हरियाणा में ग्रामीण महिलाओं के लिए NABARD और जन कल्याण समिति की नई पहल: 400 स्वयं देयता समूहों का गठन

हरियाणा में ग्रामीण महिलाओं के लिए NABARD और जन कल्याण समिति की नई पहल: 400 स्वयं देयता समूहों का गठन
Spread the love

प्रस्तावना

हरियाणा के छह जिलों—करनाल, पानीपत, कैथल, कुरुक्षेत्र, अंबाला और यमुनानगर—में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए NABARD और जन कल्याण समिति ने एक नई पहल शुरू की है। इस परियोजना के तहत 2025 में 400 नए स्वयं देयता समूह (Joint Liability Groups – JLGs) का गठन किया जाएगा, जिससे महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे और वे आर्थिक रूप से सशक्त होंगी।

परियोजना का उद्देश्य और कार्यान्वयन

परियोजना प्रबंधक राजबाला मान के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को विभिन्न कौशलों में प्रशिक्षित कर उन्हें स्वरोजगार के लिए तैयार करना है। इसके लिए प्रत्येक जिले में क्लस्टर स्तर पर प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां महिलाओं को डेयरी फार्मिंग, दूध से पनीर, खोया, मिठाई बनाना, बैग मेकिंग, ड्रेस डिजाइनिंग, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, एलईडी बल्ब निर्माण, बकरी पालन, अचार-पापड़ जैसे कार्यों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

वित्तीय सहायता और बैंकिंग सहयोग

इस परियोजना के तहत महिलाओं को केनरा बैंक, एसबीआई, कोऑपरेटिव बैंक और सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक जैसे बैंकों से कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे पहले, महिलाएं निजी बैंकों से उच्च ब्याज दर पर ऋण लेती थीं, जिससे उन्हें ऋण चुकाने में कठिनाई होती थी। अब सरकारी बैंकों से कम ब्याज पर ऋण मिलने से महिलाएं आसानी से ऋण चुका पा रही हैं और अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक चला रही हैं।

सफलता की कहानियां

गुलशन कुमारी की प्रेरणादायक यात्रा

दहा गांव की गुलशन कुमारी ने जन कल्याण समिति से जुड़कर JLG योजना के तहत कम ब्याज पर ऋण लेकर एलईडी बल्ब बनाने का व्यवसाय शुरू किया। उन्होंने किराये पर एक छोटी सी दुकान लेकर इस कार्य की शुरुआत की, जिसमें अब पांच से सात महिलाएं मिलकर काम कर रही हैं। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद, अब वे हर महीने चार से पांच हजार रुपये की कमाई कर रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार ला रही हैं।

सुमन की आत्मनिर्भरता की कहानी

समूह की एक अन्य महिला, सुमन, पिछले दो वर्षों से एलईडी बल्ब बनाने का कार्य कर रही हैं। जन कल्याण समिति द्वारा प्रदान किए गए प्रशिक्षण और NABARD बैंक से कम ब्याज दर पर ऋण मिलने से उन्होंने अपनी खुद की दुकान खरीदी है। अब वे आर्थिक रूप से अपने परिवार की सहायता कर रही हैं और समाज में सम्मान प्राप्त कर रही हैं।

परियोजना की व्यापकता और भविष्य की योजनाएं

वर्ष 2020 से 2024 तक, इस परियोजना के तहत 4500 समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाया गया है। अब 2025 में 400 नए समूहों का गठन किया जा रहा है, जिससे और अधिक महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। परियोजना का लक्ष्य है कि हर महिला अपने कौशल का उपयोग कर आर्थिक रूप से सशक्त बने और समाज में अपनी पहचान स्थापित करे।

निष्कर्ष

NABARD और जन कल्याण समिति की यह संयुक्त पहल हरियाणा की ग्रामीण महिलाओं के लिए एक नई दिशा प्रदान कर रही है। इस परियोजना के माध्यम से महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि समाज में अपनी एक अलग पहचान भी बना रही हैं। यह पहल ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *