लखनऊ के एक घटनाक्रम में एक नाबालिग युवक को दोस्तों के मजाक का शिकार बनने के बाद जीवन की संघर्षणा सामने आई है। यह घटना कारगर वर्कशॉप में उसके मित्रों द्वारा उसके निजी अंगों में वैक्यूम क्लीनर के इस्तेमाल से हुई, जिससे उसका स्वास्थ्य गंभीर रूप से प्रभावित हुआ। उसकी स्थिति अस्पताल में है और परिवार ने आरोपियों के साथ समझौता कर लिया है, जिससे उसका इलाज हो सके.
यूपी की राजधानी लखनऊ से एक घटना सामने आई है जो हर किसी को हैरान कर देगी। एक कार वर्कशॉप में एक नाबालिग के साथ एक भयंकर घटना की गई। नाबालिग के प्राइवेट पार्ट में एक ऐसी वैक्यूम क्लीनर मशीन डाली गई जिससे उसका शरीर फूल गया। उसके बाद वहीं बेहोश हो गया.
घटना हुसैनगंज थाना क्षेत्र में हुई और इसमें सिंचाई विभाग के सामने एक हुंडई कार शोरूम वर्कशॉप की शामिलता भी थी। वहां काम करने वाले कुछ लोगों ने मिलकर इस नाबालिग को एक मजाक के तौर पर उसके प्राइवेट पार्ट में एक ऐसी मशीन डाली जिससे उसका शरीर फूल गया.
जब एक युवक को पेट में फूलने की समस्या हो गई, तो उसकी हालत बिगड़ गई। स्थानीय सिविल अस्पताल में उसे डॉक्टरों ने इंजेक्शन देकर राहत दी, लेकिन रात में उसकी स्थिति और भी खराब हो गई। लड़का दर्द से रोने लगा, जिसके बाद उसे उसके परिजनों ने लोकबंधु अस्पताल में ले जाया गया.
नाबालिग की फट गए आंत
डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को देखते हुए तत्काल केजीएमयू अस्पताल में रेफर किया, जहां उसका इलाज जारी है। नाबालिग के बड़े भाई विकास त्रिवेदी ने बताया कि उनके छोटे भाई की स्थिति अभी भी गंभीर है.
30 अप्रैल को डॉक्टरों ने उसका ऑपरेशन किया था, क्योंकि उसके छोटे भाई की आंत में फट गई थी और मल निकलने वाले रास्ते की झिल्ली भी डैमेज हो गई थी। नाबालिग की स्थिति अब भी अत्यंत चिंताजनक है.
आरोपियों ने किया समझौता
हुसैनगंज पुलिस ने इस मामले में पीड़ित परिवार की शिकायत पर अपना निर्धारण जारी किया, जिसमें बताया गया कि आरोपियों को पकड़ा गया था, लेकिन दोनों पक्षों ने आपसी समझौता किया। अस्पताल के खर्च पर विवाद के मुद्दे पर सहमति बनी और दोनों पक्षों ने लिखित समझौता किया, जिससे मामले का समाधान हुआ.
