करनाल, 8 जून।
करनाल के शांत माने जाने वाले चार चमन बाजार में 2 जून की रात को जो कुछ हुआ, उसने शहर के व्यापारियों की नींद उड़ा दी। व्यस्त बाजार में स्थित नागपाल मोबाइल शोरूम पर अचानक हुई फायरिंग और ₹1 करोड़ की रंगदारी की मांग ने पूरे शहर को दहशत में ला दिया। लेकिन अब पुलिस ने इस मामले का खुलासा कर दिया है। इस सनसनीखेज वारदात के पीछे हिसार के कुख्यात बदमाश राहुल उर्फ गब्बू और आर्यन का नाम सामने आया है।
🔹 घटनाक्रम: एक आम सी शाम बनी खौफनाक रात
2 जून, रात 8:30 बजे
चार चमन चौक स्थित नागपाल मोबाइल शोरूम सामान्य दिनों की तरह ग्राहकों से भरा हुआ था। तभी दो बाइक सवार नकाबपोश युवकों ने दुकान के सामने ब्रेक लगाई और बिना कोई चेतावनी दिए हवा में गोलियां दाग दीं। इसके बाद उन्होंने दुकानदार को धमकी दी—“अगर एक करोड़ नहीं दिए, तो अगली बार गोली सिर पर लगेगी।” और पलक झपकते ही मौके से फरार हो गए।
इस पूरी घटना की रिकॉर्डिंग दुकान के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फुटेज में बदमाशों की पहचान मुश्किल थी, परंतु पुलिस के लिए यही एकमात्र सुराग था।
🔎 जांच की शुरुआत: सुरागों की कड़ियां जोड़ती पुलिस
फायरिंग की घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसपी गंगाराम पूनिया ने तुरंत छह टीमों का गठन किया और चार चमन बाजार व आसपास के क्षेत्रों में नाके लगवाए। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया कि यह कोई सामान्य लूट या उगाही नहीं, बल्कि किसी बड़े गिरोह की साजिश है।
पुलिस ने फौरन CCTV फुटेज से संदिग्धों की तस्वीरें निकालीं और आसपास के जिलों में भेज दीं। साथ ही, बदमाशों के हुलिए के आधार पर हिसार के बालसमंद गांव तक जांच पहुंची।
🔫 मुठभेड़ और गिरफ्तारी: हिसार में फिल्मी अंदाज़ में पकड़े गए आरोपी
शनिवार को हिसार पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली कि बालसमंद गैंग के बदमाश शहर के बाहर एक खंडहर में छिपे हुए हैं। पुलिस ने चारों ओर से घेरेबंदी की। खुद को फंसा देख बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें दोनों मुख्य आरोपी—राहुल उर्फ गब्बू और आर्यन—पैर में गोली लगने से घायल हो गए।
तीन अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। सभी को हिसार के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके ठीक होते ही करनाल पुलिस उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आएगी और पूछताछ करेगी।
🧠 प्रारंभिक पूछताछ से मिले अहम सुराग
करनाल डीएसपी राजीव कुमार के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में यह सामने आया है कि इन दोनों बदमाशों ने ही नागपाल मोबाइल शोरूम पर फायरिंग की थी। उनका उद्देश्य था करनाल के व्यापारियों में खौफ पैदा करना और रंगदारी की मोटी रकम ऐंठना।
पुलिस के अनुसार, इन बदमाशों का संबंध एक संगठित अपराध गिरोह से है जो पिछले एक साल से करनाल, हिसार, पानीपत व सोनीपत में सक्रिय है।
📉 बढ़ते अपराध और व्यापारियों की चिंता
करनाल में पिछले एक साल में रंगदारी की धमकी की 10 से अधिक वारदातें सामने आ चुकी हैं। भले ही पुलिस ने अधिकतर मामलों में कुछ बदमाशों को पकड़ लिया, लेकिन मास्टरमाइंड अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। यही कारण है कि व्यापारी वर्ग में डर लगातार बढ़ता जा रहा है।
घटना के बाद व्यापारियों ने विधायक जगमोहन आनंद के नेतृत्व में एसपी गंगाराम पूनिया से मुलाकात की और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की। कई व्यापारियों ने अपनी दुकानों में सुरक्षा कैमरे बढ़ाए हैं और निजी गार्ड रखने का निर्णय लिया है।
🛑 पुलिस की अपील: “डरें नहीं, हम अलर्ट हैं”
करनाल के एसपी गंगाराम पूनिया ने कहा—
“हमने आरोपियों की पहचान कर ली है और उन्हें गिरफ्तार भी किया जा चुका है। व्यापारी वर्ग को डरने की जरूरत नहीं है। करनाल पुलिस पूरी तरह से सतर्क है और हर अपराधी को उसकी सही जगह पहुंचाया जाएगा।”
🚓 अब आगे क्या?
पुलिस इन आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी निकालने की कोशिश करेगी। साथ ही यह भी जानने की कोशिश होगी कि क्या किसी राजनीतिक या आर्थिक रसूखदार ने इन वारदातों में इनकी मदद की। पुलिस जल्द ही पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की योजना पर काम कर रही है।
📣 निष्कर्ष: अपराधियों के खिलाफ सख्ती जरूरी
करनाल जैसे शांतिप्रिय शहर में यदि रंगदारी जैसी संगीन घटनाएं हो रही हैं तो यह केवल पुलिस नहीं, समाज के लिए भी चिंता का विषय है। पुलिस को जहां सूचना तंत्र को मजबूत करना होगा, वहीं आम लोगों और व्यापारियों को भी सजग रहना होगा।
यह मामला केवल एक मोबाइल शोरूम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़े आपराधिक नेटवर्क की ओर इशारा करता है। समय आ गया है जब अपराधियों को यह संदेश दिया जाए कि हर जुर्म की सजा तय है।
📍 पाठकों से अपील
यदि आप भी किसी संदिग्ध गतिविधि को देखते हैं या आपको किसी तरह की धमकी मिलती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। एक जागरूक नागरिक ही सुरक्षित समाज की नींव रखता है।
