देश में मौसम की दिवार अब दो अलग-अलग चेहरों से सामने आ रही है। उत्तर भारत के अधिकांश राज्य गर्मी की आग में तप रहे हैं, जबकि दक्षिण भारत में बारिश की बौछार से धराधार हो रही है। भारी बारिश के कारण केरल में हालात खतरनाक हो गए हैं। 22 मई को केरल के पथानामथिट्टा और इडुक्की में भारी बारिश के बाद रेड अलर्ट जारी किया गया है।
इसके साथ ही, तिरुवनंतपुरम और अन्य जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। लोगों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है, क्योंकि बारिश के साथ हादसे भी हो रहे हैं। 66 वर्षीय महिला की मौत का मामला पोथेनकोड में हुआ, जब उनके घर की दीवार का हिस्सा बारिश के कारण टूट गया। इस बारिश और गर्मी की मिशान बुझाने की उम्मीद अभी तक नहीं है, जो लोगों को चिंतित कर रही है।
दिल्ली का मौसम
दिल्ली में 25 मई तक प्रचंड लू का दौर जारी रहने का संदेश दिया गया है। इस दौरान, तेज गर्म हवाएं चलेंगी और दिन का पारा 46 डिग्री तक पहुंच सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, इस पूरे हफ्ते दिल्ली का अधिकतम तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। वहीं, न्यूनतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। इस मौसम के अनुकूल नहीं होने के कारण लोगों से अपील की जा रही है कि वे अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें, ज्यादा पानी पिएं और धूप से बचाव के उपाय अपनाएं।

देश के मौसम का हाल
मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक, भारत के विभिन्न हिस्सों में मौसम की स्थिति में बदलाव की संभावना है। दक्षिणी भारत के केरल और दक्षिणी तमिलनाडु में हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ गरज की संभावना है। यहां कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, लक्षद्वीप और अंडमान निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।
इसके अलावा, सिक्किम, उत्तराखंड, लक्षद्वीप, और उत्तर पूर्व भारत में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पश्चिमी हिमालय, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, और दक्षिणी मध्य प्रदेश में हल्की बारिश की संभावना है। वहीं, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, और मध्य प्रदेश में लू की संभावना है।
देश की मौसमी गतिविधियां
मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के अनुसार, भारत में मौसम के लिए नई जानकारी आई है। तमिलनाडु के आंतरिक भाग पर एक परिसंचरण औसत समुद्र तल से 5.8 तक फैला हुआ है। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश, दक्षिण बिहार और झारखंड होते हुए गंगीय पश्चिम बंगाल तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है।
उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है और इस चक्रवाती परिसंचरण से मध्य महाराष्ट्र से कर्नाटक तट तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है।
