करनाल, हरियाणा।
रविवार सुबह करनाल के जीटी रोड पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक तेज रफ्तार क्रेटा कार सड़क किनारे खड़ी बोलेरो से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि क्रेटा कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों की मानें तो यदि कुछ सेकंड की देरी और होती, तो यह हादसा और भी बड़ा हो सकता था क्योंकि पीछे से आ रही हरियाणा रोडवेज की बस भी इस हादसे में लगभग शामिल हो जाती।
कैसे हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा रविवार सुबह लगभग 9:00 बजे के आसपास हुआ। क्रेटा कार दिल्ली से चंडीगढ़ की ओर जा रही थी। जैसे ही वह करनाल बाइपास के समीप पहुँची, अचानक सड़क किनारे खड़ी बोलेरो कार से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। बोलेरो एक पिकअप वाहन के बिल्कुल पीछे खड़ी थी, जिसे अवैध कट के पास पार्क किया गया था।
बस चालक की सूझबूझ ने बचाई 40 जानें
हरियाणा रोडवेज की बस जो उसी दिशा में जा रही थी, हादसे के ठीक पीछे थी। बस चालक कंवरपाल ने बताया कि जैसे ही उसने सामने दुर्घटना होते देखी, उसने तुरंत स्टीयरिंग मोड़ कर बस को डिवाइडर की ओर घुमा दिया। इस प्रयास में बस कुछ पेड़ों को तोड़ती हुई दूसरी सड़क पर निकल गई। बस में उस समय लगभग 40 यात्री सवार थे। सौभाग्य से बस पलटी नहीं और सभी यात्री सुरक्षित रहे।
“अगर कुछ सेकेंड की भी देरी होती तो बस भी दुर्घटनाग्रस्त हो सकती थी,” – बस चालक कंवरपाल
घायल चालक की हालत गंभीर
हादसे में घायल हुए क्रेटा कार के चालक की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार उसे सिर, छाती और पैरों में गहरी चोटें आई हैं। उपचार जारी है और हालत स्थिर बताई जा रही है।
अवैध कट बना हादसे की वजह
मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि जहां हादसा हुआ, वहां एक अवैध कट बना हुआ है। स्थानीय दुकानदारों और निवासियों के अनुसार यह कट अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनता है। बोलेरो और पिकअप इसी अवैध कट के कारण वहां खड़े थे, जिससे यह भीषण टक्कर हुई।
“हम कई बार प्रशासन से मांग कर चुके हैं कि इस कट को बंद किया जाए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई,” – स्थानीय दुकानदार सुरेश कुमार
प्रशासन पर सवाल
इस दुर्घटना ने एक बार फिर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते इस अवैध कट को बंद कर दिया गया होता, तो शायद यह हादसा टल सकता था। अब स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस कट को अविलंब बंद किया जाए और पूरे जीटी रोड पर सड़क सुरक्षा के मापदंडों की समीक्षा की जाए।
क्या कहते हैं यातायात विशेषज्ञ
ट्रैफिक मैनेजमेंट विशेषज्ञ डॉ. अजय राणा का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध कट्स सबसे बड़ा खतरा हैं। ये न केवल यातायात में बाधा उत्पन्न करते हैं, बल्कि गंभीर दुर्घटनाओं को भी जन्म देते हैं।
“हर साल सैकड़ों जानें अवैध कट्स और खराब सड़क नियोजन के चलते जाती हैं। प्रशासन को सख्त कदम उठाने होंगे।” – डॉ. अजय राणा
स्थानीय प्रशासन का रुख
हादसे के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है। एसडीएम करनाल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और कहा कि प्रारंभिक जांच में अवैध कट को हादसे का मुख्य कारण पाया गया है। उन्होंने ट्रैफिक विभाग को आदेश दिया है कि सभी ऐसे कट्स की सूची तैयार कर तुरंत कार्रवाई की जाए।
लोगों की मांग: अवैध कट हटाओ, जान बचाओ
स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों ने इस हादसे के बाद सोशल मीडिया पर #BanIllegalCuts अभियान शुरू किया है। वे चाहते हैं कि जिला प्रशासन तत्काल कार्रवाई करे ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।
निष्कर्ष
यह हादसा केवल एक वाहन दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का भी परिणाम है। यदि समय रहते सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन होता, तो शायद यह हादसा टल सकता था। अब जरूरत है कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी मिलकर करनाल की सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठाएं।
