है। मोदी 3.0 सरकार का स्वरूप मोदी 2.0 जैसा ही देखने को मिला है। कैबिनेट में शामिल किए गए घटक दलों के नए चेहरों को भी अच्छे खासे बजट वाले विभाग दिए गए हैं। कैबिनेट में कुल 55 मंत्रालयों (स्वतंत्र प्रभार समेत) का बंटवारा किया गया है। इनमें 30 को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है, 5 स्वतंत्र प्रभार (राज्य मंत्री) हैं, और कई मंत्रियों के पास दो से तीन विभागों की जिम्मेदारी है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पास कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग और वे सभी महत्वपूर्ण नीतिगत मुद्दे और अन्य सभी विभाग रखे हैं, जो किसी अन्य मंत्री को आवंटित नहीं किए गए हैं।

मुख्य मंत्रालय और उनके कार्य:

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय:

एलजेपी (रामविलास) चीफ चिराग पासवान को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय दिया गया है। यह मंत्रालय देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इसका निर्यात में 13% और औद्योगिक निवेश में 6% का योगदान है। 2014 से 2020 तक इस क्षेत्र में 4.18 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश हुआ है। इस मंत्रालय का बजट 2023-2024 में 3290 करोड़ रुपए था। फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स के जरिए किसानों को अतिरिक्त मुनाफा कमाने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं और कृषि उत्पादकता में बढ़ोतरी होगी।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय (MSME):

HAM चीफ जीतनराम मांझी को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। यह विभाग कम पूंजी निवेश के साथ उद्यमशीलता को बढ़ावा देता है और रोजगार के उल्लेखनीय अवसर सृजित करता है। 2023-2024 में इस मंत्रालय का बजट 22137.95 करोड़ रुपए था। MSME सेक्टर का सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान है और इसे भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी भी कहा जाता है।

पंचायती राज मंत्रालय और मछली पालन, पशुपालन, डेयरी मंत्रालय:

JDU के पूर्व चीफ राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह को पंचायती राज मंत्रालय और मछली पालन, पशुपालन, डेयरी मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। पंचायती राज मंत्रालय ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर सुधार लाने के लिए बनाया गया था। पशुपालन और डेयरी मंत्रालय का 2023-2024 में 7105.74 करोड़ रुपए का बजट था और यह पशुधन उत्पादन, संरक्षण, बीमारियों से सुरक्षा, पशुधन में सुधार और डेयरी विकास से संबंधित मामलों को संभालता है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय:

TDP नेता के राम मोहन नायडू को नागरिक उड्डयन मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। भारत का विमानन उद्योग वैश्विक तौर पर सबसे तेज गति से विकास करने वाला सेक्टर है। 2023-2024 में नागरिक उड्डयन मंत्रालय का बजट 2300 करोड़ रुपए था। यह मंत्रालय नागरिक उड्डयन क्षेत्र के विकास की जिम्मेदारी लेता है और देश में 148 हवाई अड्डे हैं।

इस्पात और भारी उद्योग मंत्रालय:

JDS नेता एचडी कुमारस्वामी को इस्पात मंत्रालय और भारी उद्योग मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। भारत इस्पात उत्पादन में एक वैश्विक ताकत है और चीन के बाद विश्व में इस्पात का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। इस्पात मंत्रालय का 2023-2024 में 325.66 करोड़ रुपए का बजट था। भारी उद्योग मंत्रालय सभी केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यमों (CPSE) के लिए नोडल विभाग है और इसका बजट 6729 करोड़ रुपए था।

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