चुनाव की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षित की गई पोलिंग पार्टियां
हरियाणा में नगर निगम और नगरपालिका निकाय चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी क्रम में, सोनीपत जिले के खरखौदा नगरपालिका चुनाव और नगर निगम मेयर उपचुनाव को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए पोलिंग पार्टियों को व्यापक प्रशिक्षण दिया गया। गुरुवार को दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल में हुए इस प्रशिक्षण सत्र में चुनाव प्रक्रिया की बारीकियों को समझाया गया और ईवीएम संचालन का भी अभ्यास कराया गया।
रिटर्निंग अधिकारी की सख्त हिदायत – ‘एक चूक से बिगड़ सकती है पूरी व्यवस्था’
खरखौदा नगरपालिका चुनाव के रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम डॉ. निर्मल नागर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पोलिंग पार्टियों की छोटी-सी भी गलती चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने पोलिंग अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लेने और सतर्कता के साथ कार्य करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि पीओ (प्रेसाइडिंग ऑफिसर) हैंडबुक में सभी आवश्यक नियम एवं निर्देश दिए गए हैं, जिनका पालन करना बेहद जरूरी है। मतदान प्रक्रिया के दौरान भरे जाने वाले सभी फॉर्म सही ढंग से भरने की हिदायत दी गई, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि न हो। मतदान केंद्रों पर महिलाओं और पुरुषों की अलग-अलग लाइन लगवाने का भी निर्देश दिया गया।
ईवीएम और वीवीपैट संचालन पर विशेष जोर
प्रशिक्षण सत्र के दौरान ईवीएम मास्टर ट्रेनर मेजर संजय श्योराण ने पोलिंग पार्टियों को उनके प्रत्येक कार्य और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से बताया। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के संचालन और वोटिंग प्रक्रिया को बेहतर तरीके से समझाने के लिए पोलिंग स्टाफ को हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी गई।
उन्होंने बताया कि मतदान शुरू होने से पहले पोलिंग एजेंट्स की मौजूदगी में मोक पोल (Mock Poll) करवाना अनिवार्य है। इसमें सभी प्रत्याशियों को वोट डलवाने के बाद पोलिंग एजेंट को इसका परिणाम दिखाना होगा। मोक पोल के बाद ईवीएम को क्लियर करना बेहद जरूरी है। मतदान समाप्ति के बाद मशीन को ठीक प्रकार से क्लोज करने का निर्देश भी दिया गया।
मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर
रिटर्निंग अधिकारी डॉ. निर्मल नागर ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव करवाने में पोलिंग पार्टियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसलिए मतदान से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को गहराई से समझना और नियमों की पूरी जानकारी रखना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मतदान के दौरान किसी तरह की समस्या आती है, तो पहले उसे अपने स्तर पर हल करने का प्रयास करें। अगर समस्या का समाधान संभव न हो, तो तुरंत उच्च अधिकारियों से संपर्क करें।
महत्वपूर्ण चुनावी दिशा-निर्देश और सुरक्षा मानक
- मतदान प्रक्रिया के दौरान सभी पोलिंग एजेंट्स की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
- ईवीएम को सही तरीके से इंस्टॉल किया जाए और मोक पोल के बाद क्लियर किया जाए।
- मतदान केंद्रों पर महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग लाइनें बनाई जाएं।
- मतदान समाप्त होने के बाद ईवीएम और अन्य आवश्यक दस्तावेजों को सील कर नियमानुसार सुरक्षित रखा जाए।
- यदि किसी भी स्तर पर कोई तकनीकी या प्रशासनिक समस्या आती है, तो तुरंत संबंधित अधिकारी को सूचित किया जाए।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ प्रशिक्षण
इस प्रशिक्षण सत्र में नगर निगम मेयर उपचुनाव के रिटर्निंग अधिकारी अभय सिंह जांगड़ा, सहायक रिटर्निंग अधिकारी सिद्धार्थ सिंह, नायब तहसीलदार खरखौदा अशोक कुमार, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी आस्था गर्ग, और शिक्षा विभाग से प्राचार्य जोगिंद्र सिंह भी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने पोलिंग पार्टियों को सही तरीके से चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने की सलाह दी और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
यह भी पढ़ें: दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता: फतेहाबाद में ऐतिहासिक जश्न, ढोल-नगाड़ों के संग मनाई गई खुशी
चुनाव निष्पक्षता और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम
हरियाणा में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने की दिशा में इस प्रकार के प्रशिक्षण सत्रों का विशेष महत्व है। इससे पोलिंग पार्टियों की दक्षता में वृद्धि होती है और वे मतदान प्रक्रिया को अधिक सुचारू रूप से संचालित करने में सक्षम होते हैं।
निष्कर्ष
हरियाणा निकाय चुनाव को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। पोलिंग पार्टियों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति सचेत करने और चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण दिया गया। ईवीएम संचालन से लेकर मतदान प्रक्रिया के हर चरण को समझाने पर जोर दिया गया। रिटर्निंग अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने चुनाव प्रक्रिया को त्रुटि रहित और निष्पक्ष बनाने पर विशेष बल दिया।
हरियाणा में नगर निगम और नगरपालिका चुनाव अब अंतिम चरण में हैं। प्रशासन की सख्ती और पोलिंग अधिकारियों की तत्परता से यह स्पष्ट है कि निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
