करनाल में बड़ा हादसा: भाजपा काफिले से टक्कर, बुजुर्ग दंपति घायल

करनाल में बड़ा हादसा: भाजपा काफिले से टक्कर, बुजुर्ग दंपति घायल
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करनाल में बड़ा सड़क हादसा: भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली के काफिले की गाड़ी सहित चार वाहन टकराए

करनाल | जीटी रोड पर कर्ण लेक के समीप सोमवार को एक बड़ा सड़क हादसा हुआ, जिसमें भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली के काफिले की गाड़ी सहित चार वाहन टकरा गए। हादसे में एक बुजुर्ग की कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। हादसे के समय प्रदेशाध्यक्ष की गाड़ी आगे निकल चुकी थी और वह सेक्टर-9 स्थित भाजपा कार्यालय में निकाय चुनाव की बैठक के लिए जा रहे थे।

कैसे हुआ हादसा?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चंडीगढ़ से फरीदाबाद की ओर जा रहे एक बुजुर्ग दंपति की कार हादसे की चपेट में आ गई। उन्होंने बताया कि जब वे जीटी रोड पर गाड़ी चला रहे थे, तभी भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बड़ौली के काफिले की गाड़ियां उन्हें ओवरटेक कर रही थीं। जब काफिला कर्ण लेक के पास पहुंचा, तो गाड़ियों ने बाईं ओर मोड़ लिया।

इस दौरान, काफिले में पीछे चल रही पुलिस की गाड़ी के चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए, जिससे पीछे आ रही दूसरी पुलिस की गाड़ी उससे टकरा गई। पुलिस वाहनों की यह टक्कर आगे चल रहे वाहनों के लिए मुसीबत बन गई।

  • बुजुर्ग दंपति की कार ने भी ब्रेक लगाए, जिससे वह आगे की गाड़ी से टकराने से तो बच गई, लेकिन पीछे से आ रहे आर्मी ट्रक ने उनकी कार में जोरदार टक्कर मार दी।
  • इस टक्कर के कारण बुजुर्ग चालक और उनकी पत्नी को झटका लगा, जिससे उन्हें हल्की चोटें आईं

प्रदेशाध्यक्ष ने दी सफाई, पुलिस कर रही जांच

इस घटना के बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने बयान जारी कर कहा कि उनके काफिले की किसी भी गाड़ी का हादसे से कोई लेना-देना नहीं है।

दूसरी ओर, हादसे में क्षतिग्रस्त हुई कार के चालक बुजुर्ग ने दावा किया कि भाजपा काफिले के ओवरटेक करने के कारण यह हादसा हुआ।

सदर थाना प्रभारी विष्णु मित्र ने बताया कि हादसा जीटी रोड पर हुआ, जिसमें चार गाड़ियां आपस में टकराईं। हादसे में किसी को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन दुर्घटना का असली कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

काफिले की गाड़ियों की स्पीड बनी हादसे की वजह?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली का काफिला तेज गति से चल रहा था और अन्य वाहनों को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान जब काफिला अचानक धीमा हुआ, तो पीछे आ रही गाड़ियां समय रहते ब्रेक नहीं लगा पाईं और आपस में भिड़ गईं।

हालांकि, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने साफ किया कि उनकी गाड़ी पहले ही आगे निकल चुकी थी और उनकी कार का इस घटना से कोई संबंध नहीं है।

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बुजुर्ग चालक का बयान

दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हुई कार के चालक बुजुर्ग ने बताया कि वे अपनी पत्नी के साथ चंडीगढ़ से फरीदाबाद की ओर जा रहे थे। उन्होंने कहा:

“हम अपनी गति में चल रहे थे, लेकिन भाजपा काफिले की गाड़ियां तेज गति से हमें ओवरटेक कर रही थीं। तभी अचानक से पुलिस की गाड़ी ने ब्रेक लगाए और सब कुछ गड़बड़ हो गया। हमारे आगे चल रही कार तो बच गई, लेकिन पीछे से आ रहे ट्रक ने हमें जोरदार टक्कर मार दी।”

हादसे के बाद पुलिस प्रशासन का रुख

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तुरंत यातायात को सामान्य किया। चूंकि यह हादसा जीटी रोड पर हुआ, इसलिए थोड़ी देर के लिए सड़क पर जाम की स्थिति भी बनी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह दुर्घटना वास्तव में किस कारण हुई।

नियमों की अनदेखी बनी हादसे की वजह?

जीटी रोड पर तेज गति से काफिला निकलने के दौरान हादसों की संभावना अधिक होती है। ट्रैफिक नियमों के अनुसार, ओवरटेकिंग के दौरान विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता, तो यह हादसा टाला जा सकता था। पुलिस प्रशासन को वीआईपी काफिलों की सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों को सख्ती से लागू करने की जरूरत है।

क्या आगे होगा?

  • पुलिस इस हादसे की विस्तृत जांच करेगी और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दुर्घटना का सही कारण पता लगाएगी।
  • अगर काफिले की गाड़ियों की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित चालकों पर कार्रवाई संभव है।
  • प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में इस तरह के हादसे न हों और वीआईपी काफिलों के लिए सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाई जाए।

निष्कर्ष

करनाल के जीटी रोड पर हुआ यह हादसा एक गंभीर मुद्दा उठाता है—सड़क सुरक्षा और वीआईपी काफिलों की तेज रफ्तार। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ, लेकिन यह घटना भविष्य के लिए एक सावधान संदेश जरूर देती है। अगर यातायात नियमों का पालन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी न की जाए, तो इस तरह के हादसों को टाला जा सकता है।

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