ब्लड स्टोरेज सेंटर का शुभारंभ, अब नहीं होगी करनाल जाने की जरूरत
नीलोखेड़ी। लंबे समय से प्रतीक्षित ब्लड स्टोरेज सेंटर का मंगलवार को नीलोखेड़ी के नागरिक अस्पताल में उद्घाटन किया गया। सेंटर की शुरुआत से अब मरीजों और उनके तीमारदारों को रक्त की आवश्यकता होने पर करनाल के मदर ब्लड बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। फिलहाल इस सेंटर में 10 यूनिट रक्त का स्टॉक रखा गया है, जिसे आवश्यकता अनुसार बढ़ाया जा सकता है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, यह रक्त करनाल के मदर ब्लड बैंक से पूर्ण परीक्षण के बाद मंगवाया गया है, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर सुरक्षित रक्त उपलब्ध हो सके।
नीलोखेड़ी अस्पताल में होती हैं सबसे ज्यादा डिलीवरी
नीलोखेड़ी का नागरिक अस्पताल इलाके में अपनी तरह का एकमात्र प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। जिले के 76 गांवों और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं यहां डिलीवरी के लिए आती हैं। एसएमओ डॉ. वंदना अग्रवाल के अनुसार, नीलोखेड़ी अस्पताल में पूरे जिले के मुकाबले सबसे अधिक प्रसव होते हैं। इसके अलावा, जीटी रोड के पास स्थित होने के कारण यहां सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े मामले भी अधिक आते हैं। इन स्थितियों को देखते हुए ब्लड स्टोरेज सेंटर की मांग लंबे समय से की जा रही थी।
20-40 यूनिट रक्त रखने की सुविधा, इमरजेंसी में होगा बड़ा सहारा
ब्लड स्टोरेज सेंटर के लिए विशेष ब्लड फ्रिज की व्यवस्था की गई है, जिसमें फिलहाल 20 से 40 यूनिट तक रक्त रखा जा सकता है। डॉ. वंदना ने बताया कि जरूरत पड़ने पर करनाल ब्लड बैंक से टेस्ट किया हुआ रक्त मंगाया जा सकता है। इसके अलावा, सेंटर में रक्त की गुणवत्ता और भंडारण के लिए सभी आधुनिक सुविधाओं का ध्यान रखा गया है।
रक्तदान के लिए तत्पर समाजसेवियों ने व्यक्त किया आभार
ब्लड स्टोरेज सेंटर की शुरुआत पर नीलोखेड़ी के कई समाजसेवियों ने खुशी जताई। इनमें रक्तदान के लिए 24 घंटे तैयार रहने वाले विजय कुमार, पंकज बख्शी, पारस खुराना और मनीष सिधवानी शामिल हैं। इन समाजसेवियों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सेंटर न केवल मरीजों बल्कि उनके परिजनों के लिए भी एक बड़ी राहत साबित होगा।
जीवन बचाने में होगी मदद, समय और धन की भी होगी बचत
ब्लड स्टोरेज सेंटर की शुरुआत से मरीजों के परिजनों का समय और धन दोनों बच सकेगा। पहले रक्त की आवश्यकता होने पर करनाल जाना पड़ता था, जिसमें काफी समय लगता था और आर्थिक बोझ भी बढ़ता था। अब स्थानीय स्तर पर ही रक्त उपलब्ध होने से समय पर उपचार संभव होगा और कई जानें बचाई जा सकेंगी।
डॉक्टरों की टीम ने बताया- कैसे होगा रक्त का उपयोग
ब्लड स्टोरेज सेंटर से रक्त की आपूर्ति तभी की जाएगी जब इसकी सख्त जरूरत होगी। रक्त फ्रिज में रखे गए ब्लड यूनिट्स का उपयोग केवल मेडिकल इमरजेंसी में किया जाएगा। डॉ. वंदना ने कहा, “हमारा उद्देश्य मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित रक्त प्रदान करना है। इसके लिए सभी आवश्यक मानकों का पालन किया जा रहा है।”
रक्तदान अभियान को मिलेगा प्रोत्साहन
ब्लड स्टोरेज सेंटर की शुरुआत से न केवल जरूरतमंदों को लाभ मिलेगा, बल्कि रक्तदान को भी बढ़ावा मिलेगा। अस्पताल प्रशासन स्थानीय संगठनों और समाजसेवियों के साथ मिलकर रक्तदान शिविर आयोजित करने की योजना बना रहा है, ताकि रक्त की कमी को दूर किया जा सके।
स्वास्थ्य सेवाओं में नीलोखेड़ी की नई पहचान
ब्लड स्टोरेज सेंटर के शुभारंभ के साथ नीलोखेड़ी का नागरिक अस्पताल इलाके में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित कर रहा है। मरीजों और उनके परिजनों के लिए यह सुविधा एक वरदान साबित होगी। अस्पताल प्रशासन और समाजसेवियों की यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
समाप्ति
ब्लड स्टोरेज सेंटर की शुरुआत से नीलोखेड़ी और आसपास के गांवों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। समय पर रक्त उपलब्ध होने से न केवल कई जीवन बचाए जा सकेंगे, बल्कि मरीजों और उनके परिजनों के मानसिक और आर्थिक तनाव को भी कम किया जा सकेगा। यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ा सुधार साबित होगी और अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।
