प्रेम कौर को श्रद्धांजलि: सीएम की पत्नी सुमन सैनी समेत दिग्गज नेताओं का करनाल में उमड़ा सैलाब

प्रेम कौर को श्रद्धांजलि: सीएम की पत्नी सुमन सैनी समेत दिग्गज नेताओं का करनाल में उमड़ा सैलाब
Spread the love

करनाल में शोक की लहर… प्रदेश की राजनीति के बड़े चेहरे एक ही छत के नीचे—जानिए आखिर क्यों प्रेम कौर को श्रद्धांजलि देने पहुंचे मुख्यमंत्री परिवार समेत कई मंत्री और विधायक।

करनाल। प्रेम कौर को श्रद्धांजलि देने के लिए शुक्रवार को करनाल स्थित कल्याण फार्म में प्रदेश की राजनीति का एक बड़ा जमावड़ा देखने को मिला। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष के परिवार पर आए इस दुखद समय में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पत्नी सुमन सैनी समेत प्रदेश सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री, विधायक और राजनीतिक हस्तियां श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचीं। इस दौरान माहौल पूरी तरह भावुक रहा और हर आने वाले व्यक्ति ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

कल्याण फार्म पर सुबह से ही लोगों का आना-जाना लगा रहा है। स्थानीय लोगों से लेकर बड़े राजनीतिक नेताओं तक, हर कोई प्रेम कौर कल्याण को अंतिम विदाई देने और परिवार को सांत्वना देने के लिए उपस्थित रहा। यह दृश्य इस बात का प्रतीक था कि प्रेम कौर न केवल एक परिवार की मुखिया थीं, बल्कि समाज में भी उनका गहरा प्रभाव और सम्मान था।

बड़े नेताओं की मौजूदगी ने बढ़ाया महत्व

इस अवसर पर मुख्यमंत्री की पत्नी सुमन सैनी विशेष रूप से पहुंचीं और उन्होंने परिवार के साथ समय बिताकर सांत्वना दी। उनके साथ हरियाणा सरकार की सिंचाई, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री आरती राव भी मौजूद रहीं। इन सभी नेताओं ने प्रेम कौर के जीवन और उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने भी मौके पर पहुंचकर परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि प्रेम कौर का जीवन सादगी, सेवा और संस्कारों का प्रतीक था। उनका जाना न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए एक बड़ी क्षति है।

विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति

इस दौरान कई विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी महत्वपूर्ण बना दिया। विधायक जगमोहन आनंद, मूलचंद शर्मा, निर्मल सिंह और देवेंद्र हंस समेत कई जनप्रतिनिधि श्रद्धांजलि देने पहुंचे। वरिष्ठ नेता कैप्टन अभिमन्यु ने भी इस मौके पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और परिवार को ढाढस बंधाया।

मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव तरूण भंडारी भी इस अवसर पर मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि प्रेम कौर ने अपने जीवन में जो मूल्य और संस्कार दिए, वे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।

भावुक माहौल, हर आंख नम

कल्याण फार्म का माहौल पूरी तरह भावुक था। जैसे ही कोई नेता या परिचित व्यक्ति पहुंचता, परिवार के सदस्य उन्हें गले लगाकर अपने दुख को साझा करते नजर आए। इस दौरान कई लोगों की आंखें नम थीं।

स्थानीय लोगों ने भी बड़ी संख्या में पहुंचकर प्रेम कौर को श्रद्धांजलि दी। लोगों का कहना था कि वह एक सरल, मिलनसार और धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं, जो हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहती थीं।

प्रेम कौर का जीवन: सादगी और सेवा की मिसाल

प्रेम कौर कल्याण का जीवन सादगी, सेवा और परिवार के प्रति समर्पण का उदाहरण था। उन्होंने अपने जीवन में हमेशा सामाजिक मूल्यों को प्राथमिकता दी और अपने परिवार को मजबूत संस्कार दिए।

उनके करीबियों के अनुसार, वह धार्मिक कार्यों में विशेष रुचि रखती थीं और समाज सेवा के कार्यों में भी सक्रिय रहती थीं। यही कारण है कि उनके निधन की खबर से न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।

परिवार के लिए कठिन समय

विधानसभा अध्यक्ष के परिवार के लिए यह समय बेहद कठिन है। ऐसे में प्रदेश के शीर्ष नेताओं का इस तरह एकजुट होकर पहुंचना यह दर्शाता है कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर मानवीय संवेदनाएं कितनी महत्वपूर्ण होती हैं।

सभी नेताओं ने परिवार को इस दुख की घड़ी में धैर्य रखने की सलाह दी और कहा कि पूरा प्रदेश उनके साथ खड़ा है।

क्या बोले नेता?

  • सुमन सैनी: “यह परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। हम सब इस दुख की घड़ी में उनके साथ हैं।”
  • श्रुति चौधरी: “प्रेम कौर जी का जीवन प्रेरणादायक था, उनका जाना समाज के लिए भी बड़ी क्षति है।”
  • आरती राव: “ऐसे समय में शब्द कम पड़ जाते हैं, लेकिन हम सभी उनके परिवार के साथ खड़े हैं।”
  • सुभाष बराला: “उन्होंने जो संस्कार दिए, वही उनकी सबसे बड़ी विरासत हैं।”

करनाल में शोक की लहर

प्रेम कौर के निधन की खबर मिलते ही करनाल और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर फैल गई। कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने भी श्रद्धांजलि सभा आयोजित करने की घोषणा की है।

सामाजिक और राजनीतिक संदेश

इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया कि समाज में आपसी संबंध और मानवीय भावनाएं राजनीति से कहीं ऊपर होती हैं। जब भी किसी परिवार पर दुख का पहाड़ टूटता है, तो पूरा समाज और नेतृत्व उसके साथ खड़ा होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *