दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे पर बड़ा हादसा: महिला की मौत, बच्चा और अन्य परिजन गंभीर घायल
तेज रफ्तार का कहर: महिला और बच्चे सड़क पर गिरे
कुरुक्षेत्र के दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-44 पर सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। प्रतापगढ़ गांव के पास एक तेज रफ्तार कार ने सैंट्रो गाड़ी को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे के बाद सैंट्रो गाड़ी में पीछे बैठी 35 वर्षीय महिला और उसका दो वर्षीय बेटा खिड़की खुलने से सड़क पर गिर गए। हादसे में महिला पूनम की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया है।
हादसे की वजह: कोहरे की आशंका
घटना सुबह करीब साढ़े सात बजे घनी कोहरे के बीच हुई। पुलिस का मानना है कि हादसे का प्रमुख कारण कोहरा हो सकता है, जिसने गाड़ियों की विजिबिलिटी को कम कर दिया था।
मृतका और घायल परिवार के बारे में जानकारी
हादसे में मृत महिला पूनम सहारनपुर जिले के गंगोह क्षेत्र की रहने वाली थीं। पूनम अपने पति मुनीष उर्फ सोनू (40), बेटे रिदान (2), सास ऊषा (65), और देवर दीपक के साथ सैंट्रो कार में सवार थीं। वे पटियाला, पंजाब में एक रिश्तेदार की शोक सभा में शामिल होने जा रहे थे।
कार चालक हुआ फरार
तेज रफ्तार कार के चालक ने सैंट्रो गाड़ी के दाहिनी साइड पर पीछे से टक्कर मारी। टक्कर के तुरंत बाद आरोपी कार चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी कार का नंबर पता कर लिया है और उस पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घायलों का इलाज जारी
हादसे में घायल पूनम के पति मुनीष, बेटा रिदान और सास ऊषा गंभीर हालत में हैं। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हादसे की विस्तृत जानकारी: शिकायतकर्ता का बयान
पूनम के देवर दीपक ने थाना सदर में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि सवेरे करीब सवा छह बजे वे सभी एक सैंट्रो कार में सवार होकर पटियाला जा रहे थे। मुनीष कार चला रहे थे और दीपक आगे की सीट पर बैठे थे। पीछे की सीट पर पूनम, उनका बेटा रिदान और सास ऊषा बैठी थीं। प्रतापगढ़ गांव के पास एक तेज रफ्तार कार ने उनकी गाड़ी को जोरदार टक्कर मारी। इस दुर्घटना में पूनम और उनके बेटे रिदान सड़क पर गिर गए। राहगीरों ने उनकी मदद की और सभी को अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज के दौरान पूनम की मौत हो गई।
एक अन्य हादसा: अज्ञात वाहन की टक्कर से युवक की मौत
इसी दिन सुबह जीटी रोड पर समानी पुल के पास भी एक दुर्घटना हुई। मनोज तोमर निवासी फरीदाबाद ने शिकायत दर्ज कराई कि किसी अज्ञात वाहन ने उनके मामा संजय दास (35) को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। संजय दास असम के कोकराजार जिले के सिमूलटापू के निवासी थे और कुरुक्षेत्र में नलके की पाइप लगाने का काम करते थे। पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
पुलिस का बयान और कार्रवाई
थाना सदर के प्रभारी ने बताया कि दोनों घटनाओं की जांच शुरू कर दी गई है। तेज रफ्तार कार की पहचान कर ली गई है और आरोपी चालक की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि सड़क पर बढ़ते हादसे एक गंभीर समस्या बन गए हैं। यात्रियों को सुरक्षा के सभी उपाय अपनाने चाहिए और तेज रफ्तार गाड़ी चलाने से बचना चाहिए।
सड़क सुरक्षा के लिए बढ़ती चिंताएं
दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे जैसे व्यस्त मार्गों पर तेज रफ्तार और कोहरा अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। यह हादसा एक बार फिर दिखाता है कि सुरक्षा के प्रति लापरवाही कितनी घातक हो सकती है। वाहन चालकों को सावधानी से ड्राइव करने की सलाह दी जाती है, विशेष रूप से कोहरे के दौरान।
यह भी पढ़ें : हरियाणा की ट्रांसफर नीति: 5 बड़े कदम जो बनाएंगे प्रक्रिया पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त
क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
- गति सीमा का पालन करें: सड़क पर गाड़ी चलाते समय गति सीमा के अंदर रहें, विशेषकर कोहरे और खराब मौसम में।
- सुरक्षा बेल्ट का इस्तेमाल: सभी सवारियों को सीट बेल्ट अवश्य पहननी चाहिए। यह गंभीर चोटों से बचा सकता है।
- सड़क संकेतों का ध्यान रखें: विशेष रूप से हाईवे पर ड्राइविंग करते समय संकेतकों और दिशा-निर्देशों का पालन करें।
- विजिबिलिटी का ध्यान रखें: धुंध और कोहरे के दौरान फॉग लाइट का इस्तेमाल करें और वाहन की हेडलाइट सही स्थिति में रखें।
यह हादसा हमें सिखाता है कि सड़कों पर थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता कितनी ज़रूरी है। सुरक्षा नियमों का पालन कर हम अपने और दूसरों के जीवन की रक्षा कर सकते हैं।
