गर्मी के आगमन के साथ ही, एयर कंडीशनिंग का उपयोग फिर से तेजी से बढ़ जाता है। लोग अपने घरों और कार्यस्थलों में ठंडक की खोज में एसी का सहारा लेते हैं। लेकिन क्या हम इस नए सुखद संगठन की चांदनी में भूल रहे हैं कि एसी के नुकसान भी हो सकते हैं? वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, लंबे समय तक एसी के उपयोग से त्वचा की सूखापन, नाक की खराश, और आंतरिक वायुमंडल में किरणों की अधिक प्रवेश हो सकती है। इससे हो सकते हैं सिरदर्द, असमय थकान, और श्वासन के तंगपन के लक्षण। इसलिए, हमें सावधानी बरतनी चाहिए और एसी का सही उपयोग करने के लिए संतुलन बनाए रखना चाहिए.

वेबएमडी के अनुसार, जब आप अपने ऑफिस या घर में दिन भर एसी चलाते हैं, तो वेंटिलेशन का ध्यान रखना बेहद महत्वपूर्ण होता है। अगर सही वेंटिलेशन नहीं है, तो एसी के कारण खांसी, सर्दी या अन्य समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, समय-समय पर अपने कमरे की सही वेंटिलेशन की जांच करना और आवश्यकता अनुसार वेंटिलेशन को सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है.

इसके लिए समय समय पर फिल्टर बदलना, खिड़कियों को खोलना और ताजी हवा को घर में आने देना जरूरी होता है. यहां हम बता रहे हैं कि एसी का अधिक इस्तेमाल क्यों खतरनाक कहा जा रहा है.

डिहाइड्रेशन: आपने जरूर अनुभव किया होगा कि एयर कंडीशनिंग (AC) के कमरे में बिताए घंटों के बाद आपकी त्वचा और शरीर का नमी का स्तर गिरने लगता है। इस तरह की वातावरणीय आवश्यकताओं के अनुसार, आपके शरीर से पानी की मात्रा कम होने लगती है जो डिहाइड्रेशन का कारण बनता है। ऐसे में, आपकी त्वचा ड्राई और बेजान सा लगने लगती है, और पानी की कमी से आपको चक्कर आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

ड्राई आई की समस्या: हवा में नमी बढ़ने की वजह से आंखों को भी नुकसान झेलना पड़ता है. रूम ड्राई होने से ड्राई आई की समस्या शुरू हो जाती है. जिसकी वजह से आंखों में खुजली, जलन, बार बार पानी आना जैसी परेशानी हो जाती है. यही नहीं, कई तरह का संक्रमण भी हो सकता है.

सांस की परेशानी के बारे में नई तहकीकात में दिखाई गई है कि जो लोग दिनभर एसी में रहकर काम करते हैं या रातभर एसी ऑन कर सोते हैं, उन्हें सांस लेने में परेशानी होती है और हर वक्त ब्लॉक नोजल से जूझना पड़ता है। इस तरह की वातावरणिक स्थितियों के कारण, रेस्पिरेटरी प्रॉब्लम भी काफी बढ़ जाते हैं.

सिर में दर्द: एसी में भले ही आपको सोने में आराम महसूस होता हो, लेकिन इसकी वजह से आप सिर दर्द यहां तक की माइग्रेन तक के मरीज हो सकते हैं। एक नई रिसर्च ने बताया है कि एसी के फिल्टर में गंदगी का होना यह समस्या उत्पन्न कर सकता है। अगर आपके एसी के फिल्टर में साफ़ी का ध्यान नहीं दिया जाता है, तो यह वायरस, बैक्टीरिया और अन्य कचरे को आपके सिर में छलने का मार्ग बना सकता है.

बर्दाश्त करने की क्षमता में कमी: अगर आप अधिक एसी में रहते हैं तो आपकी गर्मी झेलने की क्षमता घटने लगती है और आप एसी से बाहर आते ही बेचैन महसूस करने लगते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, इसके पीछे विभिन्न कारण हो सकते हैं, जैसे कि अधिक एसी में रहने से शारीरिक क्षमता का असर पड़ता है और साथ ही प्राकृतिक तापमान के साथ आदतन शारीरिक परिवर्तनों का सामना करना पड़ता है.

एलर्जी की संभावना: अगर आपके AC की सर्विसिंग नहीं हुई है या आप जहां काम कर रहे हैं वहां संक्रमण करने वाले जीवाणु हैं तो आप सेंट्रल एसी की वजह से एलर्जी के शिकार बड़ी आसानी से हो सकते हैं. यह माइक्रोबियल एलर्जी की भी वजह बन सकता है.
