24 घंटे सर्जरी वीक: करनाल के सरकारी अस्पतालों में रिकॉर्ड ऑपरेशन, 50+ सर्जरी का रोज़ाना लक्ष्य

24 घंटे सर्जरी वीक: करनाल के सरकारी अस्पतालों में रिकॉर्ड ऑपरेशन, 50+ सर्जरी का रोज़ाना लक्ष्य
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इलाज के लिए महीनों की प्रतीक्षा, निजी अस्पतालों में बंद ऑपरेशन और बढ़ती मरीजों की भीड़… ऐसे समय में करनाल के सरकारी अस्पतालों से आई एक बड़ी राहत की खबर। स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया 24 घंटे सर्जरी वीक, जहां दिन-रात चल रहे हैं ऑपरेशन थिएटर।

24 घंटे सर्जरी वीक के तहत करनाल जिले के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की रफ्तार अचानक तेज हो गई है। लंबी वेटिंग लिस्ट, निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत ऑपरेशन बंद होने और बढ़ते मरीजों के दबाव के बीच स्वास्थ्य विभाग का यह कदम हजारों जरूरतमंद मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया है। अभियान के पहले ही दिन शाम तक कुल 45 सर्जरी की गईं, जिनमें 14 बड़ी और 31 छोटी सर्जरी शामिल रहीं। विभाग ने शुक्रवार के लिए 50 से अधिक ऑपरेशन का लक्ष्य निर्धारित किया है।

यह विशेष सर्जिकल सप्ताह 11 फरवरी तक चलेगा। पहले ही दिन जिले के दो प्रमुख सरकारी अस्पतालों में 12 विशेषज्ञ डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं दीं। ऑपरेशन थिएटर दिन-रात सक्रिय रहे और मरीजों को प्राथमिकता सूची के आधार पर सर्जरी के लिए बुलाया गया। इसका उद्देश्य केवल आंकड़े बढ़ाना नहीं, बल्कि उस आम नागरिक को राहत देना है, जो लंबे समय से इलाज के लिए भटक रहा था।

सरकारी अस्पतालों पर बढ़ा भरोसा

आयुष्मान भारत योजना के तहत पैनल्ड निजी अस्पतालों में कई महत्वपूर्ण सर्जरी महीनों से बंद हैं। इसका सीधा असर सरकारी अस्पतालों पर पड़ा है। मरीजों की संख्या अचानक बढ़ी, वेटिंग लिस्ट लंबी हुई और संसाधनों पर दबाव आया। इसी चुनौती से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 24 घंटे सर्जरी वीक शुरू करने का फैसला लिया।

करनाल के सरकारी अस्पतालों में अब नेत्र रोग, ऑर्थोपेडिक, ईएनटी, जनरल सर्जरी, स्त्री रोग (सिजेरियन) समेत लगभग सभी प्रकार की सर्जरी की जा रही हैं। इसके साथ ही ट्रॉमा सेंटर और इमरजेंसी सेवाएं भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखी गई हैं।

पहले दिन का हाल: ऑपरेशन थिएटर रहे फुल

अभियान के पहले दिन सुबह से ही अस्पताल परिसरों में हलचल दिखाई दी। ऑपरेशन थिएटर पूरी क्षमता के साथ चलाए गए। डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की शिफ्ट-वार ड्यूटी लगाई गई, ताकि किसी भी स्तर पर व्यवस्था बाधित न हो।

पहले दिन की गई सर्जरी में—

  • नेत्र रोग से जुड़ी सर्जरी
  • ईएनटी ऑपरेशन
  • हड्डी एवं जोड़ (ऑर्थोपेडिक) सर्जरी
  • सामान्य शल्य चिकित्सा
  • सिजेरियन डिलीवरी
  • ट्रॉमा और इमरजेंसी केस

शाम तक 45 सफल ऑपरेशन पूरे किए गए। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ेगी।

रातभर चलेंगी इमरजेंसी सर्जरी

24 घंटे सर्जरी वीक का सबसे अहम पहलू यह है कि केवल शेड्यूल्ड ऑपरेशन ही नहीं, बल्कि रात के समय आने वाले सभी इमरजेंसी केसों को भी तत्काल ऑपरेट किया जाएगा। सड़क दुर्घटना, गंभीर चोट, अचानक प्रसव जटिलता या किसी भी जानलेवा स्थिति में मरीज को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

इसके लिए—

  • सभी सर्जन ऑन-ड्यूटी और ऑन-कॉल रखे गए हैं
  • नर्सिंग और तकनीकी स्टाफ की अलग-अलग शिफ्ट बनाई गई हैं
  • ऑपरेशन थिएटर 24×7 पूरी क्षमता से चालू हैं

स्वास्थ्य विभाग का स्पष्ट निर्देश है कि रात में अगर हड्डी, गायनी, जनरल सर्जरी या किसी अन्य विशेषज्ञता से जुड़ा केस आता है, तो उसे तुरंत देखा जाए।

निजी अस्पतालों में बंद सर्जरी, सरकारी बना सहारा

जिले के आयुष्मान पैनल्ड निजी अस्पतालों में जिन सर्जरी पर लंबे समय से ब्रेक लगा है, उनमें शामिल हैं—

  • मोतियाबिंद की आधुनिक सर्जरी
  • पित्ताशय (गॉल ब्लैडर) निकालने की सर्जरी
  • घुटना प्रत्यारोपण
  • हर्निया और अपेंडिक्स
  • कान के पर्दे की मरम्मत
  • टॉन्सिल और एडेनॉयड
  • बवासीर
  • अंडकोष में पानी
  • गंभीर फेफड़े की बीमारी
  • पेट, उल्टी-दस्त से जुड़ी जटिल सर्जरी

इन सभी मामलों में मरीजों का रुख अब सरकारी अस्पतालों की ओर है। ऐसे में 24 घंटे सर्जरी वीक सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए अग्निपरीक्षा भी है और अवसर भी।

मरीजों के लिए क्या बदला?

  • वेटिंग लिस्ट में तेजी से कमी
  • समय पर ऑपरेशन
  • आयुष्मान कार्डधारकों को राहत
  • निजी अस्पतालों पर निर्भरता कम
  • आपात स्थिति में तुरंत इलाज

प्रशासनिक दृष्टिकोण

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यह अभियान केवल अस्थायी समाधान नहीं, बल्कि भविष्य की रणनीति का हिस्सा है। अगर जरूरत पड़ी तो आगे भी इसी तरह के विशेष सर्जिकल सप्ताह आयोजित किए जाएंगे।

सर्जरी वीक के तहत सीएमओ का बयान

सीएमओ पूनम चौधरी ने बताया—
“सर्जरी वीक के तहत पहले दिन नेत्र, ईएनटी, ऑर्थो और सभी प्रकार के इमरजेंसी केस किए गए। रात के लिए शेड्यूल्ड सर्जरी नहीं हैं, लेकिन इमरजेंसी पूरी तरह ओपन है। ऑन-कॉल डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। अगर रात को हड्डी से लेकर गायनी तक का कोई भी केस आएगा, तो उसे तुरंत देखा जाएगा।”

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