करनाल पीएनजी कनेक्शन लक्ष्य: 3 महीने में 10 हजार कनेक्शन का टारगेट, पहले 1.5 साल में भी नहीं हुआ पूरा

करनाल पीएनजी कनेक्शन लक्ष्य: 3 महीने में 10 हजार कनेक्शन का टारगेट, पहले 1.5 साल में भी नहीं हुआ पूरा
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गैस संकट के बीच बड़ा फैसला! करनाल में अब 3 महीने में 10 हजार पीएनजी कनेक्शन देने का टारगेट—क्या इस बार प्रशासन और कंपनी मिलकर पूरा कर पाएंगे ये चुनौती?

करनाल। करनाल पीएनजी कनेक्शन लक्ष्य को लेकर जिला प्रशासन और गैस एजेंसी इंड्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने बड़ा कदम उठाया है। अगले तीन महीनों में 10 हजार नए पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन देने का लक्ष्य तय किया गया है। यह निर्णय पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देशों के तहत लिया गया है, ताकि एलपीजी की कमी के बीच शहरवासियों को एक स्थायी और सुरक्षित विकल्प उपलब्ध कराया जा सके।

हालांकि, इस लक्ष्य की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि पिछले डेढ़ साल में भी इतने कनेक्शन नहीं लगाए जा सके हैं। ऐसे में अब सवाल उठता है कि क्या प्रशासन और आईजीएल इस बार तय समय सीमा में इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा कर पाएंगे या नहीं।

एलपीजी संकट बना बड़ा कारण

पिछले कुछ समय से करनाल में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत ने आम लोगों को काफी परेशान किया है। गैस सिलेंडर की देरी, बुकिंग के बाद लंबा इंतजार और बढ़ती कीमतों ने लोगों को वैकल्पिक विकल्प की ओर सोचने पर मजबूर किया है।

इसी स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने केंद्र सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने का निर्णय लिया। प्रशासन ने यहां तक कि जिन घरों के सामने से पीएनजी पाइपलाइन गुजर रही है, वहां इसे अनिवार्य करने का भी फैसला लिया है।

लक्ष्य बनाम हकीकत

अगर पिछले आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण नजर आती है। वर्ष 2019 से करनाल में पीएनजी सेवा शुरू की गई थी, लेकिन सात साल में अब तक केवल 26 हजार सक्रिय कनेक्शन ही लगाए जा सके हैं।

पिछले डेढ़ साल में यह संख्या और भी धीमी रही—करीब 7 हजार नए कनेक्शन ही जुड़ पाए। ऐसे में तीन महीने में 10 हजार कनेक्शन का लक्ष्य काफी बड़ा और चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

41 कॉलोनियों में पहले से लाइन बिछी

करनाल शहर की 41 कॉलोनियों और उपमंडल क्षेत्रों में करीब 650 किलोमीटर लंबी पीएनजी पाइपलाइन पहले से बिछाई जा चुकी है। प्रशासन का फोकस इन्हीं क्षेत्रों में तेजी से नए कनेक्शन देने पर है, ताकि एलपीजी पर निर्भरता को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

उपायुक्त उत्तम सिंह के अनुसार, आने वाले समय में 50 किलोमीटर और नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए सर्वे का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।

निष्क्रिय कनेक्शन भी होंगे सक्रिय

आईजीएल के क्षेत्रीय कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, अब तक जिले में 70 हजार पीएनजी कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। इनमें से करीब 20 हजार कनेक्शन ऐसे हैं जो निष्क्रिय हैं।

इन निष्क्रिय कनेक्शनों को सक्रिय करना भी इस योजना का अहम हिस्सा है। यानी केवल नए कनेक्शन ही नहीं, बल्कि पुराने कनेक्शनों को चालू करके भी लक्ष्य को पूरा करने की कोशिश की जाएगी।

आईजीएल के वरिष्ठ प्रबंधक शिवम गुप्ता ने बताया कि “हमारा फोकस दो स्तर पर है—नए कनेक्शन देना और निष्क्रिय कनेक्शनों को चालू करना।”

औद्योगिक क्षेत्र पर असर

इस बीच औद्योगिक क्षेत्र के लिए भी गैस की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। आईजीएल ने औद्योगिक गैस के दामों में 12 रुपये प्रति घन मीटर की वृद्धि की है।

पहले यह दर 55 रुपये प्रति घन मीटर थी, जिसे बढ़ाकर अब 67 रुपये कर दिया गया है। इससे उद्योगों की लागत पर सीधा असर पड़ सकता है, खासकर छोटे और मध्यम उद्योगों पर।

बढ़ती मांग, रोजाना आवेदन

पीएनजी कनेक्शन की मांग तेजी से बढ़ रही है। आईजीएल के सेक्टर-5 स्थित कार्यालय में रोजाना बड़ी संख्या में लोग कनेक्शन के लिए आवेदन कर रहे हैं।

शुक्रवार को 50 नए कनेक्शन जारी किए गए, जबकि 30 नए आवेदन प्राप्त हुए। अधिकारियों के अनुसार, रोजाना 25 से 30 लोग दस्तावेज जमा कर रहे हैं।

यह आंकड़े बताते हैं कि लोगों का रुझान अब तेजी से पीएनजी की ओर बढ़ रहा है।

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधा

लोगों की सुविधा के लिए आईजीएल ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों को उपलब्ध कराया है।

  • ऑनलाइन आवेदन: www.iglonline.net
  • ग्राहक सेवा नंबर: 8448184015, 9773980554

इन माध्यमों से लोग आसानी से अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।

क्या लक्ष्य पूरा होगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर प्रशासन और आईजीएल मिलकर तेज गति से काम करें, तो यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए फील्ड लेवल पर तेजी, जागरूकता अभियान और तकनीकी संसाधनों की जरूरत होगी।

जनता की राय

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पीएनजी कनेक्शन आसानी से और समय पर मिल जाए, तो यह एलपीजी से बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

कुछ लोगों ने यह भी कहा कि प्रक्रिया को और सरल और तेज बनाया जाना चाहिए।

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