विदेश जाने का सपना… लेकिन अगर एक गलत एजेंट मिल गया तो यह सपना जानलेवा भी बन सकता है। पुलिस ने अब लोगों को सावधान करने के लिए खास एडवाइजरी जारी की है।
विदेश जाने के इच्छुक लोगों के लिए पुलिस ने जारी की एडवाइजरी, फर्जी एजेंटों से रहें सावधान
कुरुक्षेत्र। विदेश जाने का सपना आज देश के हजारों युवाओं की प्राथमिकता बन चुका है। पढ़ाई, नौकरी, बिजनेस और बेहतर जीवन की तलाश में बड़ी संख्या में लोग विदेश जाने की योजना बना रहे हैं। लेकिन इसी सपने का फायदा उठाकर कई फर्जी ट्रैवल एजेंट लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए विदेश जाने के इच्छुक लोगों के लिए पुलिस एडवाइजरी जारी की गई है, जिसमें लोगों को सावधान रहने और किसी भी एजेंट पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जांच करने की सलाह दी गई है।
पुलिस का कहना है कि आजकल सोशल मीडिया, वेबसाइटों और मोबाइल मैसेज के जरिए आकर्षक विज्ञापन देकर लोगों को विदेश भेजने का लालच दिया जाता है। कई बार एजेंट यह दावा करते हैं कि वे कम समय में वीजा दिलवा देंगे या बिना ज्यादा दस्तावेजों के विदेश भेज देंगे। ऐसे लालच में आकर कई लोग अपनी जीवनभर की कमाई तक गंवा बैठते हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पिछले कुछ समय में वीजा धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। कई मामलों में पीड़ितों को विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लिए जाते हैं, जबकि कुछ मामलों में लोगों को अवैध रास्तों से विदेश भेजने की कोशिश की जाती है, जो न केवल गैरकानूनी है बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है।
कैसे काम करते हैं फर्जी वीजा एजेंट
आजकल धोखाधड़ी के तरीके भी पहले से कहीं ज्यादा आधुनिक हो गए हैं। फर्जी एजेंट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर आकर्षक विज्ञापन चलाते हैं। इन विज्ञापनों में अक्सर यह दावा किया जाता है कि बहुत कम खर्च में कनाडा, अमेरिका, यूरोप या ऑस्ट्रेलिया भेजा जाएगा।
लोगों का भरोसा जीतने के लिए एजेंट नकली ऑफिस, फर्जी वेबसाइट और झूठे दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हैं। कई बार वे नकली वीजा, ऑफर लेटर और एयर टिकट तक दिखा देते हैं ताकि लोगों को लगे कि सब कुछ सही है।
इसके बाद लोगों से लाखों रुपये की रकम एडवांस में ली जाती है। पैसे मिलने के बाद एजेंट या तो गायब हो जाते हैं या फिर लगातार नई-नई फीस के नाम पर पैसे मांगते रहते हैं।
अवैध रास्तों से विदेश भेजने का खतरनाक खेल
पुलिस ने अपनी एडवाइजरी में बताया कि कुछ एजेंट लोगों को वैध वीजा दिलाने की बजाय अवैध तरीके से विदेश भेजने की कोशिश करते हैं। इसमें लोगों को कई देशों के रास्ते से घुमाकर भेजा जाता है।
ऐसे मामलों में लोगों को जंगलों, पहाड़ों और समुद्री रास्तों से सीमा पार कराई जाती है। कई बार उन्हें ट्रकों के कंटेनरों में छिपाकर ले जाया जाता है। इस दौरान सांस घुटने, ठंड लगने, भूख-प्यास और बीमारी से कई लोगों की मौत तक हो चुकी है।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी कई बार ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं जहां कंटेनर में छिपकर विदेश जाने की कोशिश कर रहे लोगों की दम घुटने से मौत हो गई।
विदेश पहुंचने के बाद भी खत्म नहीं होती परेशानी
कई मामलों में लोग किसी तरह विदेश पहुंच तो जाते हैं, लेकिन वहां उनकी परेशानियाँ खत्म नहीं होतीं।
