झज्जर के चिमनी गांव का एक लड़का गांव के राजकीय प्राइमरी स्कूल में पांचवी कक्षा में पढ़ रहा था. एक दिन जब बच्चे खेल रहे थे, तो उनके शिक्षक तेजपाल ने एक बच्चे को मुक्का मार दिया, जिससे वह बैंच पर गिर गया. इस घटना के कारण बच्चा बेहोश हो गया और उसका सिर फट गया.
झज्जर के चिमनी गांव के राजकीय प्राइमरी स्कूल में एक घटना के बाद बड़ी उत्तेजना है। परिजनों का आरोप है कि एक शिक्षक ने पांचवी कक्षा के एक छात्र को पिटाई की. उनके अनुसार, शिक्षक ने बच्चे को रीढ़ की हड्डी पर मारा, जिसके बाद वह बेहोश हो गया. इस घटना के बाद, बच्चा दुबलधन के सरकारी अस्पताल में भर्ती हुआ और उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया. पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए शिक्षक के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिसकी जाँच अभी जारी है.
जानकारी के अनुसार चिमनी गांव का निवासी अमित के बेटे ने गांव के राजकीय प्राइमरी स्कूल में पांचवी कक्षा में पढ़ाई शुरू की थी. एक दिन वह हाफ टाइम में खेलने के लिए बच्चों के साथ मैदान में था. तभी उनके शिक्षक तेजपाल ने अचानक उनके पास आकर उन्हें मुक्का मारा, जिससे बच्चा बैंच पर गिर गया. गिरने से उसका सिर चोट लगी, और वह बेहोश हो गया। परिजनों का कहना है कि शिक्षक ने उसकी मदद नहीं की, जिससे स्थिति और बिगड़ गई.
एक शिक्षक ने आपत्तिजनक बच्चे की रिपोर्ट की, जिसने ड्रामा का एक संयोग दिखाया. पड़ोसियों को इसकी सूचना मिलने पर, उन्होंने तुरंत बच्चे के परिवार को सूचित किया। पुलिस और बच्चे के माता-पिता को भी इस घटना की सूचना मिली. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चे को सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया, लेकिन उसे अब भी होश नहीं आया. उसे पीजीआई रेफर किया गया है, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया है. शिक्षक तेजपाल के खिलाफ बच्चे के पिता ने शिकायत की है, जिसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ केस दर्ज किया है.
पिता ने कहा, “पहले भी बच्चा ने शिक्षक के खिलाफ शिकायत की थी
बालक के पिता ने बताया कि उनके बेटे ने पहले भी कई बार उनसे शिकायत की थी कि उनका नया शिक्षक उन्हें बहुत पीटता है. उन्होंने बेटे से कहा था कि अगर तुम अच्छे से पढ़ाई नहीं करोगे तो शिक्षक हमेशा मारेगा, पर उन्हें यह नहीं पता था कि शिक्षक उस बच्चे से इतनी नफ़रत करता है.
पीजीआई से मिली छुट्टी
पिता ने बताया कि उनके बेटे को वीरवार की सुबह पीजीआई से छुट्टी मिल गई है. परंतु, उन्होंने इस घटना को बेहद चिंताजनक माना और अपने बच्चे के डर की शिकायत पुलिस में की है.
