सिर्फ 15 मीटर दृश्यता, रेंगते वाहन और घंटों लेट बसें—करनाल में शीतलहर ने बढ़ाई मुश्किलें। क्या नए साल तक राहत मिलेगी?
आज से और गिरेगा पारा, नव वर्ष तक झेलनी होगी शीतलहर
करनाल। शीतलहर करनाल और आसपास के जिलों में सर्दी का असर और तीखा होने जा रहा है। मौसम के ताज़ा संकेत बताते हैं कि रविवार से तापमान में और गिरावट आएगी, जिससे दिन के साथ-साथ रात की ठिठुरन भी बढ़ेगी। शीतलहर करनाल में नए साल यानी 1 जनवरी तक बने रहने की प्रबल संभावना है। ऐसे में अगले सप्ताह तक आम जनजीवन को राहत मिलती नहीं दिख रही। मौसम विभाग ने 29 दिसंबर तक घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट, जबकि 30 और 31 दिसंबर के लिए घने कोहरे व बढ़ती सर्दी के मद्देनज़र येलो अलर्ट जारी किया है।
शनिवार को दिन की शुरुआत घने कोहरे के साथ हुई। शुक्रवार देर रात से ही जिले पर कोहरे की मोटी चादर छा गई थी। हालात इतने बिगड़े कि राष्ट्रीय राजमार्ग सहित प्रमुख मार्गों पर दृश्यता घटकर 15 मीटर तक रह गई। नतीजतन सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई और ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। जो सफर सामान्य दिनों में मिनटों में पूरा होता है, वही घंटों में तय हुआ।
सुबह के समय कोहरा इतना सघन था कि कुछ ही दूरी पर खड़ा व्यक्ति भी दिखाई नहीं दे रहा था। हाईवे पर चलने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दिन में भी हेडलाइट और इंडिकेटर जलाकर वाहन रेंगते नज़र आए। लंबी दूरी की बसें और ट्रेनें अपने तय समय से घंटों देरी से चलीं। कोहरे के साथ चल रही शीतलहर ने ठिठुरन बढ़ा दी है। तापमान में आई गिरावट से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। शनिवार को अधिकतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि शुक्रवार को अधिकतम 18.2 और न्यूनतम 8.1 डिग्री सेल्सियस रहा था।
कोहरा क्यों बन रहा है इतना घना?
सर्दियों में उत्तर भारत में नमी, कम हवा की गति और तापमान में गिरावट—ये तीनों मिलकर घने कोहरे की परिस्थितियां बनाते हैं। इस बार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से वातावरण में नमी बढ़ी है। हवा की रफ्तार कमजोर रहने से नमी का फैलाव नहीं हो पा रहा, परिणामस्वरूप कोहरा जमकर ठहर रहा है। सुबह और देर रात धुंध/कोहरे की पुनरावृत्ति इसी कारण देखी जा रही है।
पश्चिमी विक्षोभ का पड़ेगा प्रभाव
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, हरियाणा में 31 दिसंबर तक मौसम परिवर्तनशील रह सकता है। एक और पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बीच-बीच में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। दिन के तापमान में हल्की गिरावट और रात्रि तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव है, लेकिन नमी बढ़ने से सुबह व देर रात धुंध बनी रह सकती है। 28 से 30 दिसंबर के बीच ठंड और बढ़ने के आसार हैं। 31 दिसंबर के बाद उत्तर व उत्तर-पश्चिमी शीत हवाएं चलने से विशेषकर रात के तापमान में फिर से गिरावट आ सकती है।
आगामी दिनों का संभावित तापमान व अलर्ट
- 28 दिसंबर: घना कोहरा—ऑरेंज अलर्ट | अधिकतम 16°C | न्यूनतम 8°C
- 29 दिसंबर: घना कोहरा—ऑरेंज अलर्ट | अधिकतम 17°C | न्यूनतम 8°C
- 30 दिसंबर: घना कोहरा—येलो अलर्ट | अधिकतम 17°C | न्यूनतम 9°C
नोट: कोहरे के दौरान दृश्यता बेहद कम रहने की संभावना है। वाहन चालक अतिरिक्त सावधानी बरतें।
यातायात पर असर: बसें 1–2.5 घंटे देरी से
कोहरे और गिरते पारे ने यातायात व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। लंबी दूरी की बसें अपने निर्धारित समय से एक से ढाई घंटे तक देरी से पहुंच रही हैं। यात्रियों को बस स्टैंड पर इंतजार करना पड़ रहा है। दिल्ली, चंडीगढ़, कैथल, अंबाला, देहरादून, कटरा, पटियाला, लुधियाना, हिसार, हरिद्वार सहित अन्य मार्गों पर चलने वाली बसें देरी से आ-जा रही हैं। कई यात्रियों की कनेक्टिंग बसें छूटने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
रेलवे संचालन पर असर
घने कोहरे के कारण ट्रेनों की गति नियंत्रित की गई। कई ट्रेनें निर्धारित समय से घंटों देरी से चलीं। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन का स्टेटस अवश्य जांच लें।
कृषि पर प्रभाव: किसान क्या करें?
- सब्ज़ी फसलें: पाला पड़ने की आशंका में हल्की सिंचाई करें, खेत में नमी बनाए रखें।
- गेहूं/सरसों: पत्तियों पर ओस अधिक जमी हो तो सुबह हल्की हवा/धूप का इंतजार करें; अनावश्यक रसायन छिड़काव से बचें।
- पशुपालन: पशुओं को ठंड से बचाने के लिए बिछावन सूखा रखें, रात में हवा रोकने की व्यवस्था करें।
स्वास्थ्य सलाह: ठंड में सावधानी जरूरी
- सुबह-शाम बाहर निकलते समय गर्म कपड़े, मफलर/टोपी का प्रयोग करें।
- बुजुर्ग, बच्चे और दमा/हृदय रोगी अतिरिक्त सावधानी रखें।
- ठंडे पानी से नहाने से बचें; गुनगुने पानी का उपयोग करें।
- कोहरे में ड्राइविंग से बचें; बहुत जरूरी हो तो फॉग लाइट का प्रयोग करें।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि कोहरे के दौरान यातायात नियमों का पालन करें, गति सीमित रखें और अनावश्यक यात्रा टालें। आपात सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
निष्कर्ष
आने वाले कुछ दिन करनाल और आसपास के क्षेत्रों के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। शीतलहर करनाल में नए साल तक बनी रह सकती है। कोहरा, ठंड और नमी—तीनों मिलकर जनजीवन, यातायात और स्वास्थ्य पर असर डालेंगे। सतर्कता, समय प्रबंधन और सावधानी ही इस मौसम में सबसे बड़ा बचाव है।
