पानीपत, हरियाणा: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पानीपत में औद्योगिक विकास को लेकर प्रमुख उद्यमियों के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें प्रदेश के बजट को लेकर उनकी उम्मीदों और समस्याओं पर चर्चा की गई। यह बैठक पानीपत के जिला सचिवालय के प्रथम तल पर आयोजित की गई, जहां लगभग 30 औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस अवसर पर पानीपत के उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने विभिन्न प्रस्तावों और समस्याओं को रखा।
उद्यमियों की प्रमुख मांगें और उनके समाधान की दिशा में कदम
पानीपत, जो कि हरियाणा का एक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है, यहां करीब 25 हजार छोटे और बड़े उद्योग हैं। इनमें से कुछ उद्योग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं और विशेषकर चीन से मुकाबला कर रहे हैं। इस क्षेत्र का वार्षिक निर्यात लगभग 15 हजार करोड़ रुपये का है, जबकि घरेलू बाजार की मांग लगभग 80 हजार करोड़ रुपये की है। बावजूद इसके, यहां के उद्यमी विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जिनका समाधान राज्य सरकार से अपेक्षित है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस बैठक में उद्यमियों से उनके सुझावों और समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। पानीपत के उद्यमियों ने कई महत्वपूर्ण मांगें सरकार के सामने रखी, जिनमें ‘जीरो लिक्विड डिस्चार्ज’ (ZLD) और पानीपत टेक्सटाइल पार्क की स्थापना प्रमुख थीं। इसके अलावा, क्षेत्र के विभिन्न उद्योगपतियों ने सब्सिडी नीति, बैंक से लोन पर ब्याज में छूट, और जमीन रजिस्ट्री से जुड़ी समस्याओं को लेकर भी सुझाव दिए।
1. जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) प्रणाली की मांग
पानीपत के उद्योगपति लंबे समय से ‘जीरो लिक्विड डिस्चार्ज’ प्रणाली की मांग कर रहे हैं, ताकि फैक्ट्रियों से निकलने वाले पानी को शुद्ध किया जा सके और उसे फिर से उत्पादन प्रक्रिया में इस्तेमाल किया जा सके। यह प्रणाली पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम होगा, जिससे पानी की बर्बादी कम होगी और फैक्ट्रियों को जल आपूर्ति की समस्या से निजात मिलेगी। इस संदर्भ में, उद्यमियों ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) और अन्य जल शोधक संयंत्रों का समर्थन किया है, जो पानी की गुणवत्ता को सुधारने में सहायक हो सकते हैं।
2. पानीपत टेक्सटाइल पार्क की स्थापना
पानीपत, जो अपनी टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए प्रसिद्ध है, यहां के उद्योगपति टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की मांग कर रहे हैं। यह पार्क न केवल पानीपत के लिए एक बड़ा आर्थिक अवसर होगा, बल्कि इससे रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस विषय को भी गंभीरता से लिया और केंद्र सरकार से इसे लेकर सहयोग की उम्मीद जताई।
3. सब्सिडी नीति में सुधार की जरूरत
पानीपत के उद्यमियों ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि उद्योगों के लिए वर्तमान सब्सिडी कैटेगरी में सुधार किया जाए। वर्तमान में सरकार ने विभिन्न श्रेणियों के तहत सब्सिडी प्रदान की है, लेकिन उद्यमियों का कहना है कि इन श्रेणियों के बजाय एक समान सब्सिडी नीति लागू की जाए, जिससे सभी उद्योगों को समान लाभ मिल सके।
4. ब्याज दरों में छूट की मांग
उद्यमियों ने बैंक लोन पर ब्याज दरों में छूट की मांग की है। उनका कहना है कि उद्योगों को शुरू करने के लिए बड़ी पूंजी की जरूरत होती है, और इस पूंजी को प्राप्त करने के लिए उन्हें बैंकों से लोन लेना पड़ता है। हालांकि, वर्तमान में ब्याज दरें बहुत अधिक हैं, जिससे उन्हें आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ता है। उद्यमियों ने सरकार से इस पर छूट देने की अपील की है।
5. भूमि रजिस्ट्री में राहत की जरूरत
उद्यमियों ने यह भी बताया कि जब वे अपने उद्योगों के लिए जमीन खरीदते हैं और उसकी रजिस्ट्री कराते हैं, तो उन पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ता है। इसके समाधान के लिए भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया को सरल और सस्ता बनाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का दिल्ली के पूर्व सीएम पर हमला
बैठक के बाद, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मीडिया से बात करते हुए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने यमुना के पानी को जहरीला बताकर हरियाणा को बदनाम करने की कोशिश की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा दिल्ली को अपना भाई मानता है, लेकिन केजरीवाल के ऐसे बयानों से प्रदेश के लोग नाराज हैं।
सैनी ने यह भी आरोप लगाया कि केजरीवाल ने अपनी सरकार के पहले 5 वर्षों में यमुना सफाई के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। इसके बावजूद, वे अब हरियाणा पर आरोप लगा रहे हैं। सैनी ने कहा, “केजरीवाल को दिल्ली में किए गए कामों की समीक्षा करनी चाहिए, बजाय इसके कि वे दूसरों पर आरोप लगाते रहें।
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हरियाणा सरकार का विकासात्मक दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हरियाणा सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है, जबकि दिल्ली में शिक्षा और रोजगार के अवसरों की स्थिति बहुत खराब हो गई है। सैनी ने यह आरोप भी लगाया कि केजरीवाल ने दिल्ली में गली-गली शराब की दुकानें खोल दी हैं, लेकिन शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में कुछ नहीं किया।
उन्होंने दिल्ली के लोगों से अपील की कि वे 2025 के विधानसभा चुनावों में केजरीवाल से अपने सवाल पूछें और उन्हें अपनी नाकामी के लिए जवाबदेह ठहराएं। सैनी ने कहा कि दिल्ली की जनता अब केजरीवाल की सरकार से तंग आ चुकी है और अगले चुनाव में उन्हें बाहर करने का मन बना चुकी है।
निष्कर्ष: हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्र की बढ़ती चुनौतियां और सरकार की ओर से उम्मीदें
पानीपत के उद्यमियों की समस्याएं न केवल उनके लिए, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उद्योगों की मदद के लिए कई कदम उठाने की बात की है। सरकार का लक्ष्य उद्योगों की वृद्धि और रोजगार के अवसर बढ़ाना है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिल सके।
यहां की समस्याएं और समाधान प्रदेश के विकास की दिशा तय करेंगे, और उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार और उद्यमियों के बीच संवाद बढ़ने से एक सकारात्मक बदलाव आएगा।
