सरकार का विशेष प्रयास, निशुल्क शिक्षा और कोचिंग से बच्चों को मिल रहा संबल
असंध में संपन्न हुआ मिशन बुनियाद का यात्रा ठहराव कार्यक्रम
कर्णाल जिले के असंध के पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को मिशन बुनियाद के तहत यात्रा ठहराव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन खंड स्तर पर किया गया, जिसमें 44 स्कूलों के 700 मेधावी विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एसडीएम असंध राहुल और विशिष्ट अतिथि के रूप में डीपीसी ज्योत्सना मिश्रा उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता खंड शिक्षा अधिकारी बलजीत सिंह ने की, जबकि प्रिंसिपल पवन कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। आयोजन में बच्चों को उनके भविष्य के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ मिशन बुनियाद और सुपर-100 योजनाओं की जानकारी दी गई।
मिशन बुनियाद: बच्चों के सपनों को साकार करने की पहल
विशेषज्ञों का कहना है कि मिशन बुनियाद विद्यार्थियों के भविष्य को मजबूत करने की एक अनूठी पहल है। इस कार्यक्रम के तहत बच्चों को निशुल्क शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए हरसंभव सहायता प्रदान की जाती है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यह बताया गया कि इस योजना के अंतर्गत उन्हें:
- निशुल्क इंटरनेट की सुविधा युक्त टैबलेट्स
- मुफ्त ड्रेस और स्टेशनरी सामग्री
- बुनियाद सेंटर जाने के लिए यातायात सुविधा
प्रदान की जाएगी। इन संसाधनों से वे जेईई (JEE) और नीट (NEET) जैसी परीक्षाओं के लिए बेहतर तरीके से तैयारी कर सकेंगे।
44 स्कूलों के विद्यार्थियों ने लिया भाग, प्रेरक कहानियों से मिली सीख
कार्यक्रम में कक्षा 8वीं और 10वीं के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इनके साथ उनके माता-पिता भी उपस्थित रहे।
मुख्य आकर्षण:
- विद्यार्थियों और अभिभावकों को बुनियाद कार्यक्रम से संबंधित वीडियो दिखाया गया, जो विकल्प संस्था द्वारा तैयार की गई थी।
- कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों ने मिशन बुनियाद और सुपर-100 की बारीकियों को समझा।
- प्रेरक प्रसंगों के जरिए अभिभावकों ने अपने अनुभव साझा किए और बच्चों को प्रोत्साहित किया।
विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया:
कई बच्चों ने कहा कि यह कार्यक्रम उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्हें यह समझने का मौका मिला कि वे सही दिशा में मेहनत करके अपने सपनों को कैसे साकार कर सकते हैं।
एसडीएम राहुल का संदेश: असफलता से हार मानने के बजाय आत्मविश्वास बनाए रखें
एसडीएम असंध राहुल ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा, “प्रत्येक विद्यार्थी के भीतर एक अद्भुत प्रतिभा छिपी होती है। यह प्रतिभा उनके माता-पिता और शिक्षकों के सहयोग से निखर सकती है। इसलिए, सभी बच्चों को अच्छी तरह से शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए और अपने आत्मविश्वास को बनाए रखना चाहिए।”
मुख्य बातें:
- प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी: एसडीएम ने बच्चों को बताया कि बुनियाद परीक्षा में पास होकर वे सरकार द्वारा निर्धारित बेहतर संस्थानों में कोचिंग ले सकते हैं।
- असफलता को सकारात्मक रूप से लें: उन्होंने कहा कि अगर कोई बच्चा किसी कारणवश पहली बार में प्रतियोगी परीक्षा में असफल हो जाए, तो उसे निराश नहीं होना चाहिए। अगली बार और बेहतर तरीके से तैयारी करनी चाहिए।
- आत्मविश्वास और लक्ष्य पर ध्यान दें: एसडीएम ने बच्चों को प्रेरित किया कि असफलता को आत्मविश्वास के कमजोर होने का कारण न बनने दें।
विशेषज्ञों ने दी जानकारी, मिशन बुनियाद क्यों है खास?
