हरियाणा पुलिस का ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ अब अपराधियों के लिए आतंक का पर्याय बनता जा रहा है। घरौंडा पुलिस ने इस अभियान के तहत मात्र दो हफ्तों में एक ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाकर अपनी सूझबूझ और मुस्तैदी का परिचय दिया है।
घरौंडा, करनाल: ऑपरेशन ट्रैकडाउन घरौंडा पुलिस के तहत पुलिस ने एक ऐसा ब्लाइंड मर्डर केस सुलझाया है, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी थी। आधी रात को हाईवे किनारे एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी, हत्यारे तीन थे — लेकिन पहचान किसी के पास नहीं थी। मात्र दो सप्ताह में घरौंडा थाना प्रभारी दीपक कुमार की टीम ने तकनीकी और मानवीय खुफिया तंत्र के जरिए दो आरोपियों को काबू कर लिया है, जबकि तीसरे की तलाश जारी है।
ऑपरेशन ट्रैकडाउन – DGP की सख्त निगरानी में चल रहा अभियान
प्रदेश के DGP ओ.पी. सिंह द्वारा शुरू किया गया ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ हरियाणा पुलिस का वह मिशन है जिसके तहत अपराधियों की धरपकड़, लंबित मामलों का निपटारा और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई है।
इसी ऑपरेशन के दौरान करनाल जिले की घरौंडा पुलिस ने जिस ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश किया है, उसने पूरे पुलिस प्रशासन में विश्वास को नई ऊंचाई दी है। यह केस इस बात का उदाहरण है कि अगर इरादा मजबूत हो तो कोई भी केस “ब्लाइंड” नहीं रह सकता।
आधी रात का हत्याकांड – जब सन्नाटे ने चीखें सुनीं
करीब दो सप्ताह पहले, आधी रात को घरौंडा और कोहंड के बीच हाइवे के सर्विस रोड पर एक युवक की बेरहमी से चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पहचान भोला कॉलोनी निवासी रॉबिन उर्फ नरेंद्र (उम्र 26 वर्ष) के रूप में हुई थी। वह अपने दो दोस्तों शिवम और बंटी के साथ राजेंद्र ढाबे की ओर गया था, जब बाइक पर सवार तीन अज्ञात युवकों ने उन पर हमला कर दिया।
हमले के दौरान रॉबिन को कई बार चाकू मारे गए जबकि उसके साथी जान बचाकर भाग निकले और घायल रॉबिन को लेकर तुरंत घरौंडा के सरकारी अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। रात के उस सन्नाटे में घरौंडा कस्बे में दहशत फैल गई थी। यह हत्या पूरी तरह से ब्लाइंड मर्डर थी — न कोई गवाह, न कोई सुराग।
पुलिस की रणनीति – तकनीकी सबूतों ने जोड़ा हत्या का पज़ल
घरौंडा थाने के SHO दीपक कुमार ने इस केस को व्यक्तिगत चुनौती के रूप में लिया। पुलिस टीम ने हत्या स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मोबाइल कॉल डिटेल्स की जांच की।
तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस को तीन संदिग्धों के मोबाइल लोकेशन एक ही क्षेत्र में मिलीं। इसके बाद टीम ने लगातार 48 घंटे की मेहनत के बाद दो युवकों हेमंत (निवासी जेल सिंह कॉलोनी) और सुमित को काबू किया। तीसरे आरोपी की पहचान भी हो चुकी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
पुलिस का बयान (Official Version)
SHO दीपक कुमार ने बताया —
“ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाना आसान नहीं था। हमने ऑपरेशन ट्रैकडाउन के तहत टीम बनाकर तकनीकी जांच और मुखबिर तंत्र दोनों का इस्तेमाल किया। दो आरोपियों — शिवम और हेमंत को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। अदालत ने दोनों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। तीसरे आरोपी की तलाश जारी है, उसे भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।”
पुरानी रंजिश निकली हत्या की वजह
