करनाल न्यूज़: सीआईएसएफ परिवार की गृहणियों ने पेश किए पौष्टिक मोटे अनाज के स्वादिष्ट व्यंजन

सीआईएसएफ परिवार की गृहणियों ने पेश किए पौष्टिक मोटे अनाज के स्वादिष्ट व्यंजन
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मिलेट्स मेले में गृहणियों की रचनात्मकता और सेहतमंद खाने का जलवा

कर्नाल के मूनक में स्थित रिफाइनरी परिसर में सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) के जवानों के परिवारों ने मोटे अनाज (मिलेट्स) को लेकर एक अनोखा मेले का आयोजन किया। इस मेले में गृहणियों ने ज्वार, बाजरा, रागी, कलमी, चेना, कुलथी, कोदो और जंगोरा जैसे मोटे अनाज से बने स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई। इस आयोजन का उद्देश्य लोगों को मोटे अनाजों के प्रति जागरूक करना और उनकी दैनिक आहार में इन पोषक तत्वों से भरपूर अनाजों को शामिल करने के लिए प्रेरित करना था।

महाप्रबंधक और कमांडेंट ने किया मेले का उद्घाटन

मिलेट्स मेले का उद्घाटन महाप्रबंधक (मानव संसाधन) विवेक नारायण और सीआईएसएफ के कमांडेंट विजय कुमार ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के बाद दोनों ने मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉल्स का दौरा किया और गृहणियों द्वारा बनाए गए अनाज-आधारित व्यंजनों को देखा। इस दौरान उन्होंने गृहणियों से बातचीत भी की और उनके प्रयासों की सराहना की।

पोषण से भरपूर मोटे अनाज के फायदे

इस आयोजन में मौजूद मुख्य अतिथि ने मोटे अनाजों के लाभों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा,

“मोटे अनाज से बना भोजन न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद है।”

  1. पाचन में मददगार: मोटे अनाज में फाइबर की प्रचुर मात्रा होती है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और पेट की समस्याओं को दूर करता है।
  2. हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी: इन अनाजों में मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे खनिज होते हैं, जो रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करते हैं और हृदय को स्वस्थ बनाए रखते हैं।
  3. मधुमेह को नियंत्रित करने में सहायक: मोटे अनाज का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जो रक्त शर्करा के स्तर को धीरे-धीरे बढ़ाता है। यह मधुमेह रोगियों के लिए अत्यंत फायदेमंद है।
  4. हड्डियों को मजबूत बनाता है: मोटे अनाज में कैल्शियम और फास्फोरस जैसे मिनरल्स होते हैं, जो हड्डियों को मजबूत करने में मदद करते हैं और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों से बचाव करते हैं।

गृहणियों ने पेश किए अनोखे व्यंजन

इस मेले में गृहणियों ने अपनी रचनात्मकता का परिचय देते हुए विभिन्न प्रकार के अनोखे और स्वादिष्ट व्यंजन पेश किए। कुछ खास व्यंजन जो मेले में आकर्षण का केंद्र रहे, वे हैं:

  • ज्वार की रोटी के साथ मसाला साग
  • बाजरे का उपमा
  • रागी डोसा
  • कलमी खिचड़ी
  • चेना लड्डू
  • कुलथी का सूप
  • कोदो पुलाव

प्रदर्शनी में मौजूद लोगों ने इन व्यंजनों का स्वाद चखा और मोटे अनाजों से बनी इस पौष्टिक डायट को अपनाने की सलाह दी।

गृहणियों को मिला सम्मान और प्रोत्साहन

इस आयोजन में मुख्य प्रबंधक संजय शर्मा, डिप्टी कमांडेंट एसएस नेगी, डिप्टी कमांडेंट थर्मल एपी मनोज, और सहायक कमांडेंट पुष्पा देवी जैसे वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने गृहणियों के प्रयासों की सराहना की और उन्हें स्वस्थ आहार के प्रति समाज को जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।

कमांडेंट विजय कुमार ने कहा,

“यह पहल हमारे जवानों और उनके परिवारों को स्वस्थ और फिट रहने के लिए प्रेरित करेगी। हमें इस तरह के आयोजनों को और अधिक बढ़ावा देना चाहिए।”

स्थानीय समुदाय में भी जागरूकता

यह मेला न केवल सीआईएसएफ के जवानों और उनके परिवारों के लिए, बल्कि आसपास के ग्रामीणों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना। गांव के कई लोगों ने मेले में शिरकत की और मोटे अनाजों के फायदों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

स्वस्थ जीवनशैली की ओर एक कदम

इस आयोजन ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए हमें अपने आहार में बदलाव करने की जरूरत है। मिलेट्स जैसे मोटे अनाज न केवल स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं, बल्कि वे स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध भी हैं। इस मेले ने लोगों को यह समझाया कि अगर हम अपने रोज़मर्रा के भोजन में इन अनाजों को शामिल करें, तो कई बीमारियों से बचाव संभव है।

अंत में, सीआईएसएफ परिवार की इस पहल ने साबित कर दिया कि सही भोजन और सही जीवनशैली अपनाकर हम अपने जीवन को स्वस्थ और खुशहाल बना सकते हैं। इस तरह के आयोजन भविष्य में भी होते रहने चाहिए ताकि अधिक से अधिक लोग मोटे अनाजों के महत्व को समझें और उन्हें अपने आहार में शामिल करें।

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