निकाय चुनाव में भाजपा की बागियों पर नजर: मंत्री गंगवा और पोपली पहुंचे तरूण जैन के घर, सोशल मीडिया पर तेज हुआ वार-पलटवार!

निकाय चुनाव में भाजपा की बागियों पर नजर: मंत्री गंगवा और पोपली पहुंचे तरूण जैन के घर, सोशल मीडिया पर तेज हुआ वार-पलटवार!
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भाजपा का बागियों पर दांव, मंत्री गंगवा और पोपली का तरूण जैन के आवास पर आगमन

हरियाणा में निकाय चुनाव का माहौल गरमाने लगा है। विधानसभा चुनाव के बाद अब निकाय चुनावों में भी भाजपा ने अपनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। पार्टी में बागियों को रोकने और समर्थन जुटाने के लिए भाजपा नेता पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। इसी कड़ी में प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा और भाजपा के मेयर प्रत्याशी प्रवीण पोपली मंगलवार को हिसार में भाजपा नेता तरूण जैन के घर पहुंचे। इस मुलाकात को भाजपा की अंदरूनी राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

तरूण जैन ने इस मौके पर खुलकर भाजपा का समर्थन किया और कहा, “मैं भाजपा का सिपाही हूं और पूरी निष्ठा से पार्टी के लिए काम करूंगा।” उनके इस बयान के बाद अटकलें तेज हो गई हैं कि वे निकाय चुनावों में भाजपा को और मजबूती देंगे। मंत्री गंगवा ने इस दौरान भाजपा को एकजुट बताते हुए कहा कि पार्टी में किसी भी तरह की गुटबाजी नहीं है और सभी कार्यकर्ता एकमत होकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि “चुनाव पूरी तरह एकतरफा हो चुका है, विपक्ष बिखर चुका है और कांग्रेस नेतृत्वविहीन हो चुकी है।”

विधायक गोकुल सेतिया का सोशल मीडिया वार जारी

विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के खिलाफ सोशल मीडिया पर मुखर रहे विधायक गोकुल सेतिया ने अब निकाय चुनाव में भी यह रणनीति जारी रखी है। सेतिया ने हलोपा सुप्रीमो की ओर से विधानसभा चुनाव में वार्ड 14 के एक युवक को भाजपा में शामिल कराने की तस्वीर पोस्ट कर भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने इस तस्वीर के जरिए भाजपा प्रत्याशी अंग्रेज बठला को निशाने पर लिया।

सेतिया का आरोप है कि भाजपा ऐसे व्यक्तियों को पार्टी में शामिल कर रही है जो समाज विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं। उनकी इस सोशल मीडिया पोस्ट ने निकाय चुनावों में हलचल मचा दी है। उन्होंने लिखा, “वार्ड 14 का प्रत्याशी किस तरह की मंडली के साथ जुड़ा हुआ है, यह सभी को पता है। ऐसे लोग समाज को नशे के अंधकार में धकेलने का काम कर रहे हैं।”

सिरसा में विधायक सेतिया ने उठाए गंभीर सवाल

सिरसा में भी निकाय चुनाव के बीच सियासी माहौल गर्माया हुआ है। विधायक गोकुल सेतिया ने सिरसा के भाजपा उम्मीदवार के खिलाफ एक नई रणनीति अपनाते हुए उन्हें घेरने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। उन्होंने एक तस्वीर साझा की, जिसमें भाजपा उम्मीदवार को एक कथित तस्कर के साथ दिखाया गया।

यह मामला तब और ज्यादा तूल पकड़ गया जब भाजपा-हलोपा प्रत्याशी अंग्रेज बठला ने जवाबी बयान देते हुए कहा कि “किसी के चेहरे पर नहीं लिखा होता कि वह अपराधी है। यह तस्वीर विधानसभा चुनाव की है और इसे अब उछाला जा रहा है। अगर ऐसे ही तस्वीरों की राजनीति करनी है, तो मेरे पास भी गोकुल सेतिया की कुछ तस्वीरें हैं जिन्हें मैं सोशल मीडिया पर डाल सकता हूं।”

2 किलो अफीम तस्करी मामला और राजनीतिक तकरार

विधायक गोकुल सेतिया ने हाल ही में सिरसा में पकड़े गए एक नशा तस्कर के मामले को भाजपा प्रत्याशी के साथ जोड़ दिया। एंटी नारकोटिक्स टीम ने सिरसा के कीर्ति नगर में रहने वाले गौरव शर्मा को 2 किलो अफीम की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था।

सेतिया ने अपनी फेसबुक पोस्ट में इस मुद्दे को उठाते हुए लिखा, “अगर ऐसे लोगों को पार्टी में शामिल किया जाएगा, तो समाज का क्या होगा? भाजपा और हलोपा का वार्ड 14 का प्रत्याशी किस तरह के लोगों को बढ़ावा दे रहा है, यह जनता को देखना चाहिए।”

विधानसभा चुनावों के दौरान भी सेतिया पर गैंगस्टर के साथ तस्वीरें वायरल होने के आरोप लगे थे, जिनका उन्होंने सफाई देते हुए खंडन किया था। लेकिन अब उन्होंने खुद सोशल मीडिया के जरिए भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ वही रणनीति अपनाई है।

भाजपा का पलटवार: “कांग्रेस विपक्ष की भूमिका नहीं निभा पा रही”

भाजपा ने इस पूरे मामले पर पलटवार करते हुए विपक्ष को कमजोर बताया। मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह नेतृत्व विहीन हो चुकी है और विपक्ष की भूमिका निभाने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि “चुनाव अब एकतरफा हो चुका है, जनता भाजपा के साथ है।”

इसके अलावा, उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि पार्टी में गुटबाजी है। गंगवा ने कहा कि “किसी गुट ने मुख्यमंत्री का कार्यक्रम रद्द नहीं कराया, बल्कि मुख्यमंत्री की व्यस्तता के कारण कार्यक्रम रद्द हुआ।”

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निकाय चुनावों में बढ़ता सोशल मीडिया वार

राजनीति में सोशल मीडिया का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है और निकाय चुनाव भी इससे अछूते नहीं हैं। गोकुल सेतिया और भाजपा नेताओं के बीच बयानबाजी और तस्वीरों की राजनीति अब खुलकर सामने आ चुकी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह रणनीति जनता की राय को प्रभावित कर सकती है और चुनावी समीकरणों को भी बदल सकती है।

निष्कर्ष: भाजपा की बागियों पर नजर और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव

हरियाणा के निकाय चुनाव अब पूरी तरह से भाजपा बनाम अन्य पार्टियों की लड़ाई में बदलते जा रहे हैं। भाजपा अपने बागियों को साधने और संगठन को मजबूत करने में लगी हुई है, जबकि विपक्षी नेता सोशल मीडिया के जरिए हमलावर हो रहे हैं।

मंत्री गंगवा और प्रवीण पोपली का तरूण जैन के घर जाना, विधायक गोकुल सेतिया के सोशल मीडिया वार और भाजपा प्रत्याशी के बचाव में दिए गए बयान—ये सभी घटनाक्रम आने वाले दिनों में निकाय चुनाव को और अधिक दिलचस्प बना सकते हैं। अब यह देखना होगा कि जनता किस रणनीति को स्वीकार करती है और किसे नकारती है।

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