पूछताछ में सामने आया कि यह हत्या किसी लूट या झगड़े का नतीजा नहीं थी, बल्कि एक पुरानी रंजिश से जुड़ी थी। मृतक रॉबिन और आरोपी हेमंत के बीच कुछ माह पहले किसी आपसी विवाद को लेकर तनाव हुआ था। इसी बात का बदला लेने के लिए तीनों आरोपियों ने मिलकर रॉबिन की हत्या की साजिश रची और आधी रात को उसे रास्ते में रोककर वारदात को अंजाम दिया।
घरौंडा पुलिस की मुस्तैदी पर जनता ने जताया भरोसा
इस केस की जांच जिस तेजी से हुई, उसने न केवल मृतक के परिवार को राहत दी बल्कि स्थानीय जनता में पुलिस के प्रति विश्वास भी बढ़ाया है। लोगों का कहना है कि ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन घरौंडा पुलिस’ ने यह साबित कर दिया कि अब अपराधी बच नहीं सकते।
राजेंद्र चौक के दुकानदार राकेश कुमार ने कहा —
“पहले लोग कहते थे ब्लाइंड केस सुलझते नहीं, लेकिन अब पुलिस का रवैया बदल गया है। इस केस में जो तेजी दिखाई गई, वह काबिल-ए-तारीफ है।”
तीसरे आरोपी की तलाश – पुलिस टीम सक्रिय
तीसरे आरोपी की पहचान सामने आने के बाद पुलिस की टीम लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार वह युवक फिलहाल बाहर के किसी जिले में छिपा हुआ है। पुलिस को उम्मीद है कि अगले 48 घंटों में तीसरा आरोपी भी हिरासत में होगा। जैसे ही वह पकड़ा जाएगा, पुलिस पूरे मर्डर प्लान की कड़ी जोड़ सकेगी।
पुलिस रिमांड में पूछताछ – खुलेंगे कई राज
दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस ने कई सवालों की सूची तैयार की है —
हत्या की साजिश कहाँ रची गई?
वारदात में किसने पहले वार किया?
क्या इसमें और लोग शामिल थे?
हथियार कहाँ से खरीदे गए?
पुलिस उम्मीद कर रही है कि रिमांड के दौरान कई और राज खुल सकते हैं जो न सिर्फ इस केस बल्कि अन्य मामलों से भी जुड़ सकते हैं।
DGP का निर्देश – अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई
हरियाणा DGP ओ.पी. सिंह ने हाल ही में सभी जिला पुलिस कप्तानों को निर्देश दिए हैं कि ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ के तहत किसी भी लंबित केस को प्राथमिकता से सुलझाया जाए। इसका असर अब ज़मीनी स्तर पर दिख रहा है। घरौंडा पुलिस की इस सफलता को DGP कार्यालय से भी सराहना मिली है।
ब्लाइंड मर्डर केस – पुलिस के लिए बड़ी परीक्षा
ब्लाइंड मर्डर का मतलब होता है — ऐसा अपराध जिसमें न कोई गवाह, न कोई पहचान, न कोई प्रत्यक्ष सबूत। ऐसे केस सुलझाना किसी भी पुलिस टीम के लिए सबसे बड़ी परीक्षा होती है। घरौंडा पुलिस ने यह परीक्षा पास कर यह दिखाया है कि हरियाणा पुलिस अब तकनीकी रूप से उतनी ही सक्षम है जितनी किसी भी आधुनिक राज्य की पुलिस।
स्थानीय जनता की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि
“घरौंडा में अब पुलिस की गश्त बढ़ गई है। रात के समय सर्विस रोड और हाईवे पर पुलिस की टीम लगातार निगरानी कर रही है।”
साथ ही, लोगों ने यह भी मांग की कि हाइवे के आसपास अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट और CCTV कैमरे लगाए जाएं ताकि इस तरह की घटनाओं पर पूरी तरह से रोक लग सके।
9PM NEWS CHANNEL की विशेष रिपोर्ट
हमारी टीम ने इस केस की पूरी जांच रिपोर्ट और SHO दीपक कुमार से बातचीत के वीडियो क्लिप
निष्कर्ष
ऑपरेशन ट्रैकडाउन घरौंडा पुलिस की यह सफलता केवल एक केस का पर्दाफाश नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम में विश्वास की बहाली है। एक ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाकर पुलिस ने यह संदेश दिया है कि अपराध चाहे जितना भी जटिल क्यों न हो, हर सुराग बोलता है — बस सुनने वाला चाहिए।