फर्जी एजेंट अक्सर वहां मौजूद अपने नेटवर्क के लोगों को पीड़ितों के पासपोर्ट और जरूरी दस्तावेज सौंप देते हैं। इसके बाद उनसे जबरन काम कराया जाता है।
कुछ मामलों में लोगों को मजदूरी करवाई जाती है जबकि कई मामलों में उनसे अवैध काम भी करवाए जाते हैं। पासपोर्ट छीन लेने के कारण पीड़ित न तो वापस अपने देश आ पाते हैं और न ही वहां कानूनी मदद ले पाते हैं।
पुलिस की अहम सलाह
पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि विदेश जाने से पहले किसी भी एजेंट पर आंख बंद करके भरोसा न करें।
कुछ जरूरी सावधानियां इस प्रकार हैं:
- हमेशा सरकार से मान्यता प्राप्त एजेंट से ही संपर्क करें।
- एजेंट का लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन नंबर जरूर जांचें।
- बिना रसीद के किसी को पैसे न दें।
- वीजा और पासपोर्ट की प्रक्रिया स्वयं समझें।
- सोशल मीडिया विज्ञापनों पर तुरंत भरोसा न करें।
- एजेंट का ऑफिस और उसकी पहचान की पुष्टि जरूर करें।
- किसी भी अवैध रास्ते से विदेश जाने की कोशिश न करें।
पुलिस ने यह भी कहा कि अगर किसी व्यक्ति को वीजा एजेंट पर शक हो तो तुरंत पुलिस या संबंधित सरकारी विभाग को सूचना दें।
युवाओं को जागरूक होना जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि विदेश जाने की बढ़ती चाहत के कारण ऐसे मामलों में वृद्धि हो रही है। कई युवा बिना सही जानकारी के एजेंटों के चक्कर में फंस जाते हैं।
यदि लोग थोड़ी सतर्कता बरतें और सही प्रक्रिया का पालन करें तो ऐसे धोखाधड़ी के मामलों से बचा जा सकता है।
सरकार भी समय-समय पर लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाती है, लेकिन फिर भी कई लोग जल्दी विदेश जाने के लालच में जोखिम उठा लेते हैं।
परिवारों को भी सतर्क रहने की जरूरत
पुलिस का कहना है कि सिर्फ युवाओं को ही नहीं बल्कि उनके परिवारों को भी जागरूक होना चाहिए।
अक्सर एजेंट परिवार के सदस्यों को यह भरोसा दिलाते हैं कि उनका बच्चा कुछ ही दिनों में विदेश पहुंच जाएगा। लेकिन कई मामलों में बाद में पता चलता है कि पूरा मामला धोखाधड़ी का था।
इसलिए परिवारों को भी एजेंट की पूरी जांच-पड़ताल करनी चाहिए और कानूनी प्रक्रिया के बारे में जानकारी लेनी चाहिए।
सुरक्षित तरीके से विदेश जाने का सही रास्ता
विदेश जाने का सबसे सुरक्षित तरीका यह है कि पूरी प्रक्रिया कानूनी तरीके से की जाए।
इसके लिए सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त एजेंट या अधिकृत संस्थानों से संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा वीजा, पासपोर्ट और नौकरी से जुड़े दस्तावेज खुद भी जांचने चाहिए।
अगर कोई एजेंट यह कहता है कि बिना इंटरव्यू, बिना दस्तावेज या बहुत कम समय में वीजा मिल जाएगा तो यह एक चेतावनी संकेत हो सकता है।
पुलिस ने लोगों से की अपील
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि विदेश जाने के सपने को पूरा करने के लिए जल्दबाजी न करें। सही जानकारी और सही प्रक्रिया अपनाकर ही विदेश जाने की योजना बनाएं।
यदि किसी व्यक्ति को वीजा एजेंट से धोखाधड़ी का सामना करना पड़ा है तो तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं ताकि ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
पुलिस का कहना है कि लोगों की जागरूकता ही ऐसे अपराधों को रोकने का सबसे बड़ा हथियार है।
