केजरीवाल की सेहत: मामूली वजन कमी, तिहाड़ की रिपोर्ट

केजरीवाल की सेहत: मामूली वजन कमी, तिहाड़ की रिपोर्ट
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केजरीवाल का वजन 65 से 61.5 किलो तक घटा

तिहाड़ जेल प्रशासन ने हाल ही में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के स्वास्थ्य पर रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, केजरीवाल का वजन 1 अप्रैल को 65 किलो था, जब वे तिहाड़ की सेंट्रल जेल नंबर 2 में दाखिल हुए थे। सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद 10 मई को उनका वजन 64 किलो था, और 2 जून को दोबारा आत्मसमर्पण करने पर यह 63.5 किलो दर्ज किया गया। वर्तमान में, केजरीवाल का वजन 61.5 किलो है। यानी 2 जून के बाद से उनके वजन में केवल 2 किलो की गिरावट आई है।

आरोप-प्रत्यारोप का दौर: AAP बनाम तिहाड़ प्रशासन

दिल्ली के मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य को लेकर तिहाड़ जेल प्रशासन और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार केजरीवाल को ‘गंभीर बीमारी’ से पीड़ित करने की साजिश रच रही है। उन्होंने दावा किया कि तिहाड़ जेल में बंद केजरीवाल का वजन गिरफ्तारी के बाद से 8.5 किलो घट गया है और उनका शुगर लेवल पांच बार 50 mg/dL से नीचे चला गया है। संजय सिंह ने इसे चिंताजनक बताते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में केजरीवाल के कोमा में जाने का खतरा है।

तिहाड़ प्रशासन का खंडन: वजन में मामूली गिरावट

तिहाड़ जेल प्रशासन ने AAP के दावों का खंडन करते हुए कहा कि उनके दावों का उद्देश्य तिहाड़ प्रशासन को बदनाम करना और दबाव बनाना है। प्रशासन के अनुसार, केजरीवाल का वजन 1 अप्रैल को 65 किलो था, 10 मई को 64 किलो, 2 जून को 63.5 किलो और वर्तमान में 61.5 किलो है। इससे पहले संजय सिंह ने दावा किया था कि जब केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया था, तब उनका वजन 70 किलो था, जो घटकर 61.5 किलो रह गया है। AAP सांसद ने कहा कि तेजी से वजन कम होना किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है।

केजरीवाल की डाइट: डॉक्टरों की सलाह के अनुसार

तिहाड़ जेल के चिकित्सा अधिकारी के अनुसार, अरविंद केजरीवाल अदालत के आदेश के तहत डॉक्टरों द्वारा निर्धारित डाइट का पालन कर रहे हैं, जिसमें घर का बना खाना भी शामिल है। उनके वजन में कमी कम मात्रा में भोजन या कम कैलोरी सेवन के कारण हो सकती है। तिहाड़ जेल प्रशासन ने एक बयान में कहा, ‘विचाराधीन कैदी (अरविंद केजरीवाल) को सेंट्रल जेल नंबर 2 में चौबीसों घंटे वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी की निगरानी में रखा गया है। उनके स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी की जा रही है और रोज जांच हो रही है। तिहाड़ जेल के मेडिकल स्पेशलिस्ट डॉक्टर ने उनकी शिकायतों के आधार पर जो जरूरी दवाएं लिखी हैं, वे सब दी जा रही हैं।’

सभी महत्वपूर्ण वायटल सामान्य सीमा के भीतर

संजय सिंह के इस दावे पर कि जेल में केजरीवाल का ब्लड शुगर कई बार 50 mg/dL से नीचे जा चुका है, तिहाड़ जेल ने कहा है, ‘वर्तमान में, मेडिकल बोर्ड की सलाह के अनुसार कैदी के ब्लड शुगर की निगरानी की जा रही है और डॉक्टरों के सलाह के अनुसार उपचार और आहार प्रदान किया जा रहा है। मेडिकल बोर्ड के अनुसार, उनके सभी महत्वपूर्ण वायटल इस समय सामान्य सीमा के भीतर हैं।’ जेल अधिकारियों ने कहा है कि दिल्ली सरकार के मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता निराधार आरोप लगा रहे हैं। उनके द्वारा जेल प्रशासन को परेशान करने और जनता को भ्रमित व गुमराह करने के इरादे से गलत जानकारी साझा की जा रही है।

AAP का आरोप: साजिश और स्वास्थ्य की चिंता

संजय सिंह ने तिहाड़ जेल की रिपोर्ट की पुष्टि करते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल का वजन कम हो गया है और उनका ब्लड शुगर लेवल कई बार बहुत नीचे चला गया है। उन्होंने कहा, ‘अगर शुगर लेवल कम है, तो व्यक्ति नींद में कोमा में जा सकता है। ब्रेन स्ट्रोक का भी खतरा होता है।’ आम आदमी पार्टी ने कहा कि केजरीवाल का परिवार और शुभचिंतक उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं।

बीजेपी का पलटवार: AAP के आरोप निराधार

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने AAP पर पलटवार करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता अदालत को ‘गुमराह’ करने और सुनिश्चित करने के लिए ‘नाटक’ कर रहे हैं कि अरविंद केजरीवाल को जमानत मिल जाए। उन्होंने कहा कि AAP नेताओं के इस तरह के दावों का कोई आधार नहीं है और यह केवल जनता को भ्रमित करने के लिए किया जा रहा है।

केजरीवाल की स्वास्थ्य स्थिति पर विवाद

अरविंद केजरीवाल की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। जहां एक ओर तिहाड़ प्रशासन का कहना है कि केजरीवाल का स्वास्थ्य सामान्य है और उनकी सभी वायटल सामान्य सीमा के भीतर हैं, वहीं दूसरी ओर AAP का कहना है कि उनका वजन तेजी से घट रहा है और शुगर लेवल में गिरावट आ रही है। इस विवाद के बीच, केजरीवाल का परिवार और समर्थक उनकी सेहत को लेकर चिंतित हैं।

तिहाड़ प्रशासन की सफाई: केजरीवाल की सेहत पर नजर

तिहाड़ जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अरविंद केजरीवाल की सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है। जेल अधिकारियों के अनुसार, केजरीवाल को घर का बना खाना दिया जा रहा है और डॉक्टरों की सलाह के अनुसार उनकी डाइट निर्धारित की गई है। प्रशासन ने कहा है कि केजरीवाल के स्वास्थ्य की नियमित जांच की जा रही है और उनकी सभी चिकित्सा आवश्यकताओं को पूरा किया जा रहा है।

AAP का जवाब: तिहाड़ प्रशासन पर आरोप

AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने तिहाड़ प्रशासन की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रिपोर्ट में केजरीवाल के वजन में कमी की बात स्वीकार की गई है। उन्होंने कहा कि अगर शुगर लेवल कम है, तो व्यक्ति को गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि तिहाड़ प्रशासन केजरीवाल की सेहत को लेकर गंभीर नहीं है और उनके स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही बरत रहा है।

केजरीवाल के स्वास्थ्य पर राजनीतिक बयानबाजी

अरविंद केजरीवाल के स्वास्थ्य को लेकर हो रही बयानबाजी ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। जहां एक ओर AAP केंद्र की भाजपा सरकार पर साजिश का आरोप लगा रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा AAP पर झूठे आरोप लगाने का आरोप लगा रही है। इस बीच, केजरीवाल के स्वास्थ्य की स्थिति पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है और उनके समर्थक उनकी सेहत को लेकर चिंतित हैं।

तिहाड़ प्रशासन की जिम्मेदारी: कैदी की सेहत

तिहाड़ जेल प्रशासन का कहना है कि वे अरविंद केजरीवाल की सेहत को लेकर पूरी तरह से जिम्मेदार हैं और उनकी सभी चिकित्सा आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं। जेल अधिकारियों ने कहा है कि केजरीवाल को चौबीसों घंटे चिकित्सा अधिकारी की निगरानी में रखा गया है और उनके स्वास्थ्य की नियमित जांच की जा रही है।

निष्कर्ष: केजरीवाल की सेहत पर नजर और राजनीतिक विवाद

अरविंद केजरीवाल की सेहत पर नजर रखने के बावजूद, उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर हो रहे राजनीतिक विवाद ने इस मामले को और जटिल बना दिया है। जहां एक ओर तिहाड़ प्रशासन का कहना है कि केजरीवाल की सेहत सामान्य है, वहीं दूसरी ओर AAP का कहना है कि उनके स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता है। इस विवाद के बीच, केजरीवाल का परिवार और समर्थक उनकी सेहत को लेकर चिंतित हैं और इस मामले पर ध्यान दे रहे हैं।

इस प्रकार, अरविंद केजरीवाल की सेहत पर तिहाड़ प्रशासन की रिपोर्ट और AAP के आरोपों के बीच जारी विवाद ने इस मामले को सार्वजनिक और राजनीतिक चर्चा का विषय बना दिया है। जेल प्रशासन और AAP के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर जारी है और इस बीच केजरीवाल की सेहत पर नजर रखी जा रही है।

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