कार्यक्रम में डीपीसी ज्योत्सना मिश्रा और जिला विज्ञान विशेषज्ञ दीपक वर्मा ने मिशन बुनियाद की बारीकियों को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा, “मिशन बुनियाद वह आधार प्रदान करता है, जिससे बच्चे अपनी प्रतिभा के बल पर अपने जीवन के सपनों को साकार कर सकते हैं। इस मिशन के तहत बच्चों को निशुल्क शिक्षा के साथ कई अन्य सुविधाएं भी दी जाती हैं।”
सुविधाओं की पूरी जानकारी:
- बच्चों को सरकारी स्तर पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है।
- बच्चों को बेहतर पढ़ाई के लिए आधुनिक तकनीकी संसाधन जैसे टैबलेट्स और इंटरनेट की सुविधा दी जाती है।
- दूरस्थ स्थानों से आने वाले बच्चों के लिए फ्री ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है।
मिशन बुनियाद से जुड़ी सांस्कृतिक और शिक्षाप्रद गतिविधियां
कार्यक्रम केवल औपचारिक नहीं रहा, बल्कि इसमें बच्चों के लिए सांस्कृतिक और शिक्षाप्रद गतिविधियों का भी आयोजन किया गया।
- बच्चों को संगीत और नृत्य कार्यक्रमों के माध्यम से प्रेरित किया गया।
- प्रेरक कहानियों के जरिए उन्हें यह सिखाया गया कि मेहनत और आत्मविश्वास से वे किसी भी परीक्षा में सफल हो सकते हैं।
- माता-पिता और शिक्षकों के अनुभव साझा किए गए, जिससे बच्चों को प्रेरणा मिली।
क्या है मिशन बुनियाद और सुपर-100 योजना?
मिशन बुनियाद:
मिशन बुनियाद हरियाणा सरकार की एक विशेष पहल है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है।
- यह योजना विशेष रूप से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए लागू की गई है।
- इसके तहत कक्षा 8वीं और 10वीं के बच्चों को चुना जाता है।
- बच्चों को आधुनिक तकनीकी उपकरण, अच्छे शिक्षण संसाधन, और मुफ्त कोचिंग उपलब्ध कराई जाती है।
सुपर-100 योजना:
यह योजना मिशन बुनियाद का अगला चरण है।
- इसमें चुने गए मेधावी बच्चों को आईआईटी (IIT) और नीट (NEET) जैसी परीक्षाओं के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है।
- यह प्रशिक्षण हरियाणा सरकार द्वारा चयनित श्रेष्ठ संस्थानों में दिया जाता है।
विद्यार्थियों और अभिभावकों की प्रतिक्रिया
अभिभावकों ने व्यक्त की खुशी:
कार्यक्रम में भाग लेने वाले बच्चों के माता-पिता ने मिशन बुनियाद के प्रयासों की सराहना की।
- रेखा देवी (अभिभावक): “मिशन बुनियाद से हमारे बच्चों को भविष्य बनाने का सुनहरा मौका मिल रहा है। हमें उम्मीद है कि वे अपनी मेहनत से हमारे सपने पूरे करेंगे।”
- मोहित कुमार (विद्यार्थी): “यह कार्यक्रम हमारे लिए प्रेरणा का काम कर रहा है। अब मुझे विश्वास है कि मैं नीट परीक्षा में जरूर सफल होऊंगा।”
निष्कर्ष: शिक्षा का नया आधार बना मिशन बुनियाद
मिशन बुनियाद हरियाणा सरकार का एक ऐसा कदम है, जो न केवल बच्चों के भविष्य को नई दिशा दे रहा है, बल्कि उनकी प्रतिभा को सही दिशा में निखारने का प्रयास कर रहा है। असंध में आयोजित यह कार्यक्रम शिक्षा, आत्मविश्वास और प्रेरणा का संगम साबित हुआ।
विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के इस प्रयास की जितनी प्रशंसा की जाए, उतनी कम है। अब देखना यह है कि इस योजना के तहत कितने बच्चे अपने सपनों को पंख देकर उड़ान भरते हैं।
