कुरुक्षेत्र के केशव पार्क में गोलीकांड, आरोपी गिरफ्तार
कुरुक्षेत्र के केशव पार्क में 22 मार्च को हुए गोलीकांड में शामिल एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान देवेंद्र, निवासी हमायुपुर, जिला रोहतक के रूप में हुई है। जबकि, इस घटना में शामिल दो अन्य आरोपी अब भी फरार हैं।
अपराध अन्वेषण शाखा-2 के प्रभारी निरीक्षक मोहन लाल ने बताया कि आरोपी को आज अदालत में पेश किया जाएगा और पुलिस बाकी फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
कैसे शुरू हुआ विवाद? – नाश्ते की शिकायत बनी गोलीकांड की वजह
22 मार्च की सुबह केशव पार्क में चल रहे 1008 कुंडीय जनकल्याण महायज्ञ के दौरान आशीष, निवासी लखनऊ, उत्तर प्रदेश, अपने मित्र आकाश और शोरण के साथ महायज्ञ में शामिल हुआ था। 18 मार्च से लेकर 27 मार्च तक चलने वाले इस यज्ञ की व्यवस्था स्वामी हरीओम महाराज द्वारा की गई थी।
सुबह 4 बजे से 8 बजे तक पूजा-अर्चना करने के बाद आशीष अपने साथियों के साथ नाश्ता करने सैनी धर्मशाला पहुँचा। लेकिन नाश्ते की गुणवत्ता को लेकर उसे शिकायत थी। इस समस्या को लेकर वह और उसके साथी स्वामी हरीओम महाराज के पास पहुंचे।
सुरक्षाकर्मियों ने चलाई गोली, एक घायल
जब आशीष और उसके साथी स्वामी हरीओम से नाश्ते की गुणवत्ता को लेकर शिकायत करने लगे, तो वहाँ तैनात स्वामी के सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। विवाद बढ़ने पर सुरक्षा कर्मियों ने पहले हवाई फायरिंग की। लेकिन जब आशीष और उसके साथी स्वामी हरीओम की कुटिया की ओर बढ़े, तो सीधी गोली चला दी गई।
इस फायरिंग में एक गोली आशीष तिवारी की जांघ में जा लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने इस मामले में थाना कृष्णा गेट में जान से मारने की नीयत से गोली चलाने सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया और जांच अपराध अन्वेषण शाखा-2 को सौंप दी।
आरोपी देवेंद्र का कबूलनामा – जानिए क्या बताया पुलिस को?
गिरफ्तार आरोपी देवेंद्र ने पुलिस पूछताछ में बताया कि महायज्ञ के दौरान खाने-पीने से लेकर अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सोनीपत के रहने वाले रॉबिन को सौंपी गई थी। रॉबिन के साथ जयदीप और देवेंद्र भी थे।
घटना के दिन, जब नाश्ते की शिकायत को लेकर विवाद हुआ, तो तीनों ने पहले श्रद्धालुओं को समझाने की कोशिश की। लेकिन जब वे स्वामी हरीओम की कुटिया में जबरन घुसने की कोशिश करने लगे, तो पहले हवाई फायर किया गया और फिर सीधी गोली चला दी गई। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि दो अलग-अलग हथियारों से फायरिंग की गई थी, जिनमें से एक गोली आशीष तिवारी को लगी।
पुलिस की आगे की कार्रवाई – फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस अब जयदीप और रॉबिन की तलाश कर रही है। दोनों फिलहाल फरार हैं और पुलिस उनकी लोकेशन ट्रेस करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
पुलिस का कहना है कि जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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महायज्ञ में गोलीकांड – श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा और अनुशासन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मामूली शिकायत पर सीधी गोली चला देना अत्यधिक चिंताजनक है।
धार्मिक आयोजनों में भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं, ऐसे में व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। इस मामले में भी सवाल उठता है कि आयोजन स्थल पर हथियारबंद सुरक्षाकर्मी क्यों मौजूद थे और वे इतनी जल्दी हिंसा पर क्यों उतारू हो गए।
निष्कर्ष – जल्द हो न्याय?
पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन जयदीप और रॉबिन की गिरफ्तारी अभी बाकी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी पकड़ लिया जाएगा और इस घटना की पूरी सच्चाई सामने आएगी।
अब देखना होगा कि कानूनी प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या नए कदम उठाए जाते हैं।
