हरियाणा में ठंड और कोहरे की मार: हल्की बारिश और ओलावृष्टि की संभावना
हरियाणा में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कोहरे और ठंड ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। शुक्रवार रात से ही राज्य के अधिकांश हिस्सों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे वाहन चालकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। वहीं, तापमान में गिरावट और बारिश के चलते ठंड में और इजाफा हुआ है। आइए जानते हैं हरियाणा के मौसमी हालात के बारे में विस्तार से।
कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें, वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक
शुक्रवार रात से कोहरा छाने के बाद शनिवार सुबह हरियाणा के अधिकांश जिलों में दृश्यता कम हो गई। हिसार, सोनीपत और अन्य शहरों में वाहनों की गति 10 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा तक सिमट गई। नेशनल हाईवे और केजीपी-केएमपी एक्सप्रेसवे पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। कोहरे के कारण दृश्यता 10 मीटर तक सिमट गई, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हुई।
न्यूनतम तापमान में गिरावट, ठंड का प्रकोप बढ़ा
हरियाणा में शनिवार को न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले 6.6 डिग्री था। सोनीपत इस समय हरियाणा का सबसे ठंडा इलाका बन गया है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट की संभावना है।
बारिश और ओलावृष्टि के आसार
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 12 जनवरी को हरियाणा के कई हिस्सों में हल्की बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर और मध्य हरियाणा में बारिश की संभावना है, जिससे ठंड और कोहरा और अधिक बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि रविवार को भी घने कोहरे की स्थिति बनी रहेगी।
जींद में राहत, लेकिन ठंड बरकरार
जींद में शनिवार को धुंध में थोड़ी कमी आई, लेकिन ठंड ने लोगों को परेशान किया। अधिकतम तापमान 16 डिग्री और न्यूनतम 7 डिग्री रहा। हवा की गति 11 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, जिससे ठंड का अहसास और बढ़ गया। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड और कोहरा कम होने की संभावना नहीं है।
फसलों के लिए लाभदायक बारिश
हरियाणा में गेहूं और सरसों की फसलों के लिए यह मौसम वरदान साबित हो सकता है। हल्की बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नमी मिलेगी, जिससे उनकी उपज में सुधार होगा। हालांकि, तेज बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान का खतरा भी बना हुआ है।
पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से बदला मौसम
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, शुक्रवार रात सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी और हरियाणा में बारिश की स्थिति बनी है। यह विक्षोभ फिलहाल कमजोर पड़ रहा है, लेकिन इसकी सक्रियता से ठंड और कोहरा बढ़ने की संभावना है। अरब सागर से आने वाली नमी ने इस विक्षोभ को और ताकत दी है।
शीत दिवस की स्थिति: कई जिले प्रभावित
हिसार, नारनौल और रोहतक जैसे जिलों में शीत दिवस की स्थिति बनी हुई है। यहां अधिकतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री कम दर्ज किया गया। औसत अधिकतम तापमान में 2.8 डिग्री की गिरावट आई है, जबकि औसत न्यूनतम तापमान सामान्य स्तर पर बना हुआ है।
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आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार:
- 12 जनवरी: बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश हो सकती है।
- रविवार: घना कोहरा छाने और शीत दिवस की स्थिति बनी रहेगी।
- तापमान: न्यूनतम तापमान में गिरावट और अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है।
अंतिम निष्कर्ष
हरियाणा में कोहरा और ठंड ने जनजीवन को प्रभावित किया है। हल्की बारिश और ओलावृष्टि से ठंड और बढ़ने की संभावना है। हालांकि, यह फसलों के लिए लाभदायक हो सकता है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कोहरे और शीत लहर की चेतावनी दी है, जिससे आम लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।“हरियाणा में ठंड का कहर: कोहरे और बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, 7 बड़ी बातें जो आपको जाननी चाहिए”
