10 साल पहले पीएम मोदी को लिखा था पत्र, अब खुद रखेंगी अपनी बात
करनाल की बनर्जी बहनें, 25 वर्षीय संजोली और 21 वर्षीय अनन्या, आने वाले दिनों में अपनी उल्लेखनीय यात्रा का नया अध्याय लिखने जा रही हैं। 11 और 12 जनवरी को ये बहनें नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘विकसित भारत यूथ डायलॉग 2025’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगी। इस आयोजन में भाग लेने के लिए उन्हें युवा व खेल मंत्रालय की ओर से विशेष निमंत्रण मिला है। इस मौके पर वे अपने अनुभव और विचार साझा करेंगी।
सारथी संस्था की बुनियाद: महिला सशक्तिकरण और मानसिक स्वास्थ्य के लिए मिशन
संजोली और अनन्या ने ‘सारथी’ नामक संस्था की स्थापना की है, जो समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों — मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा, मासिक धर्म स्वच्छता और महिला सशक्तिकरण — पर काम करती है। अपनी प्रेरक यात्रा के दौरान, उन्होंने 1.5 लाख से ज्यादा लोगों को इन मुद्दों पर जागरूक किया और समाज के कमजोर वर्गों के लिए एक नई दिशा प्रदान की।
सारथी संस्था न केवल भारत के सात से अधिक राज्यों में सक्रिय है, बल्कि इसके प्रयासों ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई है।
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र से बदली दिशा
करीब दस साल पहले, बनर्जी बहनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक भावुक पत्र लिखा था। उन्होंने पत्र में पीएम को ‘पीएम अंकल’ कहकर संबोधित किया और समाज से कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ आवाज उठाने का आग्रह किया। ‘गर्भ की बेटी की पुकार’ इस पत्र ने प्रधानमंत्री को गहराई से प्रभावित किया और उसके बाद बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की घोषणा हुई।
प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया के बाद बहनों ने ‘आईएमसी’ (इंटरनेशनल मोटिवेशनल कैंपेन) के तहत बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ यात्रा शुरू की। इस यात्रा ने पूरे देश में जागरूकता की लहर पैदा की।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर किया देश का प्रतिनिधित्व
बनर्जी बहनों को न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी अपनी आवाज उठाने का मौका मिला है। वे ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, और जर्मनी जैसे देशों में जाकर समाज के ज्वलंत मुद्दों पर बात कर चुकी हैं। इन उपलब्धियों के लिए उन्हें ग्रेट ब्रिटेन का डायना अवॉर्ड प्रदान किया गया और उन्हें आजाद भारत की शीर्ष 50 महिलाओं की सूची में शामिल किया गया।
ऑस्ट्रेलिया में अनन्या को एक दिन का सांसद बनने का विशेष अवसर मिला, जो उनके नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है।
विकसित भारत यूथ डायलॉग में सम्मान
‘विकसित भारत यूथ डायलॉग 2025’ में उन्हें युवा एवं खेल मंत्रालय द्वारा युवा आईकॉन के रूप में बुलाया गया है। यहाँ वे पूरे भारत से आए युवाओं का मार्गदर्शन करेंगी।
सबसे खास बात यह है कि बनर्जी बहनों को प्रधानमंत्री मोदी के सामने अपने विचार रखने और देश की अगली पीढ़ी के लिए अपनी योजनाएं साझा करने का सुनहरा मौका मिलेगा। इसके साथ ही वे प्रसिद्ध हस्तियों जैसे आनंद महिंद्रा, सुपर 30 के आनंद कुमार, और बाईचुंग भूटिया के साथ मंच साझा करेंगी।
समाज में बदलाव की प्रेरणा बनीं बहनें
संजोली और अनन्या का उद्देश्य सिर्फ जागरूकता फैलाना नहीं है, बल्कि वे जमीनी स्तर पर बदलाव लाने की दिशा में काम कर रही हैं। मानसिक स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील मुद्दे पर खुलकर चर्चा करना, मासिक धर्म स्वच्छता पर जागरूकता अभियान चलाना और महिला सशक्तिकरण के लिए प्रयास करना उनकी प्राथमिकताएं हैं।
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बनर्जी बहनों का सपना और उनकी भविष्य की योजना
अपनी उपलब्धियों के बावजूद, संजोली और अनन्या का सपना है कि वे समाज में व्यापक स्तर पर बदलाव ला सकें। वे भारत के हर राज्य तक ‘सारथी’ की पहुंच बनाने की योजना पर काम कर रही हैं।
इनकी सफलता यह बताती है कि यदि दृढ़ निश्चय हो, तो हर लक्ष्य को पाया जा सकता है। बनर्जी बहनों की यह यात्रा, न केवल युवाओं को प्रेरणा देगी, बल्कि देश के विकास में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
