इटावा समाचार: यूपी के इटावा में शादी के लिए एक एग्रीमेंट चर्चा का मुद्दा बना हुआ है। शादी को पक्का करने के लिए समझौता हुआ, और इसमें यह शर्त रखी गई है कि दूल्हा वक्त पर न मुकरे। आइए जानते हैं इस मामले की पूरी कहानी…
उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में शादी के लिए एक एग्रीमेंट चर्चा का विषय बना हुआ है। यह एग्रीमेंट दुल्हन पक्ष ने करवाया है, ताकि शादी की डेट पक्की हो और ऐन वक्त पर दूल्हा मुकराने से बच सके। इसका कारण है कि 5 दिसंबर को मुख्यमंत्री के सामूहिक विवाह योजना के तहत शादी के लिए तैयारी जोरों पर हो रही थी, लेकिन उस समय दूल्हा ने दावा किया कि उसकी तबियत खराब है और उसने समारोह में शामिल नहीं होने का ऐलान किया।
इस पर, दुल्हन पक्ष के प्रतिनिधियों ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज की, जिसके बाद उन्हें तहसील भेजा गया। वहां उन्होंने 10 रुपये के स्टांप पर एक आदर्श एग्रीमेंट करवाया, जिसमें निर्धारित किया गया कि आगामी शादी की तारीख तय की जाएगी और दूल्हा उसमें शामिल होगा। इससे दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ और शादी की अगली तिथि को फरवरी 2024 में तय किया गया है।
जानिए पूरा मामला
मंगलवार को हुई मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 206 जोड़ों की शादी में, इटावा के भरथना थाना क्षेत्र के रहने वाले गंगाराम की बेटी अर्चना की भी शादी थी। लेकिन दूल्हा सत्येंद्र बाबू का दुबारा ना पहुंचना इसके परिणामस्वरूप अर्चना की शादी टल गई। बाकी जोड़ों की शादी में कोई रुकावट नहीं आई। इस घटना के बाद दुल्हन पक्ष ने संपर्क किया और दबाव डाला, जिस पर दूल्हा पक्ष ने सत्येंद्र की तबीयत की खबर सुनाई।
ऐसे में, दुल्हन पक्ष के लोग तहसील पहुंच गए और एक वकील से मिलकर शादी का एग्रीमेंट करवाया। इस एग्रीमेंट के अनुसार, दूल्हा-दुल्हन पक्ष ने समझौता किया कि अबकी बार शादी फरवरी 2024 तक तय की जाएगी और दूल्हा मुकरेगा नहीं।
10 रुपये के स्टांप पेपर पर एग्रीमेंट में लिखा गया है कि सत्येंद्र बाबू ने स्वास्थ्य के खराब हो जाने के कारण सामूहिक विवाह में पहुंच नहीं पाया था, लेकिन अब फरवरी 2024 तक उन्होंने यह संत्वना दी है कि वह अर्चना के साथ शादी करेंगे। इसके साथ-साथ, एग्रीमेंट के अनुसार, वधू पक्ष ने वर पक्ष को 51000 रुपये की धनराशि भी दी है। यदि इस बयान में कोई पलटवारा होता है, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर वर पक्ष और वधू पक्ष के पारिवारिक सदस्य भी मौजूद थे, जिससे दूल्हा पुनः बहाने बनाए बिना और शादी से मुकर बिना रह सके।
दुल्हन ने क्या कहा?
दुल्हन ने बताया कि 5 दिसंबर को सामूहिक विवाह सम्मेलन में शादी होनी थी, लेकिन हम वहां नहीं गए थे। दूल्हा गायब हो गया था, इसके बाद अब हमने कोर्ट के माध्यम से लिखित समझौता किया है, जिसमें माता-पिता की पसंद के अनुसार शादी होने का निर्णय किया गया है।
दूल्हे ने क्या कहा?
दूल्हे ने बताया कि सम्मेलन में शादी होनी थी, लेकिन मेरा स्वास्थ्य गड़बड़ हो गया था। पेट में दर्द उठा था और मोबाइल भी गिर गया था, जिससे मैं पहुंच नहीं सका। अब कोर्ट के माध्यम से एग्रीमेंट हुआ है, और मेरे साथ परिवार के लोग, भाई, फूफा और बाबा शामिल हुए थे। फरवरी में शादी करने की तिथि तय की गई है, और अब हम बारात लेकर आएंगे।
